त्वरित लिंक्स
UPTET
3 views
उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, पक्षी विहारों और उनकी अवस्थिति (जनपद) के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. बख्तियार खिलजी वन्यजीव विहार - बलिया
- 2. पटना पक्षी विहार - एटा (राज्य का सबसे छोटा पक्षी विहार)
- 3. जय प्रकाश नारायण (सुरहा ताल) पक्षी विहार - बलिया
- 4.
लाख बहोसी पक्षी विहार - कन्नौज (राज्य का सबसे बड़ा पक्षी विहार) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
युग्म 1 गलत है क्योंकि 'बख्तियार खिलजी' नाम से उत्तर प्रदेश में कोई प्रमुख वन्यजीव विहार नहीं है, बल्कि 'बखिरा वन्यजीव विहार' संत कबीर नगर में स्थित है। युग्म 2 सही है, पटना पक्षी विहार एटा जनपद में स्थित है और यह उत्तर प्रदेश का सबसे छोटा पक्षी विहार है। युग्म 3 सही है, जय प्रकाश नारायण पक्षी विहार (जिसे सुरहा ताल भी कहा जाता है) बलिया जिले में स्थित है। युग्म 4 सही है, लाख बहोसी पक्षी विहार कन्नौज जिले में स्थित है और यह क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा पक्षी विहार है। अतः केवल 2, 3 और 4 सही सुमेलित हैं।
Related Questions
→
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत और लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्संबंधों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पियाजे के अनुसार, जब बालक अपनी मौजूदा मानसिक संरचना (Schema) में बिना किसी बड़े बदलाव के नए अनुभव को व्यवस्थित कर लेता है, तो इस प्रक्रिया को 'समावेशन' (Assimilation) कहा जाता है, जबकि कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में 'पारंपरिक नैतिकता का स्तर' (Conventional Morality) इस बात पर केंद्रित है कि बालक समाज के नियमों, सामाजिक व्यवस्था और दूसरों की स्वीकृति को बनाए रखने के लिए नैतिक निर्णय लेता है।
2. पियाजे की 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में बालक के भीतर निगमनात्मक तर्क (Deductive Reasoning) और अमूर्त चिंतन की क्षमता पूरी तरह विकसित हो जाती है, जो कोहलबर्ग के नैतिक विकास के 'उत्तर-रूढ़िगत स्तर' (Post-conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले 'सार्वभौमिक नैतिक विवेक अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) को समझने के लिए एक आवश्यक संज्ञानात्मक आधार प्रदान करती है।
3. कोहलबर्ग के अनुसार, नैतिक विकास की अवस्थाएँ अपरिवर्तनीय और सार्वभौमिक होती हैं, और उनका क्रम हमेशा पूर्व-रूढ़िगत से रूढ़िगत तथा अंततः उत्तर-रूढ़िगत स्तर की ओर ही आगे बढ़ता है, जिसे पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के चरणों की तरह पीछे की अवस्था में नहीं लौटाया जा सकता।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय विभाजन के अंतर्गत 'भाबर क्षेत्र' (Bhabar Region) की विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भाबर क्षेत्र हिमालय के गिरिपद (Foot Hills) में शिवालिक श्रेणी के ठीक दक्षिण में एक संकीर्ण (लगभग 8 से 16 किमी चौड़ी) पेटी के रूप में सहारनपुर से लेकर कुशीनगर तक पश्चिम से पूर्व फैला हुआ है।
2. इस क्षेत्र में नदियाँ ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों से उतरते समय अपने साथ भारी मात्रा में बड़े-बड़े बोल्डर, कंकड़ और पत्थर बहाकर लाती हैं और उन्हें यहाँ निक्षेप कर देती हैं, जिसके परिणामस्वरूप इस अत्यधिक पारगम्य (Permeable) क्षेत्र में अधिकांश छोटी नदियाँ धरातल के नीचे विलुप्त (गायब) होकर प्रवाहित होती हैं।
3. अत्यधिक पथरीली और कंकड़-पत्थर युक्त मृदा होने के कारण भाबर क्षेत्र कृषि के लिए अत्यधिक उपयुक्त माना जाता है, जहाँ गेحूँ और गन्ने की सघन खेती की जाती है, जबकि यहाँ बड़े पैमाने पर सघन वन भी पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं जलवायु विभाजन के संदर्भ में, राज्य में 'ग्रीष्म ऋतु' के दौरान चलने वाली अत्यधिक गर्म और शुष्क हवाओं (लू) के प्रभाव क्षेत्र और उनकी उत्पत्ति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक सटीक और वैज्ञानिक रूप से सही है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'मूर्त्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage: लगभग 7 से 11 वर्ष) की निम्नलिखित प्रमुख विशेषताओं पर विचार कीजिए:
1. इस अवस्था में बालक में 'संरक्षण' (Conservation) की क्षमता विकसित हो जाती है, जिससे वह यह समझ जाता है कि किसी वस्तु के आकार, रूप या रंग में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, द्रव्यमान या आयतन अपरिवर्तित रहता है।
2. बालक 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) की योग्यता हासिल कर लेता है, जिसके कारण वह किसी समस्या या वस्तु को केवल एक ही आयाम (Dimension) से देखने के बजाय एक साथ कई पहलुओं पर ध्यान केंद्रित कर पाता है।
3. इस चरण के दौरान बालक 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक तर्क (Hypothetico-Deductive Reasoning) करने में पूरी तरह सक्षम हो जाता है, जो इस सिद्धांत की अंतिम अवस्था की मुख्य पहचान है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
→
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय विभाजन तथा आर्थिक परिदृश्य के संदर्भ में 'विंध्यन पर्वतीय एवं पठारी क्षेत्र' की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिण में स्थित यह क्षेत्र मुख्य रूप से मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली और चित्रकूट जनपदों के दक्षिणी भागों में फैला हुआ है, जो कैमूर और सोनार श्रेणियों के रूप में विंध्यन क्रम की प्राचीन चट्टानों से निर्मित है।
2. इस क्षेत्र की स्थलाकृति अत्यधिक पथरीली, असमतल और सूखी होने के कारण यहाँ की मृदा मुख्य रूप से 'लाल और सघन' (Red Soil) प्रकार की है, जिसमें जल धारण क्षमता कम होने के कारण सिंचाई के लिए मुख्य रूप से पक्के कुओं और नहरों की अत्यधिक आवश्यकता होती है।
3. विंध्यन क्षेत्र में खनिज संसाधनों की दृष्टि से चूना पत्थर (Limestone), डोलोमाइट, नॉन-प्लास्टिक फायरक्ले और ग्लास सैंड (शीशा बालू) के प्रचुर भंडार पाए जाते हैं, जिसके कारण इस क्षेत्र में सीमेंट, कांच और खनन आधारित उद्योगों का अच्छा विकास हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.