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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समाजीकरण की प्रक्रिया' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, उरी ब्रॉन्फेनब्रेनर (Urie Bronfenbrenner) द्वारा प्रतिपादित 'पारिस्थितिकीय प्रणाली सिद्धांत' (Ecological Systems Theory: माइक्रোসিস্টम, मेसोसिस्टम, एक्सोसिस्टम, मैक्रोसिस्टम और क्रोनोसिस्टम) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब', 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), और 'सोशल ब्रेन नेटवर्क' (Social Brain Network) के बीच बहु-स्तरीय पर्यावरण एकीकरण, सामाजिक संदर्भ-आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया, और अनुभव-जनित न्यूरोप्लास्टिसिटी की सक्रियण गतिकी, तथा जॉर्ज हर्बर्ट मीड (George Herbert Mead) के 'आत्म के सामाजिक विकास का सिद्धांत' (Theory of Social Self: 'मैं' और 'मुझे') के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-इकोलॉजी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Ecology Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में पर्यावरणीय संवेदनशीलता, सकारात्मक सामाजिक अंतःक्रिया व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

उरी ब्रॉन्फेनब्रेनर का पारिस्थितिकीय प्रणाली सिद्धांत यह स्पष्ट करता है कि बालक का विकास उसके चारों ओर की विभिन्न अंतर्संबंधित प्रणालियों (माइक्रो, मेसो, एक्सो, मैक्रो और क्रोनो सिस्टम) से प्रभावित होता है। न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से, जब बालक इन विविध सामाजिक और पर्यावरणीय स्तरों के साथ अंतःक्रिया करता है, तो मस्तिष्क का सोशल ब्रेन नेटवर्क, पैरिएटल लोब और वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (vmPFC) सक्रिय होकर सामाजिक संदर्भों को संसाधित करते हैं। जॉर्ज हर्बर्ट मीड के 'मैं' (I) और 'मुझे' (Me) के सिद्धांत के साथ इसका समन्वय बच्चों में आत्म-अवधारणा और सामाजिक भूमिकाओं की समझ विकसित करता है। 'न्यूरो-इकोलॉजी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' के तहत यह शिक्षकों को एक ऐसा समावेशी और संवर्धित परिवेश प्रदान करने पर बल देता है जो बहु-स्तरीय पर्यावरणीय संवेदनशीलता के माध्यम से विद्यार्थियों की समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता को उच्चतम स्तर पर ले जा सके। अतः विकल्प (b) सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है।
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की निम्नलिखित विशेषताओं पर विचार कीजिए: 1. इस अवस्था में बालकों का चिंतन केवल मूर्त या प्रत्यक्ष रूप से सामने मौजूद वस्तुओं तक सीमित न रहकर अमूर्त (Abstract) हो जाता है। 2. किशोरों के भीतर 'परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-deductive reasoning) की क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे वे किसी समस्या के समाधान के लिए विभिन्न संभावित विकल्पों या परिकल्पनाओं का तार्किक रूप से परीक्षण कर सकते हैं। 3. यह अवस्था जन्म से लेकर लगभग 2 वर्ष की आयु तक चलती है, जिसमें बालक इंद्रियों और गत्यात्मक क्रियाओं के माध्यम से संसार को समझता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय विभाजन तथा पठारी क्षेत्र के अंतर्गत 'बुंदेलखंड पठार' की विशेषताओं और उसकी मृदा संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बुंदेलखंड का पठारी क्षेत्र उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग में यमुना नदी के दक्षिण में स्थित है, जिसके अंतर्गत झाँसी, महोबा, हमीरपुर, ललितपुर, बांदा और चित्रकूट के कुछ भाग आते हैं, और यह प्राचीन प्री-कैंब्रियन काल की गनीस (Gneiss) और ग्रेनाइट चट्टानों से निर्मित है। 2. इस क्षेत्र की प्रमुख नदियों में बेतवा, केन, धसान और चंबल शामिल हैं, जो उत्तर की ओर बहते हुए यमुना नदी में मिलती हैं और अपने प्रवाह मार्ग में गहरी खड्डों (Ravines) एवं बीहड़ों का निर्माण करती हैं। 3. इस क्षेत्र की मृदा में लाल मृदा के अंतर्गत 'मार', 'काबर', 'परवा' और 'मरुआ' जैसी स्थानीय किस्में पाई जाती हैं, जिनमें कैल्शियम कार्बोनेट की अधिकता होती है और जल धारण क्षमता अत्यंत उच्च होने के कारण यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश में धान और गेहूँ का सबसे अधिक उत्पादन करने वाला बेल्ट माना जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के सिद्धांत' (Theories of Intelligence) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences: भाषाई, तार्किक-गणितीय, संगीतात्मक, शारीरिक-गतिसंवेदी, स्थानिक, अंतर्व्यक्तिगत, अंतराव्यक्तिगत और प्रकृतिवादी बुद्धि) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'टेम्पोरल लोब' (Temporal Lobe), 'पैराइटल लोब' (Parietal Lobe), 'सेरिबेलम' (Cerebellum), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच विशिष्ट डोमेन मॉड्यूलरिटी (Domain Modularity), न्यूरल प्रोसेसिंग मार्गों, और संज्ञानात्मक स्वायत्तता की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के 'त्रित्त्व बुद्धि सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence: विश्लेषणात्मक, रचनात्मक और व्यावहारिक बुद्धि) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-इंटेलिजेंस ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Intelligence Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुआयामी प्रतिभा विकास, विभेदित अनुदेशन (Differentiated Instruction) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा' (Motivation) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक डेविड मैक्लीलैंड (David McClelland) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता सिद्धांत' (Needs Theory / Achievement Motivation Theory) में निम्नलिखित में से किस त्रिविध आवश्यकताओं (Triad of Needs) का उल्लेख किया गया है, जो मानव व्यवहार और सीखने की प्रक्रिया को गहराई से प्रभावित करती हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समासमायोजन और रक्षा तंत्र' (Adjustment and Defense Mechanisms) के संदर्भ में, मनोविश्लेषक सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) द्वारा प्रतिपादित रक्षा तंत्रों में से 'प्रतिक्रिया निर्माण' (Reaction Formation) की मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया को निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
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