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बाल विकास के संदर्भ में 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) और 'समूह कारक सिद्धांत' (Group Factor Theory) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. चार्ल्स स्पीयरमैन द्वारा प्रतिपादित 'द्विकारक सिद्धांत' के अनुसार, प्रत्येक मानसिक गतिविधि में दो प्रकार की मानसिक ऊर्जाएँ कार्य करती हैं - 'सामान्य कारक' (g-factor) जो जन्मजात और सार्वभौमिक होता है, तथा 'विशिष्ट कारक' (s-factor) जो अर्जित और भिन्न-भिन्न कार्यों के लिए अलग-अलग होता है।
  2. 2. लुई थरस्टन (L.L. Thurstone) के 'समूह कारक सिद्धांत' (Primary Mental Abilities Theory) के अनुसार बुद्धि किसी एक सामान्य कारक पर निर्भर नहीं करती, बल्कि यह सात प्रमुख प्राथमिक मानसिक योग्यताओं (जैसे- मौखिक अर्थ, स्थानिक संबंध, संख्यात्मक क्षमता आदि) का एक समूह होती है।
  3. 3. स्पीयरमैन ने अपने सिद्धांत के समर्थन में 'कारक विश्लेषण' (Factor Analysis) सांख्यिकी तकनीक का प्रयोग किया था, और उनके अनुसार उच्च स्तर के बौद्धिक कार्यों के निष्पादन के लिए 's-factor' की प्रधानता सबसे अधिक होती है, जबकि 'g-factor' का कोई विशेष योगदान नहीं होता।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि चार्ल्स स्पीयरमैन ने 1904 में बुद्धि का द्विकारक (Two-Factor) सिद्धांत दिया था, जिसके अनुसार 'g-factor' (सामान्य कारक) जन्मजात और सार्वभौमिक होता है तथा 's-factor' (विशिष्ट कारक) प्रशिक्षण या अनुभव द्वारा अर्जित किया जाता है। कथन 2 भी सही है क्योंकि एल.एल. थरस्टन ने समूह कारक सिद्धांत में 7 प्राथमिक मानसिक क्षमताओं (Primary Mental Abilities) की बात की है। कथन 3 गलत है क्योंकि स्पीयरमैन के अनुसार किसी भी बौद्धिक कार्य में सबसे मुख्य और अनिवार्य भूमिका 'g-factor' (सामान्य कारक) की होती है, न कि 's-factor' की; विशिष्ट कारक तो केवल विशेष क्षेत्र के कौशल को निर्धारित करता है।
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