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बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. विकास की प्रक्रिया 'सिर से पैर की ओर' (Cephalocaudal Trend) दिशा में आगे बढ़ती है, जिसके अंतर्गत बच्चे का सिर और मस्तिष्क का विकास उसके शरीर के अन्य अंगों की तुलना में पहले और अधिक तेजी से होता है। 2. 'समीप-दूरमुखी विकास' (Proximodistal Trend) के सिद्धांत के अनुसार, शारीरिक विकास शरीर के केंद्रीय भाग (रीढ़ की हड्डी या धड़) से शुरू होकर बाहरी अंगों यानी हाथों और उंगलियों की दिशा में आगे बढ़ता है। 3. विकास की गति संपूर्ण जीवनकाल में एक समान (Uniform) रहती है, और शैशवावस्था से लेकर वृद्धावस्था तक प्रत्येक अवस्था में शारीरिक तथा मानसिक विकास की दर बिल्कुल एक जैसी होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि विकास का मस्तक-पुच्छीय सिद्धांत (Cephalocaudal Trend) यह बताता है कि विकास सिर से पैर की ओर होता है। कथन 2 सही है क्योंकि समीप-दूरमुखी सिद्धांत (Proximodistal Trend) के अनुसार विकास केंद्र से बाहर की ओर (निकट से दूर) यानी पहले केंद्रीय अंगों और बाद में परिधीय अंगों का विकास होता है। कथन 3 गलत है क्योंकि विकास की गति कभी भी एक समान (Uniform) नहीं होती; यह शैशवावस्था और बाल्यावस्था में तीव्र होती है, किशोरावस्था में फिर से गति पकड़ती है, और जीवन के विभिन्न चरणों में इसकी दर अलग-अलग होती है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'भाषा विकास और विचार (Language Development and Thought)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'अहंवादी वाचन (Egocentric Speech)' तथा 'संज्ञानात्मक पूर्ववर्ती भाषा' (Cognitive Precursor to Language) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area), 'वर्निक क्षेत्र' (Wernicke's Area), और 'आर्क्युएट फैसिकुलस' (Arcuate Fasciculus) के बीच भाषाई संकेतिकरण, सिंटैक्टिक प्रसंस्करण, और सिमेंटिक एकीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'आंतरिक वाचन (Inner Speech)' और भाषा-विचार के अभिसरण के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, साइको-लिंग्विस्टिक कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Psycho-Linguistic Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक स्वनिर्देशन, वैचारिक लचीलेपन व समग्र संप्रेषण क्षमता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय विभाजन के अंतर्गत 'भाबर' (Bhabar) और 'तराई' (Terai) क्षेत्रों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'भाबर क्षेत्र' शिवालिक पहाड़ियों के ठीक नीचे सिंधु से लेकर तीस्ता नदी तक एक संकीर्ण पट्टी के रूप में फैला हुआ है, जहाँ नदियाँ पर्वतीय ढलानों से उतरते समय भारी मात्रा में कंकड़, पत्थर और बोल्डर जमा कर देती हैं, जिसके परिणामस्वरूप छोटी नदियाँ इस अदृश्य होकर इस सतही मलबे के नीचे बहने लगती हैं।
2. 'तराई क्षेत्र' भाबर पेटी के ठीक दक्षिण में स्थित एक नम, दलदली और घने जंगलों से आच्छादित क्षेत्र है, जहाँ भाबर क्षेत्र में विलुप्त हुई नदियाँ पुनः धरातल पर प्रकट होकर फैल जाती हैं, और इस क्षेत्र की मृदा में नमी की अधिकता तथा उपजाऊ महीन कणों के कारण यह धान और गन्ने की खेती के लिए अत्यधिक अनुकूल होती है।
3. उत्तर प्रदेश के बिजनौर, सहारनपुर, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत और बहराइच जैसे जिले तराई पट्टी के अंतर्गत आते हैं, जहाँ हाल के दशकों में भूमि सुधार, वनों की कटाई और कृषि भूमि के विस्तार के कारण यहाँ की पारिस्थितिकी में भारी बदलाव आया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और विस्मरण' (Memory and Forgetting) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हरमन एबिंगhaus (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve: शुरुआती तेजी से गिरावट और बाद में पठार अवस्था) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), 'एंटोरिनल कॉर्टेक्स' (Entorhinal Cortex), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच सिनैप्टिक समेकन विफलता (Synaptic Consolidation Failure), दीर्घकालिक पोटेंशिएशन क्षरण (LTP Decay), और रिट्रीवल इनहिबिशन की सक्रियण गतिकी, तथा रिचर्ड एटकिंसन (Richard Atkinson) और रिचर्ड शिफ्रिन (Richard Shiffrin) के 'सूचना प्रक्रमण मॉडल' (Information Processing Model: संवेदी स्मृति, अल्पकालिक स्मृति और दीर्घकालिक स्मृति) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मेमोरी ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Memory Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में स्पेaced रिपिटेशन (Spaced Repetition),एलाबोरटिव रिहर्सल व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'उत्तर प्रदेश की प्राचीन सभ्यता और इतिहास' के संदर्भ में, ताम्र पाषाण कालीन (Chalcolithic) और उत्तर वैदिक कालीन पुरास्थलों (जैसे सोती संस्कृति, अतरंजीखेड़ा, हस्तिनापुर और लाल किला-गाजियाबाद) से प्राप्त साक्ष्यों, मृद्भाण्ड संस्कृतियों (जैसे गेरुवर्ण मृद्भाण्ड संस्कृति - OCP और चित्रित धूसर मृद्भाण्ड संस्कृति - PGW), तथा लौह युग के आरंभ से जुड़े पुरातात्विक अवशेषों के वैज्ञानिक विश्लेषण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं कृषि-जलवायु परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) में विभाजित किया गया है, और यहाँ की सर्वाधिक उपजाऊ जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) को स्थानीय रूप से 'कछारी' या 'खादर' कहा जाता है, जिसमें पोटाश और चूने की प्रचुरता होती है लेकिन नाइट्रोजन और ह्यूमस की कमी पाई जाती है।
2. उत्तर प्रदेश में बहने वाली घाघरा नदी (जिसे पर्वतीय क्षेत्रों में कर्णाली कहा जाता है) राज्य में लखीमपुर खीरी और बहराइच जिलों की सीमा बनाते हुए प्रवेश करती है और छपरा के निकट गंगा में मिल जाती है, जबकि राप्ती नदी इसकी प्रमुख सहायक नदी है।
3. राज्य में स्थित 'भात और मूँड़' प्रकार की मृदा विशेष रूप से विंध्य पर्वतीय एवं पठारी क्षेत्र में पाई जाती है, जो कि कम उपजाऊ होती है और इसमें मोटे अनाजों (जैसे ज्वार, बाजरा) की खेती की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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