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भारतीय राजव्यवस्था के अंतर्गत भारतीय संविधान की 'सातवीं अनुसूची' (Seventh Schedule) के तहत विधायी शक्तियों के वितरण तथा अवशिष्ट शक्तियों (Residuary Powers) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 248 के अनुसार, संसद को उन सभी मामलों के संबंध में कानून बनाने की अनन्य शक्ति प्राप्त है जो समवर्ती सूची या राज्य सूची में स्पष्ट रूप से प्रगणित नहीं हैं, और इस 'अवशिष्ट शक्ति' के अंतर्गत कर-रोपण (Taxation) करने की शक्ति भी विधायी रूप से केवल और केवल संसद में ही निहित है।
- 2. 'यूनियन ऑफ इंडिया बनाम हरभजन सिंह ढिल्लों (1971)' और बाद के अन्य न्यायिक निर्णयों में उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि यदि कोई विषय किसी भी सूची (संघ सूची, राज्य सूची या समवर्ती सूची) की प्रविष्टि में स्पष्ट रूप से शामिल नहीं है, तो संसद को अनुच्छेद 248 और अनुच्छेद 246 की प्रविष्टि 97 (संघ सूची) के तहत उस पर कानून बनाने की पूर्ण शक्ति प्राप्त है, जिसमें कर लगाने की शक्ति भी शामिल है।
- 3. राज्य विधानमंडलों को अपनी संबंधित राज्य सूची (सूची-II) के विषयों पर कानून बनाने का अधिकार है, किंतु 'कराधान' (Taxation) के मामले में राज्य सूची की प्रविष्टियाँ पूरी तरह से स्व-निहित (Self-contained) नहीं हैं और राज्य विधानमंडल समवर्ती सूची के विषयों पर भी अपनी कर-रोपण शक्तियाँ का प्रयोग कर सकते हैं यदि संसद ने उस पर कोई कानून नहीं बनाया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 248 के तहत संसद को किसी भी ऐसे मामले के संबंध में कानून बनाने की अनन्य शक्ति प्राप्त है जो समवर्ती सूची (List-III) या राज्य सूची (List-II) में शामिल नहीं है। इसके अलावा, संघ सूची की प्रविष्टि 97 और अनुच्छेद 248 के अंतर्गत कर-रोपण (Taxation) करने की अवशिष्ट शक्तियाँ भी पूरी तरह से संसद के पास ही हैं, राज्य विधानमंडलों के पास अवशिष्ट कर-रोपण की कोई शक्ति नहीं है। कथन 2 सही है: 'हरभजन सिंह ढिल्लों' वाद (1971) और अन्य संविधान पीठ के निर्णयों में यह सुस्थापित किया गया है कि यदि कोई विषय तीनों सूचियों में से किसी में भी प्रत्यक्ष रूप से उल्लिखित नहीं है, तो वह संघ सूची की प्रविष्टि 97 और अनुच्छेद 248 के अंतर्गत अवशिष्ट शक्तियों के दायरे में आएगा, और संसद को उस पर कानून बनाने तथा कर लगाने का पूरा अधिकार है। कथन 3 गलत है: राज्य विधानमंडलों की कर-रोपण शक्तियाँ केवल राज्य सूची की विशिष्ट प्रविष्टियों तक सीमित हैं। राज्य विधानमंडल समवर्ती सूची के विषयों पर कानून तो बना सकते हैं (राष्ट्रपति की सहमति के अधीन कुछ मामलों में), किंतु समवर्ती सूची के अंतर्गत राज्यों को किसी भी प्रकार का कर (Taxation) लगाने की कोई स्वतंत्र शक्ति प्राप्त नहीं है; कर लगाने की शक्ति या तो संघ सूची के माध्यम से संसद के पास है या राज्य सूची के माध्यम से राज्यों के पास, समवर्ती सूची में कराधान की कोई प्रविष्टि नहीं है।
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सुमेलित कीजिए: A-2 (विक्रमशिला-बिहार), B-1 (निजामुद्दीन औलिया दरगाह-दिल्ली), C-3 (चारमीनार-हैदराबाद), D-4 (फतेहपुर सीकरी-अकबर द्वारा)।
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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम' (NCAP) और वायु गुणवत्ता प्रबंधन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा वर्ष 2019 में देश भर के सभी जिलों में वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए एक अनिवार्य कानूनी रूप से बाध्यकारी (Legally binding) राष्ट्रीय लक्ष्य के रूप में शुरू किया गया था।
