त्वरित लिंक्स
UPTET
1 views
कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता स्तर (Post-conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) चरण में व्यक्ति यह मानता है कि नियम और कानून पूर्ण, अपरिवर्तनीय और समाज की रक्षा के लिए सर्वोपरि हैं, भले ही वे मानवाधिकारों के विरुद्ध हों। 2. रूढ़िगत नैतिकता स्तर (Conventional Morality) के 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' (Good Boy-Good Girl) अभिविन्यास में बालक दूसरों की स्वीकृति प्राप्त करने और सामाजिक रूप से अनुमोदित व्यवहार करने के लिए प्रेरित होता है। 3. पूर्व-रूढ़िगत नैतिकता स्तर (Pre-conventional Morality) के 'दंड और आज्ञापालन अभिविन्यास' (Obedience and Punishment Orientation) में नैतिक निर्णय पूरी तरह से शारीरिक परिणामों (जैसे सजा से बचना) पर आधारित होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) चरण उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता का पाँचवाँ चरण है, जिसमें व्यक्ति यह समझता है कि नियम लचीले होते हैं और यदि कोई कानून मानवाधिकारों या समाज के कल्याण के विरुद्ध हो, तो उसे बदला जा सकता है। नियम को पूर्ण और अपरिवर्तनीय मानना पारंपरिक स्तर के 'कानून और व्यवस्था अभिविन्यास' (Law and Order Orientation) की विशेषता है। कथन 2 सत्य है; रूढ़िगत स्तर पर 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' अभिविन्यास में बच्चा सामाजिक प्रशंसा और दूसरों की नजरों में अच्छा बनने के लिए कार्य करता है। कथन 3 सत्य है; पूर्व-रूढ़िगत स्तर के प्रथम चरण में दंड से बचने की प्रवृत्ति सर्वोपरि होती है।
Related Questions
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और विस्मरण' (Memory and Forgetting) के संदर्भ में, जर्मन मनोवैज्ञानिक हरमन एबिंगहॉउस (Hermann Ebbinghaus) द्वारा 1885 में किए गए प्रयोगात्मक अध्ययन पर आधारित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) के अनुसार, अधिगम के तुरंत बाद शुरुआती घंटों में होने वाले तीव्र स्मृति हास (Rapid Initial Memory Loss) को रोकने या कम करने के लिए, आधुनिक संज्ञानात्मक मनोविज्ञान और शैक्षिक अनुसंधान के तहत निम्नलिखित में से कौन सी सबसे प्रभावी रणनीति मानी जाती है?
→
उत्तर प्रदेश की खनिज संपदा और खनन नीति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के दक्षिण में स्थित बुंदेलखंड क्षेत्र (विशेषकर बांदा, महोबा, ललितपुर और हमीरपुर जिले) देश के प्रमुख खनिज-संपन्न क्षेत्रों में आता है, जहाँ विंध्यन और बुंदेलखंड गनीस शैलों से डायमंड, यूरेनियम, तांबा, और संगमरमर जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में प्राप्त होते हैं।
2. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा घोषित 'नवीन खनिज नीति' के तहत खनन क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण, पारदर्शी ई-टेण्डरिंग और अवैध खनन रोकने के लिए 'भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय' के माध्यम से सख्त कदम उठाए गए हैं, और राज्य में 'चूना पत्थर' का सबसे बड़ा भंडार मिर्जापुर तथा सोनभद्र जिलों में केंद्रित है।
3. सोनभद्र और मिर्जापुर जिलों में पाई जाने वाली प्रचुर मात्रा में नॉन-कोकिंग कोयला जैसी ऊर्जा खनिज संरचनाओं के कारण उत्तर प्रदेश देश का शीर्ष कोयला उत्पादक राज्य बन गया है, जो अपनी कुल आवश्यकता का 50% से अधिक घरेलू उत्पादन से पूरा करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन तथा उत्तर प्रदेश के इतिहास के संदर्भ में, वर्ष 1925 में हुए प्रसिद्ध 'काकोरी ट्रेन एक्शन' (Kakori Train Action) के क्रांतिकारियों का बचाव करने के लिए गठित मुख्य कानूनी सहायता समिति के अध्यक्ष निम्नलिखित में से कौन थे?
→
हिंदी भाषा शिक्षण में 'पठन कौशल' (Reading Skill) के विकास के दौरान 'मौन पठन' (Silent Reading) का मुख्य उद्देश्य क्या होता है, और यह सस्वर पठन की तुलना में किस प्रकार श्रेष्ठ माना जाता है?
→
पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण में 'समस्या समाधान विधि' (Problem-Solving Method) का प्रयोग करते समय निम्नलिखित में से किस चरण को सबसे अधिक तार्किक और वैज्ञानिक माना जाता है, जो विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय चिंतन कौशल (HOTS) का विकास करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.