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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, मृदा अपरदन और कृषि संबंधी विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी और पश्चिमी जिलों (विशेषकर आगरा, इटावा और औरैया) में यमुना और उसकी सहायक नदियों द्वारा तीव्र जल प्रवाह के कारण 'अवनलिका अपरदन' (Gully Erosion) होता है, जिसके फलस्वरूप ऊबड़-खाबड़ और गहरी घाटियों वाले 'बीहड़' (Ravines) क्षेत्रों का निर्माण हुआ है।
- 2. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में पाई जाने वाली मिट्टी मुख्यतः मटियाियार और दोमट होती है, जिसमें नाइट्रोजन और फास्फोरस की प्रचुरता होती है, लेकिन इसमें पोटाश और चूने की अत्यधिक कमी पाई जाती है जिसके कारण यहाँ केवल बाजरा और ज्वार की खेती की जाती है।
- 3. राज्य के पूर्वी मैदानी क्षेत्रों में जलभराव और मिट्टी की क्षारीयता (Alkalinity) को दूर करने के लिए जिप्सम (Gypsum) के प्रयोग की संस्तुति की जाती है, क्योंकि यह मृदा के पीएच (pH) मान को संतुलित करने में सहायक होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि उत्तर प्रदेश के दक्षिण-पश्चिम व पश्चिमी भागों (यमुना के कछार) में अवनलिका अपरदन से बीहड़ का निर्माण हुआ है। कथन 2 गलत है क्योंकि तराई क्षेत्र की मिट्टी में नाइट्रोजन और ह्यूमस की तो अधिकता हो सकती है, लेकिन यह क्षेत्र धान और गन्ने के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है, न कि केवल बाजरा और ज्वार के लिए (बाजरा/ज्वार शुष्क बुंदेलखंड या पश्चिमी यूपी की कम वर्षा वाली मिट्टी में उगाए जाते हैं)। कथन 3 सही है क्योंकि उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मध्य मैदानी भागों में पाई जाने वाली उसर या क्षारीय मिट्टी के सुधार के लिए जिप्सम एक प्रभावी रासायनिक संशोधन कारक है, जो पीएच मान को कम करता है।
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं जलवायु संदर्भ में, राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग कितना प्रतिशत भाग 'तराई क्षेत्र' (Terai Region) के अंतर्गत आता है, जो अपनी दलदली भूमि, सघन वनों और उच्च आर्द्रता के लिए जाना जाता है?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और दर्शन के संदर्भ में, 'वैशेषिक दर्शन' और उसके प्रणेता महर्षि कणाद द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वैशेषिक दर्शन के प्रवर्तक महर्षि कणाद (उलूक) हैं, और यह एक भौतिकवादी एवं pluralistic (बहुवादी) दर्शन है जो इस ब्रह्मांड की रचना 'परमाणुवाद' (Atomic Theory) के सिद्धांत पर आधारित मानता है।
2. इस दर्शन के अनुसार, संपूर्ण भौतिक जगत अदृश्य और अविभाज्य 'परमाणुओं' से मिलकर बना है, और पृथ्वी, जल, तेज (अग्नि) तथा वायु- इन चार द्रव्यों के परमाणु नित्य होते हैं, जबकि आकाश को परमाणु नहीं बल्कि एक अमूर्त विभु द्रव्य माना गया है।
3. वैशेषिक दर्शन न्याय दर्शन के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ है (इसे न्याय-वैशेषिक युग्म भी कहा जाता है), और यह मोक्ष प्राप्ति के लिए 'पदार्थों के तत्वज्ञान' (षड्धर्मों या छह श्रेणियों- द्रव्य, गुण, कर्म, सामान्य, विशेष और समवाय का ज्ञान) को आवश्यक मानता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव विहारों, पक्षी विहारों और उनकी स्थापना वर्ष तथा भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार' उत्तर प्रदेश का सबसे पहला (प्रथम) वन्यजीव विहार है, जो चंदौली जिले में स्थित है और इसकी स्थापना वर्ष 1957 में की गई थी।
2. 'हास्तिनापुर वन्यजीव विहार' क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा वन्यजीव विहार है, जो मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा और गाजियाबाद जिलों तक फैला हुआ है।
3. 'लाख बहोसी पक्षी विहार' उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में स्थित है और यह क्षेत्रफल की दृष्टि से राज्य का सबसे बड़ा पक्षी विहार है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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