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प्राचीन भारतीय दर्शन और उपनिषद काल के संदर्भ में, उत्तर प्रदेश से जुड़े निम्नलिखित ऐतिहासिक एवं दार्शनिक केंद्रों पर विचार कीजिए:
- 1. कौशाम्बी (जो वत्स महाजनपद की राजधानी थी) में स्थित 'घोषइटाराम विहार' में महात्मा बुद्ध ने अपने जीवन के सर्वाधिक वर्षावास व्यतीत किए थे और यहीं पर दार्शनिक उद्दालक आरुणि का मुख्य आश्रम था।
- 2. 'वाराणसी' (काशी) उपनिषद काल में ब्रह्म विद्या और दार्शनिक बहसों का एक प्रमुख केंद्र था, जहाँ राजा अजातशत्रु के दरबार में गार्गी, याज्ञवल्क्य और उद्दालक आरुणि जैसे महान दार्शनिकों के बीच आत्म-विद्या पर संवाद हुए थे।
- 3. 'श्रावस्ती' (कोशला राज्य की राजधानी) में स्थित 'जेतवन' विहार को व्यापारी अनाथपिंडक ने सुदात्त की भूमि खरीदकर बौद्ध संघ को दान दिया था, जहाँ बुद्ध ने अपने अधिकांश उपदेश दिए और कई भिक्षुओं को उच्च शिक्षा प्रदान की।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि कौशाम्बी के 'घोषइटाराम विहार' में महात्मा बुद्ध आए थे और यहाँ बौद्ध धर्म का प्रचार हुआ था, परंतु 'दार्शनिक उद्दालक आरुणि' का मुख्य संबंध उपनिषद काल से कुरु-पंचाल और काशी क्षेत्र से था, न कि कौशाम्बी के बौद्ध विहार से। इसके अलावा, बुद्ध ने अपने सर्वाधिक वर्षावास 'श्रावस्ती' के जेतवन विहार में बिताए थे, कौशाम्बी में नहीं। कथन 2 सत्य है; प्राचीन वाराणसी (काशी) उपनिषद काल में ब्रह्म विद्या का महान केंद्र था जहाँ काशिराज अजातशत्रु और दार्शनिकों के बीच दार्शनिक संवादों का उल्लेख वैदिक साहित्य (जैसे वृहदारण्यक उपनिषद) में मिलता है। कथन 3 पूरी तरह सत्य है; श्रावस्ती का जेतवन विहार धनी व्यापारी अनाथपिंडक द्वारा सुदात्त की सोने से बिछाई गई भूमि पर खरीदा गया था और यह बौद्ध धर्म का प्रमुख शिक्षण एवं प्रचार केंद्र रहा है।
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हिंदी भाषा शिक्षण और व्याकरण के अंतर्गत 'संधि' और 'समास' के बीच का मूल अंतर निम्नलिखित में से किस कथन द्वारा सबसे सटीक रूप से स्पष्ट होता है?
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भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में 'राज्य की नीति के निर्देशक तत्वों' का उल्लेख किया गया है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भूगर्भीय इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का भू-भाग मूल रूप से प्राचीन 'गोंडवाना लैंड' का ही एक उत्तरी विस्तार है, जिसके अंतर्गत दक्षिणी पठारी क्षेत्र (बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र) की चट्टानें आर्कियन और प्रिएम्बियन युग की हैं।
2. उत्तर प्रदेश के गंगा-यमुना मैदान का निर्माण मुख्य रूप से टरटियरी (Tertiary) और क्वाटर्नरी (Quaternary) कल्प में हिमालय से निकलने वाली नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ (Alluvial) मिट्टियों के निक्षेपण से हुआ है।
3. उत्तर प्रदेश के बिजनौर, सहारनपुर और मुरादाबाद जिलों में मिलने वाली 'भाबर' (Bhabar) पेटी कंकड़-पत्थरों और मोटे बालू से निर्मित होने के कारण अत्यधिक उपजाऊ होती है, जहाँ नदियां सतह पर स्पष्ट रूप से बहती हैं।
4. उत्तर प्रदेश के दक्षिणी पठारी क्षेत्र में मिलने वाली 'पारा' और 'मार' नदियां मुख्य रूप से चंबल नदी की सहायक नदियां हैं जो इस क्षेत्र में नालिका अपरदन (Gully Erosion) के लिए उत्तरदायी हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता और डिस्लेक्सिया (Dyslexia - पठन वैकल्य)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, शेविट्ज़ और साथियों (Shaywitz & Shaywitz) द्वारा प्रतिपादित 'फोनोलॉजिकल डेफिसिट मॉडल' के अंतर्गत मस्तिष्क के 'बाएं हेमिस्फेयर के टेम्पोरो-पैरिएटल जंक्शन' (Left Temporo-Parietal Junction), 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' (Inferior Frontal Gyrus - Broca's Area) और 'ऑसिपिटो-टेम्पोरल वर्ड फॉर्म एरिया' (Visual Word Form Area - VWFA) के बीच दृश्य-श्रव्य एकीकरण, फॉनोलॉजिकल डिकोडिंग और ऑर्थोग्राफिक मैपिंग की सक्रियण विसंगति, तथा उता फ्रिथ (Uta Frith) द्वारा प्रतिपादित 'पठन विकास के त्रि-चरणीय मॉडल' (लॉगोग्राफिक, ऑर्थोग्राफिक और अल्फ़ाबेटिक चरण) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मल्टीसेंसरी फोनिक्स और संरचनात्मक साक्षरता शिक्षाशास्त्र (Structured Literacy Pedagogy) और विद्यार्थियों में ध्वन्यात्मक जागरूकता, शब्द पहचान प्रवाह व समग्र पठन दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्य बुद्धि (g-factor)' और 'विशिष्ट बुद्धि (s-factor)' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटो-फ्रंटल इंटीग्रेशन थ्योरी' (P-FIT: Parieto-Frontal Integration Theory) के अंतर्गत 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'इंटीरियर पैराइटल लोब' (Anterior Parietal Lobe) और 'सुपीरियर लोंगिट्यूडिनल फैसिकुलस' (Superior Longitudinal Fasciculus) के बीच सूचना प्रसंस्करण, सिंक्रनाइज़ेशन और न्यूरल कनेक्टिविटी की सक्रियण गतिकी, तथा रेमंड कैटल (Raymond Cattell) द्वारा प्रतिपादित 'तरल बुद्धि (Fluid Intelligence - Gf) और ठोस बुद्धि (Crystallized Intelligence - Gc)' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, विभेदित शिक्षाशास्त्र (Differentiated Pedagogy) और विद्यार्थियों में तार्किक तर्क, अमूर्त समस्या-समाधान व संज्ञानात्मक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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