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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय विभाजन के अंतर्गत 'विंध्यन पर्वतीय क्षेत्र' (Vindhyan Region) और उसके भौतिक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में स्थित यह क्षेत्र मुख्य रूप से विंध्यन क्रम की प्राचीन बलुआ पत्थर, चूना पत्थर और शेल (Shale) जैसी अवसादी चट्टानों से निर्मित है, जो सोनभद्र और मिर्जापुर जिलों तक विस्तृत हैं।
- 2. इस क्षेत्र की प्रमुख नदियाँ जैसे बेलन, कनहर और रिहंद उत्तर प्रदेश के पठारी भाग से बहती हुई सोन नदी में मिलती हैं, और इन नदियों की घाटियों में प्राचीन पाषाण युगीन (Prehistoric) सभ्यता के महत्वपूर्ण अवशेष प्राप्त हुए हैं।
- 3. विंध्यन क्षेत्र की जलवायु अर्ध-शुष्क होने के कारण यहाँ वनों का विस्तार बहुत कम पाया जाता है और कृषि योग्य भूमि का प्रतिशत उत्तर प्रदेश के मैदानी भागों की तुलना में काफी अधिक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि उत्तर प्रदेश का दक्षिण-पूर्वी भाग (विशेषकर सोनभद्र और मिर्जापुर) विंध्यन क्रम की चट्टानों से बना है, जिसमें बलुआ पत्थर और चूना पत्थर प्रमुख हैं। कथन 2 भी सही है क्योंकि सोनभद्र एवं मिर्जापुर क्षेत्र से बहने वाली बेलन, कनहर और रिहंद नदियाँ सोन की सहायक हैं और बेलन घाटी प्रागैतिहासिक संस्कृतियों का एक प्रमुख केंद्र रही है। कथन 3 गलत है क्योंकि इस क्षेत्र में अर्ध-शुष्क जलवायु के साथ-साथ पथरीली और ऊबड़-खाबड़ भूमि होने के कारण मैदानी भागों की तुलना में कृषि योग्य भूमि का प्रतिशत काफी कम है तथा यहाँ उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन एवं झाड़ियाँ पाई जाती हैं।
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उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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