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भारतीय अर्थव्यवस्था और सतत विकास के संदर्भ में, 'मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना' (Soil Health Card Scheme) और कृषि वानिकी (Agroforestry) के संधारणीय दृष्टिकोणों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत किसानों को उनकी भूमि की पोषक तत्वों की स्थिति का विवरण देने वाला कार्ड प्रदान किया जाता है, जिसके आधार पर नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश (NPK) जैसे प्राथमिक उर्वरकों के साथ-साथ सूक्ष्म पोषक तत्वों (Micro-nutrients) के संतुलित उपयोग की सिफारिश की जाती है।
- 2. यह योजना केवल रासायनिक उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग तक ही सीमित है और इसके दायरे में जैविक खेती, वर्मीकंपोस्टिंग या मृदा की जैविक कार्बन सामग्री (Soil Organic Carbon) को बढ़ाने से संबंधित कोई प्रावधान या अनुशंसित संदर्शिका शामिल नहीं है।
- 3. राष्ट्रीय कृषि वानिकी नीति (National Agroforestry Policy), जिसे भारत द्वारा विश्व में सबसे पहले वर्ष 2014 में अपनाया गया था, का मुख्य उद्देश्य कृषि जोतों पर पेड़ों के आवरण को बढ़ाकर किसानों की आय में वृद्धि करना, जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों से निपटना और भूमि की उर्वरता को पुनर्स्थापित करना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: मृदा स्वास्थ्य कार्ड (SHC) योजना किसानों को उनकी मिट्टी के पोषक तत्वों की स्थिति के बारे में जानकारी प्रदान करती है और उन्हें मिट्टी के स्वास्थ्य और उर्वरता में सुधार के लिए आवश्यक उर्वरकों की उचित मात्रा की सिफारिश करती है। इसमें NPK के साथ-साथ द्वितीयक और सूक्ष्म पोषक तत्वों की संस्तुति भी शामिल होती है। कथन 2 गलत है: मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना केवल रासायनिक उर्वरकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समय के साथ मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार के लिए जैविक खादों, हरी खाद (Green Manuring), वर्मीकंपोस्ट और मृदा की जैविक कार्बन सामग्री को बढ़ाने के उपायों की भी जोरदार वकालत और सिफारिश करती है। कथन 3 सही है: भारत दुनिया का पहला ऐसा देश है जिसने वर्ष 2014 में चौथी 'विश्व कृषि वानिकी कांग्रेस' (World Agroforestry Congress) के दौरान अपनी 'राष्ट्रीय कृषि वानिकी नीति' (National Agroforestry Policy) की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य 'हर मेड़ पर पेड़' की अवधारणा को बढ़ावा देना, कृषि जोत की उत्पादकता बढ़ाना, लकड़ी की मांग को पूरा करना और जलवायु परिवर्तन के प्रति सहनशीलता विकसित करना है। अतः केवल कथन 1 और 3 सही हैं।
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भारतीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय हरित अधिकरण' (National Green Tribunal - NGT) और उससे संबंधित विधिक प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय हरित अधिकरण की स्थापना वर्ष 2010 में 'राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम' के तहत की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, वनों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से संबंधित मामलों का प्रभावी और तीव्र गति से निपटारा करना है।
2. यह अधिकरण सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के अंतर्गत निर्धारित सख्त न्यायिक प्रक्रियाओं और नियमों से पूरी तरह बाध्य है, और इसे अपने समक्ष आने वाले मामलों की सुनवाई करते समय 'नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों' (Principles of Natural Justice) का पालन करने की आवश्यकता नहीं होती है।
3. राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्णयों या आदेशों के विरुद्ध अपील सीधे सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में की जा सकती है, क्योंकि इसके आदेशों को चुनौती देने के लिए देश के उच्च न्यायालयों (High Courts) के अपीलीय क्षेत्राधिकार को पूरी तरह से वर्जित किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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सामान्य विज्ञान और पर्यावरण के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण' (National Biodiversity Authority - NBA) और 'जैव विविधता प्रबंधन समितियों' (Biodiversity Management Committees - BMCs) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) की स्थापना 'जैव विविधता अधिनियम, 2002' के प्रावधानों के तहत एक सांविधिक, स्वायत्त निकाय के रूप में की गई है, जिसका मुख्यालय चेन्नई, तमिलनाडु में स्थित है।
