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प्राचीन भारतीय इतिहास एवं उत्तर प्रदेश के पुरातत्व स्थलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'महीदपुर' (Mahidpur) और 'सोनितपुर' जैसे पुरातात्विक स्थल उत्तर प्रदेश के संभल और बरेली क्षेत्र में स्थित हैं, जहाँ से महापाषाण काल (Megalithic Period) के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।
- 2. 'कौशंबी' (Kaushambi) प्राचीन काल में वत्स महाजनपद की राजधानी थी, और यहाँ की गई पुरातात्विक खुदाइयों से 'घोषाराम विहार' (Ghoshitarama Vihara) के अवशेष मिले हैं, जहाँ महात्मा बुद्ध ने कई बार प्रवास किया था।
- 3. 'अत्रंजीखेड़ा' (Atranjikhera) एटा जिले में स्थित एक प्रमुख पुरातात्विक स्थल है, जहाँ से उत्तर भारत में सबसे पहले लोहे के प्रयोग (Iron Age) के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं, जो लगभग 1000 ईसा पूर्व के माने जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि महीदपुर मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित एक ताम्रपाषाण/लौहयुगीन स्थल है, न कि उत्तर प्रदेश के संभल या बरेली में। कथन 2 सत्य है; कौशंबी प्राचीन वत्स महाजनपद की राजधानी थी और यहाँ प्रसिद्ध 'घोषाराम विहार' के अवशेष मिले हैं। कथन 3 भी सत्य है; एटा (वर्तमान में कासगंज) जिले में स्थित अत्रंजीखेड़ा से उत्तर भारत में लौह उपकरण और लोहे के प्रयोग के सबसे प्राचीन साक्ष्य (लगभग 1000 ईसा पूर्व) प्राप्त हुए हैं।
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उत्तर प्रदेश की लोक कलाओं, शिल्पों और उनके विशिष्ट भौगोलिक उत्पादन (GI टैग प्राप्त क्षेत्रों) के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. भदोही कालीन - भदोही और मिर्जापुर - यह अपनी उत्कृष्ट हाथ से बुनी गई ऊनी और रेशमी कालीनों के लिए विश्व प्रसिद्ध है, जिसे भौगोलिक संकेतक (GI टैग) प्राप्त है।
2. ताला उद्योग - अलीगढ़ - यह शहर देश भर में 'ताला नगरी' के रूप में विख्यात है, जहाँ पीतल और लोहे के ताले तथा ताला निर्माण से जुड़े हार्डवेयर का वृहद पैमाने पर उत्पादन होता है।
3. चिकनकारी कढ़ाई - लखनऊ - यह सफेद सूबारी धागों से मलमल या सूती कपड़ों पर की जाने वाली पारंपरिक हस्तकला है, जिसे मुगल काल में विशेष संरक्षण मिला था।
4. मुरादाबाद पीतल शिल्प - मुरादाबाद - इसे 'पीतल नगरी' कहा जाता है, जहाँ धातु पर की जाने वाली बारीक नक्काशी (उस्ता कला) और मीनाकारी के बर्तन व सजावटी वस्तुएं बनाई जाती हैं।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के संरचनात्मक व पदानुक्रमित मॉडल' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, फिलिप वर्नन (Philip Vernon) और जोसफ गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'पदानुक्रमित बुद्धि मॉडल' (Hierarchical Model of Intelligence) तथा 'बुद्धि की संरचना मॉडल' (Structure of Intellect - SOI Model जिसमें संक्रियाएँ, विषयवस्तु और उत्पाद के 120/150 घटक शामिल हैं) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), और 'टेम्पोरल लोब' (Temporal Lobe) के बीच कार्यकारी नियंत्रण, स्थानिक-अमूर्त प्रसंस्करण (Spatial-Abstract Processing), और बहुआयामी मानसिक संचालन (Multidimensional Mental Operations) की सक्रियण गतिकी, तथा रेमंड कैटल (Raymond Cattell) के 'द्रव और ठोस बुद्धि' (Fluid and Crystallized Intelligence - Gf-Gc) सिद्धांत के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-इंटेलिजेंशियल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Intelligential Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहु-आयामी संज्ञानात्मक क्षमताओं, समस्या-समाधान की लचीली रणनीतियों व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत और लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के तुलनात्मक अध्ययन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पियाजे के अनुसार बालक अपने ज्ञान का निर्माण स्वयं अपने परिवेश के साथ अंतःक्रिया करके सक्रिय अन्वेषक (Little Scientist) के रूप में करता है, जबकि वाइगोत्स्की के अनुसार संज्ञानात्मक विकास सामाजिक और सांस्कृतिक अंतःक्रियाओं (Social Interaction) तथा भाषा के माध्यम से सहयोगात्मक रूप से होता है।
2. पियाजे ने संज्ञानात्मक विकास में 'अहंकेन्द्रित वाक्' (Egocentric Speech) को बालक की अपरिपक्वता का प्रतीक माना है, जो धीरे-धीरे समाप्त हो जाती है; इसके विपरीत वाइगोत्स्की ने इसे 'निजी वाक्' (Private Speech) के रूप में परिभाषित करते हुए यह माना कि यह बालक के स्व-नियमन (Self-Regulation) और चिंतन को दिशा देने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है।
3. वाइगोत्स्की के सिद्धांत में प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) उस वास्तविक विकास स्तर और संभावित विकास स्तर के बीच का अंतर है, जिसे बालक केवल स्वतंत्र रूप से बिना किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य (MKO) की सहायता के प्राप्त कर सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'स्मृति और विस्मरण' (Memory and Forgetting) के मनोवैज्ञानिक संदर्भ में, जर्मन मनोवैज्ञानिक हरमन एबिंगहॉस (Hermann Ebbinghaus) द्वारा किए गए प्रसिद्ध प्रयोगों के आधार पर प्रतिपादित 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) के अनुसार, अधिगम सामग्री या सूचना प्राप्त करने के तुरंत बाद शुरुआती समय में विस्मरण की गति कैसी होती है और यह वक्र किस प्रकार का प्रतिरूप (Pattern) दर्शाता है?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-cultural Theory) और संज्ञानात्मक विकास की अवधारणा के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायगोत्स्की के अनुसार बालक का संज्ञानात्मक विकास किसी सामाजिक या सांस्कृतिक संदर्भ से स्वतंत्र रूप से एकांत में होने वाली प्रक्रिया है, जिसमें भाषा केवल एक गौण उपकरण है जो विचार को प्रभावित नहीं करती है।
2. 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) उस अंतर को दर्शाता है जो बच्चे के स्वतंत्र रूप से किसी समस्या को हल करने के स्तर और किसी वयस्क या अधिक सक्षम साथी (More Knowledgeable Other - MKO) के मार्गदर्शन में समस्या हल करने के स्तर के बीच होता है।
3. 'चान्स्कैफल्डिंग' (Scaffolding) या मचान/पाड़ उस अस्थायी सहयोग या समर्थन को कहते हैं जो सीखने की प्रक्रिया के दौरान शुरुआती चरणों में दिया जाता है और जैसे-जैसे बच्चे की दक्षता बढ़ती जाती है, उस समर्थन को धीरे-धीरे कम कर दिया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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