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सामान्य विज्ञान और पर्यावरण के संदर्भ में, 'हरित गृह प्रभाव' (Greenhouse Effect) और 'जलवायु परिवर्तन' से संबंधित 'क्लाउड फीडबैक' (Cloud Feedback) और 'एरोसोल' (Aerosols) के प्रभाव के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. बादलों का जलवायु पर दोतरफा प्रभाव पड़ता है; जहाँ कम ऊँचाई वाले घने बादल (Low-level clouds) सूर्य के प्रकाश को अंतरिक्ष में वापस परावर्तित करके पृथ्वी की सतह को ठंडा करने (Albedo Effect) का कार्य करते हैं, वहीं ऊँचाई वाले पतले बादल (High-level clouds) पृथ्वी से उत्सर्जित होने वाली लंबी तरंगों के विकिरण (Terrestrial Radiation) को रोककर हरित गृह प्रभाव को बढ़ाते हैं।
  2. 2. वायुमंडल में मौजूद 'सल्फेट एरोसोल' (Sulfate Aerosols) सूर्य के विकिरण को सीधे परावर्तित करने के साथ-साथ बादलों के निर्माण को बढ़ावा देकर (Cloud Albedo Enhancement) वैश्विक तापन (Global Warming) को आंशिक रूप से रोकने या कम करने में एक शीतलन कारक (Cooling Agent) के रूप में कार्य करते हैं।
  3. 3. 'ब्लैक कार्बन' (Black Carbon) या काली कालिख एक प्रकार का एरोसोल है जो वायुमंडल में सौर विकिरण को अवशोषित करके वातावरण को गर्म करता है, किंतु जब यह बर्फ या हिमनदों (Glaciers) की सतह पर जमा होता है, तो उनकी परावर्तन क्षमता (Albedo) को बढ़ा देता है, जिससे उनके पिघलने की गति धीमी हो जाती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: बादलों का जलवायु पर जटिल फीडबैक होता है। कम ऊँचाई वाले मेघ (जैसे स्ट्रैटस) मुख्य रूप से अल्बेडो प्रभाव के कारण सौर विकिरण को परावर्तित कर ठंडक पैदा करते हैं, जबकि उच्च तुंगता वाले मेघ (जैसे सिरस) थर्मल विकिरण को रोककर वार्मिंग बढ़ाते हैं। कथन 2 सही है: सल्फेट एरोसोल और अन्य परावर्तक एरोसोल प्रत्यक्ष रूप से सौर विकिरण को वापस अंतरिक्ष में भेजते हैं तथा अप्रत्यक्ष रूप से बादलों के संक्षेपण नाभिक (CCN) के रूप में कार्य करके बादलों के अल्बेडो को बढ़ाते हैं, जिससे यह वैश्विक तापन के विरुद्ध एक शीतलन (Cooling) प्रभाव उत्पन्न करता है। कथन 3 गलत है: ब्लैक कार्बन जब बर्फ या हिमनदों की सतह पर जमा होता है, तो यह सतह के अल्बेडो (परावर्तन क्षमता) को 'घटा' देता है, जिससे बर्फ अधिक सौर विकिरण का अवशोषण करती है और उसके पिघलने की गति 'तेज' हो जाती है, धीमी नहीं होती।
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