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Indian Polity
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भारत में मताधिकार की आयु क्या है?

Detailed Explanation

मताधिकार की आयु 18 वर्ष है।
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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोगों (SPSC) के कार्यों, स्वतंत्रता और संवैधानिक प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 323 के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग अपने कार्यों की वार्षिक रिपोर्ट राष्ट्रपति को प्रस्तुत करता है, जिसे राष्ट्रपति संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखवाता है, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग अपनी रिपोर्ट संबंधित राज्य के राज्यपाल को सौंपता है जिसे राज्यपाल राज्य विधानमंडल के समक्ष रखवाता है। 2. संघ लोक सेवा आयोग के सदस्यों या अध्यक्ष को उनकी पदावधि की समाप्ति से पहले केवल दुराचार (Misbehaviour) या दिवालिया होने के आधार पर राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है, किंतु दुराचार के मामले में राष्ट्रपति के आदेश से पूर्व उच्चतम न्यायालय द्वारा जाँच कराया जाना अनिवार्य होता है, और उच्चतम न्यायालय द्वारा दी गई सलाह आयोग के अध्यक्ष या सदस्य पर पूरी तरह बाध्यकारी होती है। 3. राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य को केवल राज्यपाल द्वारा उसके पद से हटाया जा सकता है, क्योंकि उनकी नियुक्ति राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है, यद्यपि उनके निष्कासन के आधार वही होते हैं जो संघ लोक सेवा आयोग के सदस्यों के लिए निर्धारित किए गए हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान में महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधनों और आपातकालीन उपबंधों (Emergency Provisions) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा अनुच्छेद 352 में संशोधन करके राष्ट्रपति को यह शक्ति दी गई थी कि वह संपूर्ण भारत या उसके किसी भाग में राष्ट्रीय आपात की उद्घोषणा केवल 'युद्ध' या 'बाह्य आक्रमण' के आधार पर ही कर सकता है, तथा 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion) शब्द को इसी संशोधन द्वारा संविधान में जोड़ा गया था। 2. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा यह अनिवार्य कर दिया गया कि राष्ट्रीय आपात की उद्घोषणा के लिए मंत्रिमंडल (Cabinet) की लिखित अनुशंसा राष्ट्रपति को पूर्व में प्राप्त होनी चाहिए, और आपात की उद्घोषणा का अनुमोदन करने वाला संकल्प संसद के प्रत्येक सदन द्वारा अपने कुल सदस्यों के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत द्वारा पारित किया जाना चाहिए। 3. संविधान के अनुच्छेद 359 के अंतर्गत राष्ट्रीय आपात के प्रवर्तन में रहने के दौरान भाग III द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों के प्रवर्तन को निलंबित करने की शक्ति राष्ट्रपति को प्राप्त है, किंतु 44वें संविधान संशोधन के पश्चात यह स्पष्ट कर दिया गया कि अनुच्छेद 20 और अनुच्छेद 21 द्वारा प्रदत्त अधिकारों के प्रवर्तन को किसी भी परिस्थिति में निलंबित नहीं किया जा सकता। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? राज्य की कार्यपालिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 163 के अनुसार राज्यपाल को अपनी शक्तियों के प्रयोग में सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी जिसका प्रधान मुख्यमंत्री होगा, किंतु यदि कोई प्रश्न यह उठता है कि क्या कोई विषय ऐसा है जिसके संबंध में संविधान द्वारा या उसके अधीन राज्यपाल को अपने विवेक से कार्य करने की अपेक्षा की गई है, तो राज्यपाल का अपने विवेक से किया गया निर्णय अंतिम होगा और उसके किए गए निर्णय की विधिमान्यता को इस आधार पर किसी न्यायालय में प्रश्नगत नहीं किया जाएगा कि उसे अपने विवेक से कार्य करना चाहिए था या नहीं। 2. अनुच्छेद 164 के तहत मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करेगा और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल मुख्यमंत्री की सलाह पर करेगा, और ये मंत्री राज्यपाल के प्रसादपर्यंत अपने पद पर बने रहेंगे, भले ही उन्हें संबंधित राज्य की विधानसभा में बहुमत का विश्वास प्राप्त हो या न हो। 3. राज्य के महाधिवक्ता (Advocate-General) की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है और वह राज्य के उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनने के लिए अर्हित किसी व्यक्ति को ही नियुक्त कर सकता है, तथा महाधिवक्ता अपने पद पर राज्यपाल के प्रसादपर्यंत ही धारण करता है और उसे राज्य के किसी भी सदन में बोलने तथा कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार है, किंतु उसे मतदान का कोई अधिकार नहीं है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्य की कार्यपालिका, विशेष रूप से राज्यपाल की शक्तियों, मुख्यमंत्री की नियुक्ति और मंत्रिपरिषद के गठन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 164 के अंतर्गत मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल मुख्यमंत्री की सलाह पर करता है, तथा छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा राज्यों में जनजातीय कल्याण मंत्री का भारसाधक एक पृथक मंत्री होना अनिवार्य किया गया है। 2. राज्यपाल को राज्य के उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति, स्थानांतरण तथा उनकी सेवा शर्तों को निर्धारित करने की पूर्ण एवं अंतिम कार्यकारी शक्ति प्राप्त है, और इस प्रक्रिया में राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति लेना राज्यपाल के लिए वैकल्पिक होता है। 3. अनुच्छेद 163 के अनुसार राज्यपाल को अपनी कृत्यों के निर्वहन में सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी जिसका प्रधान मुख्यमंत्री होगा, किंतु यदि कोई प्रश्न यह उठता है कि कोई विषय राज्यपाल के विवेकानुसार है या नहीं, तो राज्यपाल का इस पर किया गया निर्णय अंतिम होगा और उसकी वैधता को किसी भी न्यायालय में इस आधार पर चुनौती नहीं दी जा सकती है कि उसे अपना विवेक का प्रयोग करना चाहिए था या नहीं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? संविधान का कौन सा भाग 'नागरिकता' (Citizenship) से संबंधित है?
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