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UPTET
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य सामान्य विद्यालयों में सभी बच्चों (चाहे वे शारीरिक, मानसिक, सामाजिक या भाषाई रूप से भिन्न हों) को एक साथ शिक्षित करना है, जिससे 'विशेष विद्यालयों' की आवश्यकता पूरी तरह समाप्त हो जाती है और सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित होते हैं।
- 2. शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act, 2009) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) दोनों ही दिव्यांग बच्चों की मुख्यधारा की शिक्षा और उनके लिए बाधा-मुक्त (Barrier-free) पर्यावरण के निर्माण पर विशेष बल देते हैं।
- 3. समावेशी शिक्षा केवल 'एकीकरण' (Integration) का ही दूसरा रूप है, जिसमें छात्रों को बिना किसी विशेष पाठ्यचर्या संबंधी बदलाव या शिक्षक के दृष्टिकोण में परिवर्तन के सामान्य कक्षाओं में बैठा दिया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि समावेशी शिक्षा का उद्देश्य सामान्य विद्यालयों में सभी पृष्ठफाूमियों के बच्चों को एक साथ शिक्षा देना है, जिससे विशेष विद्यालयों पर निर्भरता कम हो सके। कथन 2 सही है क्योंकि RTE Act 2009 और NEP 2020 दोनों ही समावेशी और सुगम्य शिक्षा परिवेश की वकालत करते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) और 'एकीकरण' (Integration) दोनों अलग अवधारणाएं हैं; एकीकरण में छात्र को प्रणाली के अनुसार ढलना होता है, जबकि समावेशी शिक्षा में विद्यालय प्रणाली बच्चे की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार खुद को बदलती है और पाठ्यक्रम तथा शिक्षण विधियों में आवश्यक संशोधन करती है।
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