2. इस कार्यक्रम के तहत वर्ष 2017 को आधार वर्ष (Base year) मानते हुए, वर्ष 2024 तक देश के लक्षित गैर-प्राप्ति शहरों (Non-attainment cities) में पार्टिकुलेट मैटर ($PM_{10}$ और $PM_{2.5}$) की सांद्रता में 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी लाने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे बाद में संशोधित करके वर्ष 2026 तक 40 प्रतिशत तक की कमी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
3. 'गैर-प्राप्ति शहर' (Non-attainment cities) वे शहर होते हैं जो पिछले पाँच वर्षों के दौरान लगातार राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (NAAQS) को पूरा करने में विफल रहे हैं, विशेषकर $PM_{10}$ या $NO_2$ के निर्धारित मापदंडों के संदर्भ में।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XVIII' के अंतर्गत आपात उपबंधों (Emergency Provisions) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा संपूर्ण भारत या उसके किसी भाग के लिए की जा सकती है, तथा 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 के माध्यम से यह अनिवार्य किया गया कि 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion) के आधार पर आपातकाल की उद्घोषणा तभी की जा सकती है जब मंत्रिमंडल (Cabinet) द्वारा इसका लिखित निर्णय राष्ट्रपति को संसूचित किया जाए।
2. अनुच्छेद 356 के अधीन राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा इसके जारी होने की तारीख से दो महीने के भीतर अनुमोदित किया जाना आवश्यक है, तथा एक बार अनुमोदित होने के बाद यह अधिकतम तीन वर्ष की अवधि तक प्रवृत्त रह सकता है, बशर्ते प्रत्येक छह महीने पर संसद की स्वीकृति ली जाती रहे और हर बार अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रीय आपातकाल संपूर्ण देश में लागू हो।
3. वित्तीय आपातकाल (अनुच्छेद 360) की घोषणा के दौरान राष्ट्रपति भारत के सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों सहित संघ के अधीन सेवा करने वाले सभी या किसी भी वर्ग के व्यक्तियों के वेतनों और भत्तों में कमी करने के लिए निर्देश जारी कर सकते हैं, किंतु ऐसे आदेश को संसद के दोनों सदनों से अनुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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क्या राष्ट्रपति संविधान संशोधन विधेयक के लिए संयुक्त बैठक बुला सकते हैं?
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भारतीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के संदर्भ में, भारत में जलवायु परिवर्तन, कार्बन बाज़ार और उससे जुड़ी पहलों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत सरकार द्वारा स्थापित 'कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना' (Carbon Credit Trading Scheme - CCTS) के अंतर्गत, देश में घरेलू कार्बन बाज़ार को विनियमित करने का सांविधिक उत्तरदायित्व भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) को सौंपा गया है, जो ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन तीव्रता को कम करने के लिए प्रमाणित कार्बन क्रेडिट के व्यापार का अधीक्षण करता है।
2. 'राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन' (National Green Hydrogen Mission) के तहत भारत का लक्ष्य वर्ष 2030 तक प्रति वर्ष कम से कम 5 मिलियन मैट्रिक टन (MMT) हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता का विकास करना है, जिसके साथ ही लगभग 125 गीगावाट (GW) की संबंद्ध अक्षय ऊर्जा क्षमता का विस्तार भी शामिल है।
3. ऊर्जा संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2022 के माध्यम से केंद्र सरकार या उसके द्वारा अधिकृत एजेंसी को यह शक्ति प्रदान की गई है कि वह भारत में पंजीकृत संस्थाओं और उद्योगों को कार्बन क्रेडिट प्रमाण पत्र जारी कर सके तथा ऊर्जा के गैर-जीवाश्म स्रोतों के उपयोग के लिए न्यूनतम हिस्सेदारी के मानदंड निर्धारित कर सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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