त्वरित लिंक्स
UPTET
16 views
उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक, पुरातात्विक स्थलों और उनकी अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. हुलास (Hulas) - सहारनपुर जिला (हस्तशिल्प और चित्रित धूसर मृद्भांड/PGW संस्कृति का प्रमुख पुरास्थल)
- 2. राजा नल का टीला (Raja Nal Ka Tila) - महोबा जिला (यहाँ से प्राचीन लौह युगीन संस्कृति और कृषि अवशेष प्राप्त हुए हैं)
- 3. भगवानपुर (Bhagwanpur) - खेड़ा ज़िला / शामली जिला (हड़प्पा सभ्यता से जुड़ा एक ग्रामीण स्थल)
- 4.
सराय नाहर राय (Sarai Nahar Rai) - प्रतापगढ़ जिला (मध्य पाषाण कालीन मानव कंकाल और समाधि स्थल) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी पुरातात्विक स्थलों का मिलान इस प्रकार है: 1. हुलास सहारनपुर जिले में स्थित एक महत्वपूर्ण हड़प्पाोत्तर और चित्रित धूसर मृद्भांड (PGW) संस्कृति का स्थल है, जो बिल्कुल सही है। 2. राजा नल का टीला महोबा जिले में स्थित है जहाँ से प्राचीन लौह युग के साक्ष्य मिले हैं, यह भी सही है। 3. भगवानपुर स्थल सहारनपुर जिले में स्थित है (न कि शामली या खेड़ा में, हालांकि यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ही है, किंतु आधिकारिक और भौगोलिक वर्गीकरण के अनुसार भगवानपुर कुरुक्षेत्र/सहारनपुर बेल्ट से संबंधित है, इसलिए तीसरा कथन भ्रामक/अशुद्ध माना जा सकता है क्योंकि भगवानपुर का सटीक जिला सहारनपुर है)। 4. सराय नाहर राय और महदहा प्रतापगढ़ जिले में स्थित प्रसिद्ध मध्य पाषाण कालीन (Mesolithic) स्थल हैं जहाँ से मानवीकृत समाधियाँ और कंकाल मिले हैं, जो कि पूर्णतः सत्य है। अतः कथन 1, 2 और 4 सही हैं।
Related Questions
→
कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'पारंपरिक नैतिकता का स्तर' (Conventional Morality) किस आयु वर्ग से संबंधित है?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियों और व्यक्तिगत भिन्नताओं' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, डेविड कोल्ब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'प्रयोगात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle: कंक्रीट एक्सपीरियंस, रिफ्लेक्टिव ऑब्जरवेशन, एब्स्ट्रैक्ट कांसेप्चुलाइजेशन, और एक्टिव एक्सपेरिमेंटेशन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'संवेदी-प्रेरक कॉर्टेक्स' (Sensorimotor Cortex), 'पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (ACC), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex) के बीच संवेदी एकीकरण, चिंतनशील विश्लेषण, और मोटर योजना की सक्रियण गतिकी, तथा कार्ल जुंग (Carl Jung) के 'मनोवैज्ञानिक प्रकार' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-एक्सपीरियंशियल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Experiential Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में अनुभवात्मक चक्र के पूर्ण उपयोग, अनुकूलित शिक्षण विधियों व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
उत्तर प्रदेश के कला, संस्कृति, मेलों और लोकनृत्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और सोनभद्र क्षेत्रों में किया जाने वाला 'ढरकाहरी' और 'कर्मा' लोकनृत्य मुख्य रूप से आदिवासी जातियों (जैसे खरवार, गोड़) द्वारा प्रकृति की पूजा और अच्छी फसल की कामना के लिए किए जाते हैं।
2. 'बटेश्वर मेला' आगरा जिले में ऊँटों के क्रय-विक्रय के लिए प्रसिद्ध एक प्रसिद्ध पशु मेला है, जो यमुना नदी के तट पर कार्तिक मास में आयोजित किया जाता है।
3. उत्तर प्रदेश में 'कथक' शास्त्रीय नृत्य का घराना लखनऊ और वाराणसी को माना जाता है, तथा इस नृत्य शैली के विकास में नवाब वाजिद अली शाह का योगदान नगण्य था क्योंकि उन्होंने कला और संगीत पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा और विशिष्ट बालक' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'अवधान न्यूनता अतिसक्रियता विकार' (Attention Deficit Hyperactivity Disorder - ADHD) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'बेसल गैन्ग्लिया' (Basal Ganglia), और 'फ्रंटोसियाटाल सर्किट' (Fronto-striatal Circuit) के बीच डोपामिनर्जिक डिस्फंक्शन (Dopaminergic Dysfunction), कार्यकारी कार्य विफलता (Executive Function Deficits), और अवरोधक नियंत्रण की कमी (Impulse Inhibition Failure) की सक्रियण गतिकी, तथा रसेल बार्कले (Russell Barkley) के 'आत्म-नियमन का कार्यकारी मॉडल' (Executive Model of Self-Regulation) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-ADHD ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-ADHD Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में स्व-निगरानी (Self-monitoring), टोकन इकॉनमी, पर्यावरण अनुकूल संरचनात्मक समायोजन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण-अधिगम में 'पोर्टफोलियो' (Portfolio) के उपयोग और इसके मूल्यांकन संबंधी विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पोर्टफोलियो बच्चों के कार्यों का एक ऐसा संग्रह होता है जो एक निश्चित समयावधि (जैसे सत्र भर) में उनके द्वारा किए गए प्रयासों, प्रगति और उपलब्धियों को क्रमिक रूप से प्रदर्शित करता है।
2. यह बच्चों को उनके अपने सीखने के आकलन में सक्रिय रूप से शामिल होने और स्व-मूल्यांकन (Self-assessment) करने का अवसर प्रदान करता है, क्योंकि छात्र स्वयं अपने सर्वश्रेष्ठ कार्य इसमें संकलित करते हैं।
3. पोर्टफोलियो मूल्यांकन का उपयोग केवल योगात्मक मूल्यांकन (Summative Assessment) के एक मानकीकृत साधन के रूप में किया जाता है, जिसमें वर्ष के अंत में बच्चों की क्षमताओं को केवल एक अंकीय ग्रेड या अंक प्रदान किए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.