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उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध मेलों, उत्सवों और पारंपरिक त्योहारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में लगने वाला 'बटेश्वर मेला' एक प्रसिद्ध पशु मेला है, जो यमुना नदी के तट पर आयोजित किया जाता है और इसे ऊँटों और अन्य पशुओं की खरीद-बिक्री के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। 2. उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में आयोजित होने वाला 'ढ्रपद मेला' और वाराणसी में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला 'ध्रपद मेला' उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संजोए रखने के बड़े आयोजन हैं, जहाँ देश-विदेश के शास्त्रीय संगीतकार अपनी प्रस्तुतियां देते हैं। 3. उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में लगने वाला 'कंपिला मेला' जैन धर्म से संबंधित है, क्योंकि कंपिला को जैन धर्म के तेरहवें तीर्थंकर भगवान विमलनाथ का जन्म स्थल माना जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि प्रसिद्ध 'बटेश्वर मेला' उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में यमुना नदी के तट पर लगता है, न कि मेरठ में। यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा पशु मेला है जहाँ मुख्य रूप से ऊँट, घोड़े और अन्य पशुओं का क्रय-विक्रय होता है। कथन 2 सत्य है क्योंकि वाराणसी में प्रतिवर्ष 'ध्रपद मेला' का आयोजन बड़े पैमाने पर किया जाता है जिसमें ध्रपद गायन और शास्त्रीय संगीत का प्रदर्शन होता है। कथन 3 सत्य है क्योंकि फर्रुखाबाद जिले का कंपिला (कंपिल) क्षेत्र जैन धर्म के 13वें तीर्थंकर भगवान विमलनाथ की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है, जहाँ प्रतिवर्ष जैन मेला या कंपिला मेला लगता है। अतः केवल कथन 2 और 3 सही हैं।
Related Questions
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और वेदों के अध्ययन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राचीन गुरुकुल प्रणाली में शिक्षा का आरंभ 'उपनयन संस्कार' (नयन संस्कार) के साथ होता था, जो सामान्यतः 8 से 12 वर्ष की आयु के बीच संपन्न कराया जाता था, और इसके पश्चात छात्र को 'द्विज' की संज्ञा दी जाती थी।
2. वैदिक काल में उच्च शिक्षा पूरी होने के बाद छात्रों के समावर्तन संस्कार का विधान था, जिसके बाद वे 'स्नातक' कहलाते थे और गृहस्थ आश्रम में प्रवेश करने के लिए अपने घर लौटते थे।
3. प्राचीन काल में उत्तर प्रदेश के नैमिषारण्य को वेदों और पुराणों के अध्ययन का प्रमुख केंद्र माना जाता था, जहाँ महर्षि दधीचि और अन्य ऋषियों ने वेदों के संकलन एवं अध्यापन कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश की पुरातात्विक साइटों, ऐतिहासिक नगरों और उनसे जुड़ी प्रमुख नदियों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. हस्तिनापुर - गंगा नदी के तट पर स्थित पौराणिक नगर (मेरठ जिला)
2. कौशाम्बी - यमुना नदी के तट पर स्थित प्राचीन वत्स महाजनपद की राजधानी
3. अहिच्छत्र - रामगंगा नदी के तट पर स्थित प्राचीन पांचाल महाजनपद की राजधानी (बरेली जिला)
उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रेक्षणात्मक अधिगम (Observational Learning) की प्रक्रिया में शामिल चार क्रमिक चरणों का सही क्रम निम्नलिखित में से कौन सा है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा और व्यक्तिगत भिन्नताएं' (Inclusive Education and Individual Differences) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हावर्ड गार्डनर और कार्ल जुंग के दृष्टिकोण के आधार पर 'शिक्षार्थियों की वैयक्तिक भिन्नताओं और शिक्षण शैलियों' (Learning Styles) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'सोमैटोसेंसरी कॉर्टेक्स' (Somatosensory Cortex), 'विजुअल कॉर्टेक्स' (Visual Cortex), और 'ऑडिटरी कॉर्टेक्स' (Auditory Cortex) के बीच संवेदी एकीकरण (Sensory Integration), न्यूरल प्लास्टिसिटी (Neural Plasticity), और मल्टी-मोडल प्रोसेसिंग की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड कोब (David Kolb) के 'experiential learning cycle' (अनुभवात्मक अधिगम चक्र: ठोस अनुभव, चिंतनशील अवलोकन, अमूर्त अवधारणा और सक्रिय प्रयोग) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डाइवर्सिटी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Diversity Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में विभेदित निर्देश (Differentiated Instruction), बहुसंवेदी शिक्षण रणनीतियों व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक विभाजन और भूगर्भीय संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का भौगोलिक क्षेत्र मुख्य रूप से तीन स्पष्ट प्राकृतिक प्रदेशों में विभाजित है: भावर-तराई क्षेत्र, गंगा-यमुना का विशाल मैदान, और दक्षिण का पठारी (बुंदेलखंड) क्षेत्र।
2. 'भावर' क्षेत्र शिवालिक पहाड़ियों के ठीक दक्षिण में स्थित एक संकरी पट्टी है, जहाँ नदियाँ कंकड़-पत्थर और मोटे रेत के नीचे विलुप्त हो जाती हैं और आगे चलकर 'तराई' क्षेत्र में धरातल पर पुनः प्रकट होती हैं।
3. उत्तर प्रदेश का दक्षिण का पठारी क्षेत्र प्राचीन गोंडवाना लैंड का एक भाग है, जिसकी उत्तरी सीमा यमुना और गंगा नदियाँ निर्धारित करती हैं, और इस क्षेत्र में मुख्य रूप से लाल मृदा जैसे 'मार', 'परवा', 'मारू' और 'काबर' पाई जाती हैं।
4. उत्तर प्रदेश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का सबसे बड़ा हिस्सा मैदानी क्षेत्र (गंगा-यमुना का मैदान) द्वारा आच्छादित है, जो अत्यधिक उपजाऊ जलोढ़ मृदा से निर्मित है और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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