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Indian Polity
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अनुच्छेद 21A किससे संबंधित है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
शिक्षा का अधिकार।
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों (High Courts) और अधीनस्थ न्यायालयों की संरचना, उनकी अधिकारिता तथा शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 214 के अनुसार प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय होगा, किंतु संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह विधि द्वारा दो या अधिक राज्यों के लिए अथवा किसी संघ राज्यक्षेत्र को मिलाकर एक ही उच्च न्यायालय स्थापित कर सकती है।
2. किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को उसके पद से हटाने की प्रक्रिया वही है जो उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने की है, और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के वेतन और भत्ते संबंधित राज्य की संचित निधि (Consolidated Fund of the State) पर भारित होते हैं, जबकि उनकी पेंशन भारत की संचित निधि से दी जाती है।
3. संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत प्रत्येक उच्च न्यायालय को अपने प्रादेशिक क्षेत्राधिकार के भीतर सभी न्यायालयों और अधिकरणों (Tribunals) के अधीक्षण (Superintendence) की व्यापक शक्ति प्राप्त है, जिसमें प्रशासनिक और न्यायिक दोनों प्रकार के अधीक्षण शामिल हैं, और यह शक्ति सैन्य न्यायालयों या सशस्त्र बलों से संबंधित अधिकरणों पर भी लागू होती है।
4. संविधान के अनुच्छेद 233 के अंतर्गत किसी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति उस राज्य के राज्यपाल द्वारा संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करके की जाती है, और जिला न्यायाधीश के अलावा अन्य न्यायिक सेवा के व्यक्तियों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा राज्य लोक सेवा आयोग और उच्च न्यायालय से परामर्श करके की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोगों (SPSC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 316 के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग या किसी राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या अन्य सदस्यों को उनके पद से केवल राष्ट्रपति द्वारा ही हटाया जा सकता है, भले ही वे राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्य या अध्यक्ष हों, और हटाने का आधार कदाचार (Misbehavior) होने पर उच्चतम न्यायालय की जाँच अनिवार्य होती है।
2. अनुच्छेद 318 के अंतर्गत राष्ट्रपति को संघ लोक सेवा आयोग के सदस्यों की संख्या और उनकी सेवा की शर्तों के नियम बनाने की शक्ति प्राप्त है, जबकि राज्यपाल को अपने राज्य के लोक सेवा आयोग के संदर्भ में ऐसे नियम बनाने का पूर्ण अधिकार प्राप्त है।
3. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष या सदस्य अपनी पदावधि समाप्त होने के पश्चात भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी भी अन्य रोजगार के पात्र नहीं होते हैं, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) का अध्यक्ष अपने कार्यकाल की समाप्ति के बाद संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य के रूप में अथवा किसी अन्य राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किए जाने का पात्र होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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रेफ्रिजरेटर के तापमान नियंत्रण हेतु थर्मोस्टैट में क्या होता है?
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संविधान का कौन सा संशोधन 'मिनी कॉन्स्टिट्यूशन' कहलाता है?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत मूल कर्तव्यों (Fundamental Duties) के प्रावधानों, उनकी प्रकृति तथा स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूल संविधान में एक भी मूल कर्तव्य का प्रावधान नहीं था, किंतु सरदार स्वर्ण सिंह समिति की संस्तुति के आधार पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान के भाग IV-क के अनुच्छेद 51-क के अंतर्गत मूल कर्तव्यों को समाविष्ट किया गया, जिसमें प्रारंभ में कुल 10 मूल कर्तव्य जोड़े गए थे।
2. 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 के माध्यम से संविधान में एक नया मूल कर्तव्य जोड़ा गया, जिसके तहत छह से चौदह वर्ष की आयु के अपने बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करने का कर्तव्य माता-पिता या संरक्षक का होगा, और इस प्रकार वर्तमान में कुल मूल कर्तव्यों की संख्या 11 हो गई है।
3. नीति निर्देशक तत्वों की भांति मूल कर्तव्य भी प्रकृति से न्यायोचित (Justiciable) हैं, जिसका अर्थ है कि यदि कोई नागरिक अपने मूल कर्तव्यों का पालन नहीं करता है, तो संसद के पास उन्हें दंडित करने या उनके विरुद्ध न्यायालय में प्रत्यक्ष रूप से प्रवर्तनीय विधियाँ बनाने की पूर्ण शक्ति प्राप्त है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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