त्वरित लिंक्स
UPTET
1 views
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' की विभिन्न अवस्थाओं और उनके विशिष्ट मानसिक संप्रत्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'संवेदी-गामक अवस्था' (Sensorimotor Stage) के अंतिम चरणों में बालकों में 'वस्तु स्थायित्व' (Object Permanence) का गुण विकसित होता है, जिसके माध्यम से वे यह समझने लगते हैं कि वस्तुएं तब भी अस्तित्व में रहती हैं जब वे प्रत्यक्ष रूप से दिखाई नहीं देती हैं। 2. 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage) के दौरान बच्चों में 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की क्षमता पूरी तरह से विकसित हो जाती है, जिससे वे किसी वस्तु या स्थिति को एक ही समय में कई अलग-अलग पहलुओं और दृष्टिकोणों से देखने में सक्षम हो जाते हैं। 3. 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) में बालकों द्वारा गणितीय संक्रियाओं जैसे जोड़, घटाना और वस्तुओं के वर्गीकरण में 'उत्क्रमणीयता' (Reversibility) या प्रतिलोमता का गुण आ जाता है, जिससे वे किसी क्रिया को वापस उसकी मूल स्थिति में मानसिक रूप से पलट सकते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि 'संवेदी-गामक अवस्था' (जन्म से 2 वर्ष) में वस्तु स्थायित्व (Object Permanence) का विकास होता है, जिससे शिशु यह समझते हैं कि आँख से ओझल होने पर भी वस्तुएं अस्तित्व में रहती हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की क्षमता पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था में नहीं बल्कि 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (7 से 11 वर्ष) में विकसित होती है; पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था के बच्चे 'अकेंद्रण' (Centration) से ग्रसित होते हैं यानी वे किसी स्थिति के केवल एक ही पहलू पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं। कथन 3 सही है क्योंकि मूर्त संक्रियात्मक अवस्था में बालकों के भीतर 'उत्क्रमणीयता' (Reversibility) और 'संरक्षण' (Conservation) जैसी मानसिक संक्रियाओं का विकास भली-भांति हो जाता है। अतः केवल कथन 1 और 3 सही हैं।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों, मेलों और सांस्कृतिक उत्सवों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. ख्याल नृत्य - बुंदेलखंड क्षेत्र (यह नृत्य पुत्र जन्मोत्सव के अवसर पर रंगबिरंगे कागजों और बांसों से मंदिरनुमा प्रतिकृतियां सिर पर रखकर किया जाता है)
2. पाई-डंडा नृत्य - पूर्वांचल क्षेत्र (यह नृत्य गुजरात के डांडिया नृत्य के समान होता है, जिसमें अहीर समुदाय के लोग लाठियों और डंडों के साथ युद्ध कला का प्रदर्शन करते हैं)
3. चरकुला नृत्य - ब्रज क्षेत्र (यह एक घड़ा नृत्य है, जिसमें रथ के पहिये पर 108 दीपों को रखकर सिर पर संतुलित किया जाता है और यह नृत्य राधा-कृष्ण की आराधना में किया जाता है)
4. कर्मा नृत्य - सोनभद्र और मिर्जापुर क्षेत्र (यह खरवार और गोंड जनजातियों द्वारा फसल कटाई और प्रकृति पूजा के अवसर पर किया जाने वाला एक पारंपरिक लोक नृत्य है)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के पठार और थकान' (Plateaus in Learning and Fatigue) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) और आर्थर गेट्स द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम पठार' (Plateaus in Learning) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'लेट्रल इन्ट्रापैरिएटल कॉर्टेक्स' (Lateral Intraparietal Cortex), और 'रेटिकुलर एक्टिवेटिंग सिस्टम' (Reticular Activating System - RAS) के बीच संज्ञानात्मक संतृप्ति (Cognitive Saturation), सिनैप्टिक थकान (Synaptic Fatigue), और कार्यकारी नियंत्रण शमन की सक्रियण गतिकी, तथा कार्ल जंग और विलियम जेम्स के ध्यान विस्थापन सिद्धांतों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-प्लेटॉ ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Plateau Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में ब्रेक प्रबंधन, कार्य-विविधता (Task Variety) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प, पारंपरिक कलाओं और उनकी विशिष्ट भौगोलिक पहचान (जीआई टैग / एक जिला एक उत्पाद) के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. मूँज उत्पाद (Moonj Product) - अमेठी और सुल्तानपुर
2. ब्लैक पॉटरी (काली मिट्टी के बर्तन) - निजामाबाद, आज़मगढ़
3. ढोलक निर्माण (Dholak Manufacturing) - अमरोहा
4. लकड़ी के खिलौने और नक्काशी - मेरठ और मुरादाबाद
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की निम्नलिखित में से कौन सी एक प्रमुख विशेषता है जो इस चरण को पूर्ववर्ती 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' से अलग करती है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समाजीकरण की प्रक्रिया' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, उरी ब्रॉन्फेनब्रेनर (Urie Bronfenbrenner) द्वारा प्रतिपादित 'पारिस्थितिकीय प्रणाली सिद्धांत' (Ecological Systems Theory: माइक्रোসিস্টम, मेसोसिस्टम, एक्सोसिस्टम, मैक्रोसिस्टम और क्रोनोसिस्टम) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब', 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), और 'सोशल ब्रेन नेटवर्क' (Social Brain Network) के बीच बहु-स्तरीय पर्यावरण एकीकरण, सामाजिक संदर्भ-आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया, और अनुभव-जनित न्यूरोप्लास्टिसिटी की सक्रियण गतिकी, तथा जॉर्ज हर्बर्ट मीड (George Herbert Mead) के 'आत्म के सामाजिक विकास का सिद्धांत' (Theory of Social Self: 'मैं' और 'मुझे') के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-इकोलॉजी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Ecology Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में पर्यावरणीय संवेदनशीलता, सकारात्मक सामाजिक अंतःक्रिया व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.