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UPTET
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प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण-अधिगम में 'क्षेत्र भ्रमण' (Field Trips) के pedagogical महत्व और उसके क्रियान्वयन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. क्षेत्र भ्रमण छात्रों को केवल किताबी ज्ञान को वास्तविक दुनिया के अनुभवों से जोड़ने का अवसर प्रदान करता है, जिससे उनकी अमूर्त अवधारणाओं की समझ मजबूत होती है और वे पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करते हैं।
- 2. पर्यावरण अध्ययन पाठ्यक्रम में क्षेत्र भ्रमण को शामिल करने का मुख्य उद्देश्य छात्रों को मनोरंजक यात्रा कराना और कक्षा के लंबे व्याख्यान (Lectures) से होने वाली बोरियत को दूर करना है, क्योंकि इसके अधिगम परिणामों का मूल्यांकन करना अनिवार्य नहीं होता है।
- 3. एक प्रभावी क्षेत्र भ्रमण के आयोजन के लिए यह आवश्यक है कि भ्रमण से पूर्व स्पष्ट उद्देश्यों का निर्धारण किया जाए, छात्रों के लिए अवलोकन संबंधी दिशा-निर्देश तय किए जाएं और भ्रमण के पश्चात् एकत्रित किए गए आंकड़ों व अनुभवों पर सामूहिक चर्चा (Discussion) का आयोजन किया जाए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि क्षेत्र भ्रमण (Field Trips) छात्रों को प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करते हैं, जिससे वे किताबी ज्ञान को वास्तविक पर्यावरण और समाज से जोड़ पाते हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि क्षेत्र भ्रमण केवल मनोरंजन या बोरियत दूर करने का साधन नहीं है, बल्कि यह EVS का एक महत्वपूर्ण सह-शैक्षणिक और अनुभवात्मक अधिगम उपकरण है, जिसके स्पष्ट अधिगम परिणाम (Learning Outcomes) होते हैं और जिनका मूल्यांकन किया जाना आवश्यक है। कथन 3 सही है क्योंकि किसी भी शैक्षणिक भ्रमण की सफलता के लिए पूर्व-नियोजन (Planning), स्पष्ट उद्देश्य, अवलोकन निर्देश और भ्रमण के बाद की गई चिंतनशील चर्चा अत्यंत आवश्यक होती है।
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उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियों और उनके उद्गम स्थलों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. रामगंगा नदी - इसका उद्गम पौड़ी गढ़वाल (उत्तराखंड) के दूधातोली श्रेणी से होता है और यह उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में राज्य में प्रवेश करती है।
2. बेतवा नदी - इसका उद्गम मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के कुमारगाँव (विंध्य पर्वतमाला) से होता है और यह हमीरपुर जिले के पास यमुना नदी में मिल जाती है।
3. केन नदी - इसका उद्गम कैमूर पहाड़ियों (मध्य प्रदेश) से होता है और यह बांदा जिले के निकट चिल्ला नामक स्थान पर यमुना नदी में मिलती है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं अपवाह तंत्र के संदर्भ में, राज्य की कौन सी नदी पीलीभीत जिले की फुलहर झील से निकलती है और गाजीपुर के पास जाकर गंगा नदी में मिल जाती है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय विभाजन के अंतर्गत 'दक्षिण का पठारी क्षेत्र' (Southern Plateau Region) और उसके ढाल, प्रमुख चट्टानों तथा नदियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण का पठारी क्षेत्र प्रायद्वीपीय भारत के पठार का ही उत्तरी विस्तार है, जिसके अंतर्गत बुंदेलखंड और बघेलखंड के पठारी भाग आते हैं, और यह क्षेत्र प्राचीन प्री-कैंब्रियन कल्प की नीस (Gneiss) एवं ग्रेनाइट चट्टानों से निर्मित है।
2. इस पठारी क्षेत्र की सामान्य ढाल दक्षिण से उत्तर की ओर है, यही कारण है कि इस क्षेत्र की अधिकांश नदियाँ (जैसे चंबल, बेतवा, केन और सोन) दक्षिण या दक्षिण-पूर्व दिशा से निकलकर उत्तर की ओर प्रवाहित होते हुए गंगा या यमुना नदी में मिलती हैं।
3. विंध्य पर्वतीय श्रेणी से लगे होने के कारण इस क्षेत्र में बालुका पत्थर (Sandstone), चूना पत्थर (Limestone) और डायमंड (हीरा) जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जबकि यहाँ की मुख्य फसल धान और जूट है क्योंकि यहाँ जलोढ़ मिट्टी की अत्यधिक मोटाई पाई जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में अधिगम के 'गेस्टाल्ट सिद्धांत' (Gestalt Theory of Learning) के संदर्भ में, मैक्स वर्दइमर, कोहलर और कोफ्का द्वारा प्रतिपादित 'अन्तर्दृष्टि अधिगम' (Insight Learning) में 'सूझ' (Insight) की अचानकउत्पत्ति के लिए निम्नलिखित में से कौन सी मनोवैज्ञानिक स्थिति सबसे अधिक निर्णायक मानी जाती है?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में 'बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) और 'बहुकारक सिद्धांत' (Multi-Factor Theory) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बुद्धि के द्विकारक सिद्धांत का प्रतिपादन वर्ष 1904 में प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा किया गया था, जिनके अनुसार प्रत्येक मानसिक गतिविधि में दो प्रकार की मानसिक योग्यताएँ कार्य करती हैं—सामान्य कारक ('G' Factor) जो जन्मजात और सार्वभौमिक होता है, तथा विशिष्ट कारक ('S' Factor) जो अर्जित और व्यक्ति के विशेष कौशल पर निर्भर करता है।
2. ई. एल. थॉर्नडाइक (E. L. Thorndike) ने स्पीयरमैन के सिद्धांत की आलोचना करते हुए 'बहुकारक सिद्धांत' दिया, जिसके अनुसार बुद्धि किसी एक या दो कारकों का परिणाम नहीं है, बल्कि यह स्वतंत्र और असंगठित मानसिक योग्यताओं (तत्वों) का एक समूह है, और उन्होंने बुद्धि के चार प्रमुख atributos—स्तर (Level), क्षेत्र (Area), ऊंचाई (Altitude), और गति (Speed) का उल्लेख किया है।
3. स्पीयरमैन ने अपने सिद्धांत के समर्थन में सांख्यिकीय विधि 'कारक विश्लेषण' (Factor Analysis) का व्यापक उपयोग किया था, जबकि थॉर्नडाइक ने बुद्धि की तुलना विभिन्न प्रकार के ताले और चाबियों से करते हुए यह स्पष्ट किया कि व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता उसके पास मौजूद तत्वों की संख्या पर निर्भर करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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