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UPTET
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प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण-अधिगम में 'मानचित्र कौशल' (Mapping Skills) के विकास के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. प्राथमिक कक्षाओं में मानचित्र पठन और अंकन सिखाने का मुख्य उद्देश्य बच्चों में दिशाओं का सापेक्षिक ज्ञान, स्थानों की स्थिति का अनुमान और प्रतीकों (Symbols) को समझने की तार्किक क्षमता का विकास करना है, न कि उन्हें पेशेवर कार्टोग्राफर बनाना।
  2. 2. पर्यावरण अध्ययन के पाठ्यक्रम में मानचित्र का प्रयोग केवल उच्च प्राथमिक और माध्यमिक कक्षाओं के भूगोल विषय के लिए आरक्षित होना चाहिए, क्योंकि प्राथमिक स्तर के बच्चे अमूर्त संकेतों और पैमाना (Scale) आधारित गणनाओं को समझने में पूरी तरह अक्षम होते हैं।
  3. 3. प्राथमिक स्तर पर बच्चों को उनके घर से विद्यालय तक के मार्ग का रेखाचित्र (Sketch) बनाने के लिए प्रोत्साहित करना उनकी स्थानिक समझ (Spatial Understanding) और अवलोकन कौशल को मजबूत करने की एक अत्यंत प्रभावी शिक्षण रणनीति है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन में मानचित्र कौशल का उद्देश्य बच्चों में दिशाओं की समझ, स्थानिक संबंध (Spatial Relationships) और प्रतीकों के प्रयोग की बुनियादी क्षमता विकसित करना है। कथन 2 गलत है क्योंकि NCF-2005 और प्राथमिक EVS पाठ्यक्रम के अनुसार, मानचित्र कौशल प्राथमिक स्तर की ईवीएस का एक अभिन्न अंग है और इसे बच्चों की आयु के अनुकूल सरल रूप में शामिल किया जाता है। कथन 3 सही है क्योंकि बच्चों को अपने घर या आसपास के क्षेत्रों का स्केच बनाने के अवसर देने से उनकी स्थानिक समझ और मानसिक मानचित्रण (Mental Mapping) की क्षमता का विकास होता है। अतः सही विकल्प (c) है।
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