BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Indian Polity
27 views

रिट क्षेत्राधिकार (Writ Jurisdiction) का विस्तार कौन कर सकता है?

Detailed Explanation

संसद कानून बनाकर रिट क्षेत्राधिकार बढ़ा सकती है।
Share:

Related Questions

→ अनुच्छेद 51 क्या है? → अनुच्छेद 21A किससे संबंधित है? → भारत के महान्यायवादी (Attorney General) और नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 76 के अंतर्गत नियुक्त भारत का महान्यायवादी देश का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है, जिसे अपने कर्तव्यों के पालन में भारत के राज्यक्षेत्र के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार प्राप्त है, तथा उसे संसद के दोनों सदनों या उनकी समितियों की बैठकों में बोलने और भाग लेने का अधिकार तो है, किंतु उसे संसद की किसी भी प्रक्रिया में मतदान (Voting) करने का कोई अधिकार नहीं है। 2. संविधान के अनुच्छेद 148 के अनुसार नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और उसे उसके पद से उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति से उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, तथा अपनी पदमुक्ति के पश्चात् वह भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी भी प्रकार का अन्य लाभ का पद (Office of Profit) धारण करने का पात्र नहीं होता है। 3. नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) संसद की लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee) के 'मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक' के रूप में कार्य करता है, और CAG द्वारा तैयार किए गए केंद्र के लेखा-परीक्षा प्रतिवेदनों को सीधे प्रधानमंत्री को प्रस्तुत किया जाता है, जो उन्हें संसद के दोनों सदनों के पटल पर रखवाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → कैग (CAG) किसके द्वारा नियुक्त? → भारतीय संविधान के भाग I के अंतर्गत 'संघ एवं उसके राज्य क्षेत्र' (अनुच्छेद 1-4) के प्रावधानों और नए राज्यों के प्रवेश, स्थापना या सीमा परिवर्तन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 2 के अधीन संसद को विधि द्वारा ऐसे निबंधनों और शर्तों पर, जो वह ठीक समझे, संघ में नए राज्यों के प्रवेश या उनकी स्थापना करने की शक्ति प्राप्त है, जिसका प्रयोग मुख्य रूप से उन भू-भागों को भारतीय संघ में शामिल करने के लिए किया जाता है जो पहले से भारत संघ का हिस्सा नहीं थे। 2. अनुच्छेद 3 के तहत किसी नए राज्य के निर्माण या मौजूदा राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन से संबंधित कोई भी विधेयक राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश के बिना संसद के किसी भी सदन में पुनःस्थापित नहीं किया जा सकता, तथा राष्ट्रपति द्वारा संबंधित राज्य के विधानमंडल के पास विधेयक भेजे जाने पर राज्य विधानमंडल द्वारा निर्धारित समयावधि के भीतर व्यक्त किया गया मत संसद के लिए पूर्णतः बाध्यकारी (Binding) होता है। 3. अनुच्छेद 4 के अंतर्गत यह स्पष्ट किया गया है कि अनुच्छेद 2 या अनुच्छेद 3 के अधीन नए राज्यों के प्रवेश, स्थापना या पुनर्गठन से संबंधित विधियों में संविधान के अनुच्छेद 368 के प्रयोजनों के लिए संशोधन किया हुआ माना जाएगा, जिसके लिए विशेष बहुमत और आधे राज्यों के अनुसमर्थन की अनिवार्यता होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.