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UPTET
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प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण-अधिगम में 'पोर्टफोलियो' (Portfolio) के उपयोग और इसके मूल्यांकन संबंधी विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. पोर्टफोलियो बच्चों के कार्यों का एक ऐसा संग्रह होता है जो एक निश्चित समयावधि (जैसे सत्र भर) में उनके द्वारा किए गए प्रयासों, प्रगति और उपलब्धियों को क्रमिक रूप से प्रदर्शित करता है।
- 2. यह बच्चों को उनके अपने सीखने के आकलन में सक्रिय रूप से शामिल होने और स्व-मूल्यांकन (Self-assessment) करने का अवसर प्रदान करता है, क्योंकि छात्र स्वयं अपने सर्वश्रेष्ठ कार्य इसमें संकलित करते हैं।
- 3. पोर्टफोलियो मूल्यांकन का उपयोग केवल योगात्मक मूल्यांकन (Summative Assessment) के एक मानकीकृत साधन के रूप में किया जाता है, जिसमें वर्ष के अंत में बच्चों की क्षमताओं को केवल एक अंकीय ग्रेड या अंक प्रदान किए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 और 2 सही हैं क्योंकि पोर्टफोलियो बच्चों के कार्यों का एक व्यवस्थित और क्रमिक संग्रह होता है जो उनकी प्रगति, विकास और सीखने की प्रक्रिया को लंबे समय तक दर्शाता है तथा यह स्व-मूल्यांकन को भी बढ़ावा देता है। कथन 3 गलत है क्योंकि पोर्टफोलियो मुख्य रूप से 'रचनात्मक मूल्यांकन' (Formative Assessment) और गुणात्मक आकलन का एक साधन है, न कि केवल योगात्मक मूल्यांकन या अंकीय ग्रेडिंग का।
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण शास्त्र और पाठ्यचर्या के संदर्भ में, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन को एक एकीकृत (Integrated) विषय के रूप में पढ़ाने का मुख्य शैक्षिक उद्देश्य निम्नलिखित में से किस दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है?
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उत्तर प्रदेश की मृदा एवं कृषि विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्यवर्ती मैदानी क्षेत्रों में पाई जाने वाली 'नवीन जलोढ़ मृदा' को 'खादर' (Khadar) कहा जाता है, जिसमें पोटाश और चूने की प्रचुरता होती है, किंतु नाइट्रोजन और ह्यूमस की कमी पाई जाती है।
2. बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' (Mar) और 'काबर' (Kabar) मृदाएँ चिकनी और भारी काली मिट्टी जैसी होती हैं, जो सूखने पर कठोर हो जाती हैं और जिनमें नमी धारण करने की अत्यधिक क्षमता होती है।
3. राज्य के पर्वतीय एवं तराई क्षेत्रों में पाई जाने वाली 'राँड़' (Randh) और 'पंडुवा' (Parwa) मृदाएँ अत्यधिक उपजाऊ होती हैं और उनमें रासायनिक उर्वरकों के बिना भी धान और गेहूँ की बंपर पैदावार होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भूगोल और अपवाह तंत्र के संदर्भ में, राज्य की निम्नलिखित में से कौन सी नदी 'दक्कन ट्रैप' (Deccan Trap) की चट्टानों से निकलने वाली बेतवा नदी की प्रमुख सहायक नदी है तथा वह हमीरपुर जिले के समीप किस स्थान पर यमुना नदी में अपना जल विसर्जित करती है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के सिद्धांत' (Theories of Intelligence) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences: भाषाई, तार्किक-गणितीय, स्थानिक, संगीत, शारीरिक-गतिसंवेदी, अंतरापस और अंतरावैक्तिक बुद्धि) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'टेम्पोरल लोब' (Temporal Lobes), 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobes), और 'सेरिबेलम' (Cerebellum) के बीच मॉड्यूलर कॉर्टिकल सक्रियण, डोमेन-विशिष्ट तंत्रिका नेटवर्क (Domain-specific Neural Networks), और सूचना प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा चार्ल्स स्पीयरमैन के 'द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory: g-factor और s-factor) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-इंटेलिजेंस ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Intelligence Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुआयामी प्रतिभा विकास, विभेदित अनुदेशन (Differentiated Instruction) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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हिंदी भाषा शिक्षण और व्याकरण के अंतर्गत 'वाक्य संरचना' (Syntax) तथा 'अर्थ के आधार पर वाक्य के भेदों' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अर्थ के आधार पर वाक्य के कुल आठ भेद होते हैं, जिनमें 'विधानवाचक वाक्य', 'निषेधवाचक वाक्य', 'प्रश्नवाचक वाक्य', 'आज्ञावाचक वाक्य', 'इच्छावाचक वाक्य', 'संदिग्धवाचक वाक्य', 'संकेतवाचक वाक्य' और 'विस्मयादिबोधक वाक्य' शामिल हैं।
2. 'इच्छावाचक वाक्य' वे वाक्य होते हैं जिनसे वक्ता की किसी प्रकार की शुभकामना, आशीर्वाद या इच्छा का बोध होता है, जैसे: "भगवान तुम्हें लंबी आयु दे!"।
3. रचना या बनावट के आधार पर वाक्य के तीन प्रमुख भेद माने जाते हैं— सरल वाक्य, संयुक्त वाक्य और मिश्र वाक्य; और मिश्र वाक्य में एक मुख्य (प्रधान) उपवाक्य होता है तथा अन्य आश्रित उपवाक्य होते हैं जो सामान्यतः 'कि', 'जो', 'चूँकि', 'यदि...तो', 'यद्यपि...तथापि' जैसे व्याधिकरण समुच्चयबोधक शब्दों से जुड़े होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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