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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 324' के अंतर्गत 'भारत के निर्वाचन आयोग' (Election Commission of India) की संरचना, नियुक्ति और सेवा शर्तों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार, निर्वाचन आयोग मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों (यदि कोई हों, जिनकी संख्या राष्ट्रपति समय-समय पर निर्धारित करे) से मिलकर बनेगा, और मुख्य निर्वाचन आयुक्त तथा अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि के अधीन राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
- 2. 'मुख्य निर्वाचन आयुक्त' को उसके पद से उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति से और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, जबकि अन्य किसी निर्वाचन आयुक्त को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की संस्तुति के बिना उसके पद से नहीं हटाया जा सकता है।
- 3. संविधान में अन्य निर्वाचन आयुक्तों और क्षेत्रीय आयुक्तों की सेवा शर्तों और पदावधि के निर्धारण की शक्ति पूरी तरह से संसद को दी गई है, और निर्वाचन आयोग एक बहु-सदस्यीय निकाय के रूप में वर्ष 1950 में संविधान के लागू होने के साथ ही कार्य करना शुरू कर दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है: यद्यपि संविधान के अनुच्छेद 324(2) में यह प्रावधान है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी, लेकिन यह संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि के 'अधीन' नहीं बल्कि राष्ट्रपति के विवेक (मंत्रिपरिषद की सलाह) पर निर्भर था (हालांकि हालिया अधिनियम के बाद विधि बनाई गई है, किंतु मूल रूप से संविधान में संसद की विधि का प्रावधान नहीं था, बल्कि राष्ट्रपति की नियुक्ति शक्ति का उल्लेख है)। इसके अलावा, मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया से संबंधित प्रावधानों में ऐतिहासिक रूप से संसद की किसी विशेष विधि के बजाय कार्यपालिका के आदेश सर्वोपरि रहे हैं। अधिक सटीक रूप से, कथन 3 के गलत होने के कारण विकल्प 'b' सही है।
कथन 2 सही है: संविधान के अनुच्छेद 324(5) के परंतु (proviso) के अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जाएगा जिस रीति से और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है (यानी संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित समावेदन के आधार पर)। साथ ही, किसी अन्य निर्वाचन आयुक्त या क्षेत्रीय आयुक्त को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की संस्तुति के बिना उसके पद से नहीं हटाया जा सकता है।
कथन 3 गलत है: निर्वाचन आयोग वर्ष 1950 में अपने गठन के समय से ही एक-सदस्यीय निकाय (Single-member body) था। इसे पहली बार 16 अक्टूबर 1989 को बहु-सदस्यीय निकाय बनाया गया था, फिर कुछ समय के लिए एकल-सदस्यीय किया गया, और अंततः 1 अक्टूबर 1993 से यह स्थायी रूप से एक बहु-सदस्यीय निकाय (मुख्य निर्वाचन आयुक्त + 2 अन्य आयुक्त) बना। अतः यह कहना गलत है कि यह 1950 से ही बहु-सदस्यीय निकाय के रूप में कार्य कर रहा था। साथ ही, अन्य आयुक्तों की सेवा शर्तें राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित की जाती हैं, न कि केवल संसद द्वारा।
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भारतीय अर्थव्यवस्था में 'राष्ट्रीय आय' (National Income) के मापन और 'सकल घरेलू उत्पाद' (GDP) की गणना की विधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. व्यय विधि (Expenditure Method) के अंतर्गत जीडीपी की गणना करते समय, अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों द्वारा किए जाने वाले अंतिम उपभोग व्यय, सकल घरेलू पूंजी निर्माण (Investment), सरकारी व्यय और शुद्ध निर्यात (निर्यात माइनस आयात) को शामिल किया जाता है, जिसमें मध्यवर्ती वस्तुओं (Intermediate Goods) के मूल्य को भी जोड़ा जाता है ताकि कुल उत्पादन का सटीक आकलन हो सके।
2. जब 'सकल घरेलू उत्पाद' (GDP) में से विदेशों से प्राप्त शुद्ध कारक आय (Net Factor Income from Abroad - NFIA) को जोड़ दिया जाता है, तो प्राप्त होने वाला संकेतक 'सकल राष्ट्रीय उत्पाद' (GNP) कहलाता है।
3. बाजार मूल्य पर 'शुद्ध घरेलू उत्पाद' (NDP at Market Price) में से 'शुद्ध अप्रत्यक्ष कर' (Net Indirect Taxes, अर्थात् अप्रत्यक्ष कर और सब्सिडी का अंतर) को घटाने और 'ह्रास' (Depreciation / Consumption of Fixed Capital) को जोड़ने पर 'साधन लागत पर सकल घरेलू उत्पाद' (GDP at Factor Cost) प्राप्त होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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द्वितीय बौद्ध संगीति किस स्थान पर संपन्न हुई थी?
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1. भारत में केंद्र सरकार के आंतरिक ऋण का प्रबंधन मुख्य रूप से 'भारतीय रिजर्व बैंक' (RBI) द्वारा सरकार के बैंकर और ऋण प्रबंधक के रूप में किया जाता है, जिसके तहत RBI सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) के नीलामी संचालन और तरबियत नियंत्रण का कार्य करता है।
2. 'सार्वजनिक ऋण प्रबंधन एजेंसी' (Public Debt Management Agency - PDMA) की स्थापना का मुख्य उद्देश्य सरकारी ऋण प्रबंधन और मौद्रिक नीति संचालन के संभावित हितों के टकराव (Conflict of Interest) को समाप्त करना था, और वर्तमान में PDMA पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से वित्त मंत्रालय के नियंत्रण से बाहर एक सांविधिक निकाय के रूप में कार्य करती है।
3. राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम, 2003 के तहत केंद्र सरकार के लिए यह वैधानिक रूप से अनिवार्य किया गया था कि वह वर्ष 2024-25 तक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 40% के लक्ष्य के भीतर केंद्र के ऋण और राजकोषीय घाटे को सीमित रखे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'एल नीनो-दक्षिणी दोलन' (El Niño-Southern Oscillation - ENSO) और 'इंडियन ओशन डिपोल' (Indian Ocean Dipole - IOD) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. एल नीनो एक ऐसी घटना है जिसमें पूर्वी प्रशांत महासागर (पेरू के तट के पास) में सतही जल का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप में दक्षिण-पश्चिम मानसून की हवाओं का दबाव बढ़ जाता है और देश में सामान्य से अधिक वर्षा होती है।
2. 'धनात्मक इंडियन ओशन डिपोल' (+IOD) की स्थिति में पश्चिमी हिंद महासागर (अफ़्रीकी तट के पास) का तापमान पूर्वी हिंद महासागर (इंडोनेशिया के पास) की तुलना में अधिक हो जाता है, जो आमतौर पर भारत में मानसून की वर्षा को अनुकूल रूप से प्रभावित करता है।
3. जब प्रशांत महासागर में 'ला नीना' (La Niña) की स्थिति होती है और साथ ही हिंद महासागर में 'धनात्मक IOD' सक्रिय होता है, तो ये दोनों कारक संयुक्त रूप से भारत में मानसून के प्रदर्शन को और अधिक मजबूत करने में सहायक होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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इब्न बतूता किसके शासनकाल में भारत आया था?
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