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UPTET
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भारतीय संविधान की अनुसूचियों और उनके अंतर्गत आने वाले विषयों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारतीय संविधान की तीसरी अनुसूची (Third Schedule) में संघ के मंत्रियों, संसद के सदस्यों, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों द्वारा ली जाने वाली शपथ या प्रतिज्ञा के प्रारूपों का उल्लेख किया गया है, जबकि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपतियों की शपथ के प्रारूप का उल्लेख संविधान के इस अनुच्छेद या अनुसूची में न होकर क्रमशः अनुच्छेद 60 और अनुच्छेद 69 में किया गया है।
- 2. संविधान की छठी अनुसूची (Sixth Schedule) पूर्वोत्तर भारत के चार राज्यों - असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित विशेष प्रावधानों का उपबंध करती है, जबकि मणिपुर और नगालैंड जैसे राज्य इस अनुसूची के दायरे से बाहर रखे गए हैं।
- 3. ग्यारहवीं अनुसूची (Eleventh Schedule), जिसे 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा जोड़ा गया था, के अंतर्गत पंचायतों की प्रशासनिक शक्तियों, उत्तरदायित्वों और उनके अधिकार क्षेत्र के लिए कुल 29 कार्यकारी विषयों को सूचीबद्ध किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: भारतीय संविधान की तीसरी अनुसूची में विभिन्न संवैधानिक पदाधिकारियों (जैसे केंद्रीय/राज्य मंत्री, संसद/विधानमंडल के सदस्य, न्यायाधीश आदि) की शपथ का उल्लेख है। किंतु, राष्ट्रपति (अनुच्छेद 60), उपराष्ट्रपति (अनुच्छेद 69) और राज्यपालों (अनुच्छेद 159) की शपथ के प्रारूप संबंधित अनुच्छेदों में दिए गए हैं, न कि तीसरी अनुसूची में। कथन 2 सही है: संविधान की छठी अनुसूची असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम (AMTM) राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है। इसमें मणिपुर या नगालैंड शामिल नहीं हैं (नगालैंड के लिए कुछ विशेष उपबंध अनुच्छेद 371-A में हैं)। कथन 3 गलत है: ग्यारहवीं अनुसूची को 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 (न कि 74वें) के द्वारा जोड़ा गया था, जिसके अंतर्गत पंचायतों के लिए 29 विषय हैं। 74वें संशोधन द्वारा बारहवीं अनुसूची जोड़ी गई थी जिसमें नगरपालिकाओं के लिए 18 विषय हैं। अतः केवल कथन 1 और 2 सही हैं।
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 (NCF 2005) और बाल अधिकारों के दृष्टिकोण से निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समावेशी शिक्षा का मुख्य उद्देश्य केवल शारीरिक रूप से विकलांग बालकों को सामान्य विद्यालयों में प्रवेश देना है, ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
2. NCF 2005 के अनुसार, समावेशी शिक्षा केवल विशेष विद्यालयों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि सामान्य विद्यालयों को ही अपनी शिक्षण पद्धतियों, पाठ्यक्रम और भौतिक बुनियादी ढाँचे में ऐसा लचीलापन लाना चाहिए जो प्रत्येक विविधतापूर्ण पृष्ठभूमि और विशेष आवश्यकता वाले बच्चे की व्यक्तिगत सीखने की गति को स्वीकार कर सके।
3. समावेशी शिक्षा का दर्शन 'अतिरिक्त सहायता और विशिष्ट शिक्षण रणनीतियों' पर जोर देता है ताकि सामान्य कक्षा कक्ष में सभी बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश की मृदा संरचना, कृषि जलवायु क्षेत्रों और प्रमुख खाद्यान्न फसलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश को कृषि और जलवायु की विभिन्नताओं के आधार पर कुल 9 कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जहाँ तराई क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की सबसे उपजाऊ जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) पाई जाती है।
2. बुंदेलखंड क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' और 'काबर' मृदाएँ चिकनी और उपजाऊ होती हैं, जिनमें जल धारण करने की उच्च क्षमता होती है और सूखने पर उनमें चौड़ी तथा गहरी दरारें पड़ जाती हैं।
3. राज्य में कुल खाद्यान्न उत्पादन की दृष्टि से उत्तर प्रदेश का देश में प्रथम स्थान है, और यहाँ सर्वाधिक क्षेत्रफल पर बोई जाने वाली फसल गेहूँ है, जबकि उत्पादन में धान का स्थान प्रथम है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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