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उत्तर प्रदेश की मध्यम सिंचाई परियोजनाओं, नहर प्रणालियों और उनसे लाभान्वित होने वाले क्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. उत्तर प्रदेश की सबसे पुरानी नहर प्रणाली 'पूर्वी यमुना नहर' (Eastern Yamuna Canal) है, जिसे 19वीं शताब्दी में पुनर्गमित किया गया था और यह यमुना नदी के दाहिने किनारे से ताजेवाला (हरियाणा) से निकलती है, जिससे सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर जिले लाभान्वित होते हैं।
- 2. 'शारदा नहर प्रणाली' (Sharda Canal System) उत्तर प्रदेश की सबसे लंबी नहर प्रणाली है, जिसका मुख्य उद्गम स्थल चटका (बनवासा, नेपाल सीमा के पास) में शारदा नदी से है, और इसका नेटवर्क रोहिलखंड तथा अवध क्षेत्र के कई जिलों में सिंचाई सुविधा प्रदान करता है।
- 3. 'गंडक नहर परियोजना' एक अंतर-राज्यीय परियोजना है, जिसका निर्माण नेपाल और उत्तर प्रदेश की संयुक्त पहल के तहत किया गया है, और यह उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों जैसे महाराजगंज, कुशीनगर, गोरखपुर और देवरिया में कृषि भूमि को सींचती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन उत्तर प्रदेश की प्रमुख नहर प्रणालियों और सिंचाई परियोजनाओं के संदर्भ में पूर्णतः सत्य हैं। 1. 'पूर्वी यमुना नहर' वास्तव में उत्तर प्रदेश की सबसे पुरानी नहरों में से एक है (मूल रूप से मुगल काल में शाहजहाँ द्वारा खुदवाई गई 'नह्र-ए-बहिश्त' पर आधारित और अंग्रेजों द्वारा 1830 में पुनर्निर्मित), जो ताजेवाला से निकलकर सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर जिलों को लाभान्वित करती है। 2. 'शारदा नहर प्रणाली' उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी और लंबी नहर प्रणाली है, जिसका उद्गम बनवास (नेपाल सीमा के निकट) शारदा नदी से होता है, जिससे रोहिलखंड और अवध के जिले सिंचित होते हैं। 3. 'गंडक नहर परियोजना' उत्तर प्रदेश और बिहार की संयुक्त तथा नेपाल के सहयोग से संचालित एक महत्वपूर्ण अंतर-राज्यीय परियोजना है, जिससे महाराजगंज, कुशीनगर, गोरखपुर और देवरिया जैसे पूर्वी जिले लाभान्वित होते हैं। अतः विकल्प (d) सही उत्तर है।
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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास, लोकायुक्त संस्था और राज्य के प्रमुख आयोगों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश राज्य में 'लोकायुक्त' अधिनियम वर्ष 1975 में पारित किया गया था, और विशंभर दयाल (Justice Vishambhar Dayal) राज्य के पहले लोकायुक्त थे, जिनका कार्यकाल सबसे लंबा रहा है।
2. उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग (UP State Human Rights Commission) का गठन मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 के प्रावधानों के तहत वर्ष 2002 में किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य में मानवाधिकारों के उल्लंघन की शिकायतों की जांच करना है।
3. राज्य में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके विरुद्ध होने वाले अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए 'उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग' का विधिवत गठन वर्ष 2004 में एक वैधानिक निकाय के रूप में किया गया था।
4. उत्तर प्रदेश लोक सेवा अधिकरण (UP Public Services Tribunal), जो राज्य सरकार के कर्मचारियों के सेवा मामलों और विवादों का त्वरित निपटारा करता है, उसकी मुख्य पीठ लखनऊ में स्थित है और इसकी कोई अन्य क्षेत्रीय पीठ प्रदेश में नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के अंतर्गत 'पर्यावरणीय प्रदूषण और नियंत्रण' के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सी गैस वायुमंडल में 'फोटोकैमिकल स्मॉग' (Photochemical Smog) के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिक पूर्ववर्ती (Primary Precursor) और द्वितीयक प्रदूषक (Secondary Pollutant) के रूप में क्रमशः मुख्य भूमिका निभाती है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप और वर्षा वितरण के संदर्भ में, राज्य के तराई क्षेत्र (Tarai Region) में वार्षिक वर्षा का औसत मान उत्तर प्रदेश के अन्य मैदानी और पठारी क्षेत्रों की तुलना में सबसे अधिक क्यों होता है?
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समावेशी कक्षा कक्ष (Inclusive Classroom) में विभिन्न अधिगम शैलियों वाले बालकों और विशिष्ट आवश्यकता वाले विद्यार्थियों की शिक्षण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 'विभेदीकृत अनुदेशन' (Differentiated Instruction) की अवधारणा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विभेदीकृत अनुदेशन का तात्पर्य यह है कि शिक्षक एक ही पाठ योजना को बिना किसी परिवर्तन के पूरी कक्षा पर समान रूप से लागू करे, ताकि सभी विद्यार्थियों को बिना किसी भेदभाव के एक ही प्रकार की शिक्षण सामग्री प्राप्त हो सके।
2. इसके अंतर्गत शिक्षक विद्यार्थियों की वर्तमान क्षमताओं, रुचियों और तत्परता स्तर के आधार पर विषयवस्तु (Content), प्रक्रिया (Process), उत्पाद (Product) और सीखने के पर्यावरणीय परिवेश में लचीलापन और संशोधन करते हैं।
3. यह दृष्टिकोण जॉन डेवी के 'करके सीखने' (Learning by Doing) और प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के सिद्धांतों पर आधारित है, जो प्रत्येक बच्चे की व्यक्तिगत भिन्नताओं (Individual Differences) का सम्मान करते हुए उनकी अद्वितीय क्षमता का विकास करने पर बल देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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