त्वरित लिंक्स
UPTET
1 views
उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक, पुरातात्विक स्थलों और उनकी अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. हुलास (Hulas) - सहारनपुर जिला (हस्तशिल्प और चित्रित धूसर मृद्भांड/PGW संस्कृति का प्रमुख पुरास्थल) 2. राजा नल का टीला (Raja Nal Ka Tila) - महोबा जिला (यहाँ से प्राचीन लौह युगीन संस्कृति और कृषि अवशेष प्राप्त हुए हैं) 3. भगवानपुर (Bhagwanpur) - खेड़ा ज़िला / शामली जिला (हड़प्पा सभ्यता से जुड़ा एक ग्रामीण स्थल) 4. सराय नाहर राय (Sarai Nahar Rai) - प्रतापगढ़ जिला (मध्य पाषाण कालीन मानव कंकाल और समाधि स्थल) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी पुरातात्विक स्थलों का मिलान इस प्रकार है: 1. हुलास सहारनपुर जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण हड़प्पाोत्तर और चित्रित धूसर मृद्भांड (PGW) संस्कृति का स्थल है, जो बिल्कुल सही है। 2. राजा नल का टीला महोबा जिले में स्थित है जहाँ से प्राचीन लौह युग के साक्ष्य मिले हैं, यह भी सही है। 3. भगवानपुर स्थल सहारनपुर जिले में स्थित है (न कि शामली या खेड़ा में, हालांकि यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ही है, किंतु आधिकारिक और भौगोलिक वर्गीकरण के अनुसार भगवानपुर कुरुक्षेत्र/सहारनपुर बेल्ट से संबंधित है, इसलिए तीसरा कथन भ्रामक/अशुद्ध माना जा सकता है क्योंकि भगवानपुर का सटीक जिला सहारनपुर है)। 4. सराय नाहर राय और महदहा प्रतापगढ़ जिले में स्थित प्रसिद्ध मध्य पाषाण कालीन (Mesolithic) स्थल हैं जहाँ से मानवीकृत समाधियाँ और कंकाल मिले हैं, जो कि पूर्णतः सत्य है। अतः कथन 1, 2 और 4 सही हैं।
Related Questions
→
बच्चों के संज्ञानात्मक विकास (Cognitive Development) और जीन पियाजे के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जीन पियाजे के अनुसार, 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) में बच्चे अमूर्त चिंतन (Abstract Thinking), निगमनात्मक तर्क (Deductive Reasoning) और परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक समस्याओं को हल करने की क्षमता विकसित कर लेते हैं।
2. 'संरक्षण' (Conservation) की अवधारणा, जिसके तहत यह समझा जाता है कि किसी वस्तु के रूप या आकार बदलने से उसकी मात्रा, द्रव्यमान या आयतन में कोई परिवर्तन नहीं होता, पियाजे की 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage) के दौरान ही पूरी तरह से बच्चों में परिपक्व हो जाती है।
3. पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'स्कीमा' (Schema) मानसिक संरचनाओं या ज्ञान के पैटर्न्स को संदर्भित करता है, जिन्हें बच्चा नए अनुभवों के आधार पर 'आत्मसातकरण' (Assimilation) और 'समायोजन' (Accommodation) की प्रक्रियाओं द्वारा संशोधित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के वक्र' (Learning Curves) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से 'मिश्रित अधिगम वक्र' (Mixed Learning Curve) या जिसे अक्सर 'एस-आकार का वक्र' (S-Shaped Curve) भी कहा जाता है, की संरचना और विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और विस्मरण के सिद्धांत (Theories of Memory and Forgetting)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हरमन एबिंगhaus (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) तथा 'हर्ब-डॉन लर्निंग हाइपोथैसिस' (Hebb's Rule / Long-Term Potentiation) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), और 'अमिकडाला' (Amygdala) के बीच सिनैप्टिक समेकन (Synaptic Consolidation), ट्रेसेज़ क्षय (Trace Decay), और दीर्घकालिक स्मृति रूपांतरण की सक्रियण गतिकी, तथा एलिजाबेथ लेंटफस (Elizabeth Loftus) के 'स्मृति विरूपण' (Memory Distortion / Misinformation Effect) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मेमोरी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Memory Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सार्थक पुनरावृत्ति, संवेदी कूटबद्धता व समग्र दीर्घकालिक स्मरण शक्ति के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
बाल विकास और मनोविज्ञान के संदर्भ में, 'एरिक एरिक्सन' के मनोसामाजिक विकास के सिद्धांत (Psychosocial Development Theory) की किस अवस्था को 'पहचान बनाम भूमिका भ्रम' (Identity vs. Role Confusion) कहा जाता है, तथा यह विकास की किस आयु अवधि से संबंधित है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि परीक्षण और मापन' के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक आर्थर जेनसेन (Arthur Jensen) द्वारा मानसिक योग्यताओं के पदानुक्रमित वर्गीकरण (Hierarchical Theory of Intelligence) के अंतर्गत बौद्धिक कार्यों को मुख्य रूप से दो स्तरों—'लेवल-I (Level-I Learning)' और 'लेवल-II (Level-II Learning)'—में विभाजित किया गया है। इनमें से 'लेवल-I' की क्षमता का संबंध निम्नलिखित में से किससे है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.