2. जैव विविधता अधिनियम, 2002 के अनुसार देश के सभी स्थानीय निकायों (चाहे वे ग्रामीण हों या शहरी) को अपने स्तर पर अनिवार्य रूप से 'जैव विविधता प्रबंधन समितियों' (BMCs) का गठन करना होता है, जिनका मुख्य कार्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जैव संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान का प्रलेखन करके 'जन जैव विविधता रजिस्टर' (People's Biodiversity Register - PBR) तैयार करना है।
3. राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) को किसी भी विदेशी नागरिक, कंपनी या अनिवासी भारतीय (NRI) द्वारा देश के भीतर जैव संसाधनों या उससे जुड़े पारंपरिक ज्ञान के उपयोग के लिए किए जाने वाले आवेदन पर अनुमति या अनुमोदन प्रदान करने का अनन्य अधिकार प्राप्त है, और इस प्रक्रिया में राज्य जैव विविधता बोर्डों (SBBs) से परामर्श करना अनिवार्य नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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पाक जलसंधि (Palk Strait) किन देशों के बीच स्थित है?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XVII' के अंतर्गत 'राजभाषा' (Official Language - Articles 343-351) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी होगी, तथा संघ के राजकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग होने वाले अंकों का रूप भारतीय अंकों का अंतरराष्ट्रीय रूप (1, 2, 3...) होगा, किंतु राष्ट्रपति को यह अधिकार प्राप्त है कि वह इस अंतरराष्ट्रीय रूप के अतिरिक्त अंकों के देवनागरी रूप के प्रयोग को भी प्राधिकृत कर सकता है।
2. अनुच्छेद 348 के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय में सभी कार्यवाही अंग्रेजी भाषा में होगी, जब तक कि संसद विधि द्वारा अन्यथा उपबंध न करे, तथा किसी भी राज्य का राज्यपाल राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से उस राज्य के उच्च न्यायालय की कार्यवाही में हिंदी भाषा या उस राज्य में राजकीय प्रयोजनों के लिए प्रयुक्त किसी अन्य भाषा के प्रयोग को प्राधिकृत कर सकता है।
3. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ शामिल थीं, जिन्हें समय-समय पर विभिन्न संविधान संशोधनों (जैसे 21वें, 71वें और 92वें संशोधनों) के माध्यम से बढ़ाकर वर्तमान में 22 कर दिया गया है, तथा इस अनुसूची में 'अंग्रेजी', 'भोजपुरी' और 'राजस्थानी' भाषाएँ भी शामिल हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता के संदर्भ में, 'पर्यावरण प्रभाव आकलन' (Environmental Impact Assessment - EIA) और भारत में इसकी वैधानिक प्रक्रिया से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) को कानूनी समर्थन पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत जारी पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिसूचना, 2006 (EIA Notification 2006) के माध्यम से प्राप्त होता है, जिसके तहत विकास परियोजनाओं को उनके संभावित पर्यावरणीय प्रभावों के आधार पर 'श्रेणी A' और 'श्रेणी B' में वर्गीकृत किया जाता है।
2. 'श्रेणी A' की परियोजनाओं का पर्यावरण मंजूरी (Environmental Clearance) के लिए केंद्रीय स्तर पर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा गठित 'विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति' (EAC) द्वारा मूल्यांकन किया जाता है, जबकि 'श्रेणी B' की परियोजनाओं का मूल्यांकन राज्य स्तरीय पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (SEIAA) द्वारा किया जाता है।
3. EIA अधिसूचना, 2006 के प्रावधानों के अनुसार, देश में किसी भी श्रेणी की नई विकास परियोजना के लिए पर्यावरण मंजूरी प्रक्रिया में 'जन सुनवाई' (Public Hearing) का आयोजन करना हमेशा और सभी परिस्थितियों में अनिवार्य होता है, और इसमें किसी भी प्रकार की छूट का कोई प्रावधान नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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