BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Civil services
15 views

भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 32' के अंतर्गत 'रिट अधिकारिता' (Writ Jurisdiction) और इसके विभिन्न प्रकारों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान का अनुच्छेद 32 स्वयं में एक मौलिक अधिकार है, जिसके तहत उच्चतम न्यायालय को मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus), परमादेश (Mandamus), प्रतिषेध (Prohibition), अधिकार-पृच्छा (Quo-Warranto) और उत्प्रेषण (Certiorari) रिट जारी करने की शक्ति प्राप्त है, और इस अधिकारिता का विस्तार केवल सार्वजनिक प्राधिकरणों तक सीमित है, यह किसी भी निजी व्यक्ति या निकाय के विरुद्ध जारी नहीं किया जा सकता है।
  2. 2. 'बंदी प्रत्यक्षीकरण' (Habeas Corpus) रिट का शाब्दिक अर्थ 'को शरीर को प्रस्तुत किया जाए' है, जो कि अवैध हिरासत के विरुद्ध एक शक्तिशाली उपाय है, तथा यह रिट सार्वजनिक प्राधिकरणों के साथ-साथ निजी व्यक्तियों या संस्थाओं द्वारा की गई गैर-कानूनी नजरबंदी या गिरफ्तारी के खिलाफ भी जारी की जा सकती है।
  3. 3. 'अधिकार-पृच्छा' (Quo-Warranto) रिट किसी सार्वजनिक पद पर किसी व्यक्ति के अवैध रूप से आसीन होने को रोकने के लिए जारी की जाती है, और इस रिट को दायर करने के लिए यह आवश्यक नहीं है कि याचिकाकर्ता स्वयं उस पद का दावेदार हो या उसके किसी मौलिक अधिकार का प्रत्यक्ष उल्लंघन हुआ हो, बल्कि इसे अदालत की अनुमति से किसी भी लोक-हितैषी व्यक्ति (Public-spirited person) द्वारा दायर किया जा सकता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है: हालांकि अनुच्छेद 32 के तहत अधिकांश रिटें (जैसे परमादेश) सार्वजनिक प्राधिकरणों के खिलाफ जारी होती हैं, किंतु 'बंदी प्रत्यक्षीकरण' (Habeas Corpus) और कुछ सीमा तक 'अधिकार-पृच्छा' (Quo-Warranto) जैसी रिटें निजी व्यक्तियों या निजी निकायों के विरुद्ध भी जारी की जा सकती हैं यदि वे किसी व्यक्ति को अवैध रूप से बंधक बनाते हैं। अतः यह कहना गलत है कि यह केवल सार्वजनिक प्राधिकरणों तक सीमित है। कथन 2 सत्य है: 'बंदी प्रत्यक्षीकरण' (Habeas Corpus) का शाब्दिक अर्थ 'व्यक्ति के शरीर को प्रस्तुत करना' है। यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है और यह रिट राज्य (सार्वजनिक प्राधिकरण) के साथ-साथ निजी व्यक्तियों दोनों के विरुद्ध जारी की जा सकती है जो किसी व्यक्ति को अवैध हिरासत में रखते हैं। कथन 3 सत्य है: 'अधिकार-पृच्छा' (Quo-Warranto) का अर्थ 'किस प्राधिकार से' (By what authority) है। यह किसी लोक कार्यालय (Public Office) पर किसी व्यक्ति के अवैध दावे या दखल को रोकने के लिए जारी की जाती है। इस रिट की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसे पीड़ित व्यक्ति के अलावा किसी भी अन्य व्यक्ति (Public-spirited person) द्वारा न्यायालय में दायर किया जा सकता है, क्योंकि यह जनता के अधिकारों की रक्षा से जुड़ा होता है।
Share:

Related Questions

→ भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) का उल्लेख किस अनुच्छेद में है? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 72' के अंतर्गत राष्ट्रपति की 'क्षमादान की शक्ति' (Pardoning Power) और उसकी न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति (अनुच्छेद 72) और राज्यपाल की क्षमादान शक्ति (अनुच्छेद 161) दोनों ही मामलों में, न्यायालयों द्वारा इन शक्तियों के प्रयोग की न्यायिक समीक्षा की जा सकती है, यदि यह शक्ति प्रयोग बिना किसी आधार के, दुर्भावनापूर्ण, मनमाना या बाहरी राजनीतिक प्रभावों से प्रेरित पाया जाता है। 2. संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति को किसी भी मामले में, जिसमें दंड या दंडादेश ऐसे विषय से संबंधित है जिस पर संघ की कार्यकारी शक्ति का विस्तार होता है, क्षमा, प्रविलंबन, विराम या परिहार करने अथवा दंडादेश का निलंबन, परिहार या लघुकरण करने की शक्ति प्राप्त है, जिसमें मृत्युदंड (Death Sentence) का मामला भी शामिल है। 3. 'ईश्वर सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य' या अन्य संवैधानिक पीठों के निर्णयों के अनुसार, राष्ट्रपति के लिए यह अनिवार्य है कि वह दया याचिका (Mercy Petition) पर निर्णय लेते समय केंद्रीय मंत्रिमंडल की सलाह से पूरी तरह बंधा हुआ हो और वह अपने स्वविवेक (Discretion) का उपयोग बिल्कुल भी नहीं कर सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारत के पहले Air-Filled Rubber Dams का निर्माण किस राज्य में किया जा रहा है? → भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'भूमध्यसागरीय जलवायु' (Mediterranean Climate) की विशेषताओं और इसके भौगोलिक वितरण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस प्रकार की जलवायु का विस्तार मुख्य रूप से महाद्वीपों के पश्चिमी किनारों पर लगभग 30° से 45° उत्तर और दक्षिण अक्षांशों के बीच पाया जाता है, जहाँ गर्मियों में पछुआ पवनें (Westerlies) और सर्दियों में व्यापारिक पवनें (Trade Winds) प्रभावी होती हैं। 2. यहाँ की सबसे विशिष्ट जलवायु विशेषता 'शुष्क ग्रीष्मकाल' (Dry Summers) और 'वर्षा ऋतु का शीतकाल में होना' है, जिसका मुख्य कारण सर्दियों में उपोष्णकटिबंधीय उच्चदाब पेटियों (Subtropical High-Pressure Belts) का ध्रुवीय दिशा में खिसकना है। 3. भूमध्यसागरीय जलवायु क्षेत्र अपनी खट्टे फलों (Citrus Fruits) की कृषि के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं, क्योंकि यहाँ की वर्षा मुख्य रूप से चक्रवातीय प्रकार की होती है जो पछुआ पवनों के प्रभाव से शीतकाल में होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → अशोक के अभिलेखों में उसे किस उपाधि से संबोधित किया गया है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.