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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता संरक्षण के संदर्भ में, भारत में 'केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड' (CPCB) तथा 'जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974' के विधिक एवं संस्थागत प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड' (CPCB) की स्थापना वर्ष 1974 में 'जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974' के अंतर्गत पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन एक सांविधिक (Statutory) निकाय के रूप में की गई थी, और यह बोर्ड देश में वायु प्रदूषण के निवारण और नियंत्रण के लिए भी मानक तय करने के लिए वैधानिक रूप से उत्तरदायी है।
- 2. जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के प्रावधानों के अनुसार, किसी भी उद्योग, संचालन या प्रक्रिया को स्थापित करने या संचालित करने से पूर्व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB) या CPCB से पूर्व सहमति (Consent to Establish and Consent to Operate) प्राप्त करना कानूनी रूप से अनिवार्य है, तथा अधिनियम के तहत जल प्रदूषण के मामलों में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के लिए कारावास और मौद्रिक दंड दोनों का प्रावधान किया गया है।
- 3. 'पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986' के विपरीत, जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के अंतर्गत CPCB या SPCB के अधिकारियों को किसी भी औद्योगिक इकाई या परिसर में प्रवेश करने, निरीक्षण करने, परीक्षण के लिए जल या effluent के नमूने (Samples) लेने की कोई स्वतंत्र सांविधिक शक्ति प्राप्त नहीं है, जब तक कि इसके लिए संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट से पूर्व वारंट प्राप्त न किया गया हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की स्थापना सितंबर 1974 में 'जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974' के तहत एक सांविधिक निकाय के रूप में की गई थी। बाद में इस बोर्ड को वर्ष 1981 में 'वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम' के तहत भी शक्तियां और कार्य सौंपे गए।
कथन 2 सही है: जल अधिनियम, 1974 के तहत किसी भी उद्योग, संयंत्र या नए निर्वहन को शुरू करने से पहले संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB) से 'सहमति' (Consent to Establish/Operate) लेना अनिवार्य है। इस अधिनियम में नियमों के उल्लंघन पर कारावास और जुर्माने दोनों का प्रावधान है।
कथन 3 गलत है: जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 23 के तहत CPCB और SPCB के अधिकृत अधिकारियों को यह स्पष्ट सांविधिक अधिकार प्राप्त है कि वे किसी भी समय किसी औद्योगिक इकाई, कारखाने या परिसर में प्रवेश कर सकते हैं, निरीक्षण कर सकते हैं, और विश्लेषण के लिए जल या अपशिष्ट जल (Effluent) के नमूने ले सकते हैं। इसके लिए किसी न्यायिक मजिस्ट्रेट के पूर्व वारंट की आवश्यकता नहीं होती है।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IX-ख' (सहकारी समितियाँ - अनुच्छेद 243-ZH से 243-ZT) तथा 97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 के प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 के माध्यम से सहकारी समितियों का गठन करना एक मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 19 के तहत 'संगम या संघ या सहकारी समितियाँ बनाने का अधिकार') बना दिया गया, तथा संविधान में एक नया नीति निर्देशक तत्व (अनुच्छेद 43-B) जोड़कर राज्यों को सहकारी समितियों के स्वैच्छिक गठन, स्वायत्त कामकाज और लोकतांत्रिक नियंत्रण को बढ़ावा देने का निर्देश दिया गया।
2. इस संशोधन द्वारा सहकारी समितियों के बोर्ड के सदस्यों की अधिकतम संख्या 21 तय की गई, तथा बोर्ड के निर्वाचन में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण की अनिवार्यता का प्रावधान किया गया, जिसमें बोर्ड में कम से कम एक सीट एससी/एसटी के लिए और दो सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
3. सहकारी समितियों के निदेशकों का कार्यकाल उनके निर्वाचन की तिथि से अधिकतम 5 वर्ष होगा, और यदि किसी सहकारी समिति के बोर्ड को राज्य सरकार द्वारा विघटित (Supersede) किया जाता है, तो विघटन की तिथि से अधिकतम 6 महीने के भीतर नए बोर्ड के गठन के लिए चुनाव कराना अनिवार्य है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय इतिहास, कला एवं संस्कृति के संदर्भ में, मध्यकालीन भारत के दौरान प्रचलित 'अकबर की भू-राजस्व प्रणाली' (दहसाला व्यवस्था) तथा उससे संबंधित प्रशासनिक सुधारों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दहसाला व्यवस्था (Zabt System), जिसे टोडरमल की सहायता से लागू किया गया था, के अंतर्गत पिछले दस वर्षों के दौरान विभिन्न फसलों के औसत उत्पादन तथा उनके औसत बाजार मूल्यों का आकलन करके राजस्व का निर्धारण किया जाता था।
2. इस व्यवस्था के तहत भूमि का वर्गीकरण उसकी उर्वरता के आधार पर चार श्रेणियों—पोलज, परती, चाचर और बंजर—में किया गया था, जिनमें से 'पोलज' वह भूमि थी जिस पर प्रतिवर्ष खेती की जाती थी और उसे कभी भी खाली नहीं छोड़ा जाता था।
3. 'नस्क' या 'कंकूट' प्रणाली दहसाला पद्धति से पूरी तरह भिन्न थी, जिसमें फसल के कटने से पहले खेत में खड़े फसल के अनुमान (Crop Estimate) के आधार पर राज्य का हिस्सा तय किया जाता था, और यह प्रणाली केवल चुनिंदा प्रांतों में ही लागू थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XVIII' के अंतर्गत 'आपात उपबंध' (Emergency Provisions - अनुच्छेद 352 से 360) तथा 'राष्ट्रीय आपातकाल' (National Emergency - अनुच्छेद 352) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 352 के अनुसार राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा संपूर्ण भारत या उसके किसी भाग के संबंध में युद्ध, बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के आधार पर की जा सकती है, किंतु 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion) शब्द मूल संविधान में शामिल था जिसे बाद में 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा जोड़ा गया था।
2. राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा तब तक नहीं की जा सकती जब तक कि 'संघीय मंत्रिमंडल' (Cabinet - प्रधानमंत्री सहित कैबिनेट स्तर के मंत्रियों का निकाय) द्वारा लिखित रूप में ऐसा निर्णय राष्ट्रपति को संसूचित न किया जाए, जिसे 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा अंतःस्थापित किया गया था।
3. राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा इसके जारी होने की तारीख से 'एक महीने' के भीतर विशेष बहुमत (अर्थात सदन के कुल सदस्यों के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले कम से कम दो-तिहाई सदस्यों के बहुमत) द्वारा अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है।
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