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भारतीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास के संदर्भ में, 'राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम' (FRBM Act, 2003) तथा भारत में राजकोषीय घाटे से संबंधित प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. FRBM अधिनियम, 2003 का मुख्य उद्देश्य देश में वित्तीय अनुशासन को सुनिश्चित करना, राजस्व घाटे को समाप्त करना और दीर्घकालिक समष्टि आर्थिक स्थिरता (Macroeconomic Stability) प्राप्त करना है, जिसके तहत मूल रूप से अधिनियम में यह लक्ष्य रखा गया था कि वित्तीय वर्ष 2008-09 तक राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 3% तक लाया जाए।
- 2. वर्ष 2018 के संशोधनों के बाद, FRBM अधिनियम के तहत यह सांविधिक लक्ष्य निर्धारित किया गया कि केंद्र सरकार वित्तीय वर्ष 2020-21 तक राजकोषीय घाटे को GDP के 3% पर लाएगी, और साथ ही केंद्र सरकार के कुल ऋण (Debt) और सामान्य सरकार के कुल ऋण को क्रमशः GDP के 40% और 60% तक सीमित करने का लक्ष्य रखा गया।
- 3. FRBM अधिनियम में उल्लिखित 'एस्केप क्लॉज' (Escape Clause) के तहत केंद्र सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा, युद्ध, राष्ट्रीय आपदा, कृषि को गंभीर नुकसान और अर्थव्यवस्था में गहरे संकट जैसी असाधारण परिस्थितियों में राजकोषीय घाटे के लक्ष्यों से विचलन (Deviation) करने की अनुमति है, बशर्ते कि इस प्रकार का विचलन एक वित्तीय वर्ष में GDP के 0.5 प्रतिशत से अधिक न हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम, 2003 को भारत में राजकोषीय अनुशासन स्थापित करने, राजस्व घाटे को खत्म करने और सार्वजनिक ऋण का प्रबंधन करने के लिए अधिनियमित किया गया था। मूल अधिनियम में वित्तीय वर्ष 2008-09 तक राजकोषीय घाटे को GDP के 3% तक सीमित करने का लक्ष्य था (हालाँकि वैश्विक आर्थिक मंदी के कारण इसे बाद में स्थगित किया गया था)।
कथन 2 सही है: एन. के. सिंह समिति की संस्तुतियों के आधार पर वर्ष 2018 के संशोधनों में यह अनिवार्य किया गया कि केंद्र सरकार वित्तीय वर्ष 2020-21 तक राजकोषीय घाटे को GDP के 3% पर लाएगी। इसके अलावा, केंद्र सरकार के ऋण और सामान्य सरकार (केंद्र और राज्यों को मिलाकर) के ऋण को क्रमशः GDP के 40% और 60% तक लाने का लक्ष्य रखा गया।
कथन 3 असत्य है: FRBM अधिनियम के 'एस्केप क्लॉज' (धारा 4(2)) के तहत केंद्र सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा, युद्ध, गंभीर राष्ट्रीय आपदा या अर्थव्यवस्था में व्यापक संकट जैसी असाधारण परिस्थितियों में लक्ष्यों से हटने की अनुमति है। हालांकि, विचलन की यह सीमा प्रत्येक बार में एक वित्तीय वर्ष में **कम से कम 0.5 प्रतिशत** (GDP के 0.5% के गुणकों में) होती है, न कि अधिकतम 0.5% तक सीमित। इस कारण कथन 3 गलत है।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' (केंद्र-राज्य विधायी संबंध - अनुच्छेद 245 से 255) के अंतर्गत विधायी शक्तियों के वितरण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 245 के अनुसार, संसद को संपूर्ण भारत या उसके किसी भाग के लिए कानून बनाने की शक्ति प्राप्त है, तथा संसद द्वारा बनाए गए कानूनों को इस आधार पर अमान्य नहीं ठहराया जा सकता है कि उनका 'बाह्य-क्षेत्रीय विस्तार' (Extra-territorial operation) है।
2. संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत संघ सूची (List I) और राज्य सूची (List II) के बीच किसी भी प्रकार की विरोधाभासी स्थिति उत्पन्न होने पर राज्य सूची के विषयों को प्राथमिकता दी जाती है, क्योंकि संघीय व्यवस्था में राज्यों की स्वायत्तता को सर्वोच्च स्थान दिया गया है।
3. संविधान के अनुच्छेद 249 के अनुसार, यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से यह संकल्प पारित कर देती है कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या expedient है कि संसद को राज्य सूची के किसी भी विषय पर कानून बनाना चाहिए, तो संसद उस विषय पर पूरे देश या उसके किसी भाग के लिए कानून बना सकती है, और ऐसा संकल्प अधिकतम पाँच वर्ष की अवधि के लिए प्रवृत्त रहता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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सोशलिस्ट पार्टी की स्थापना कब और किसके द्वारा की गई थी?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग X' के अंतर्गत 'अनुसूचित और जनजाति क्षेत्रों' (Scheduled and Tribal Areas - Articles 244-244A) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान की पाँचवीं अनुसूची असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों को छोड़कर किसी भी राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों (Scheduled Areas) के प्रशासन और नियंत्रण से संबंधित है, तथा पाँचवीं अनुसूची के तहत किसी क्षेत्र को अनुसूचित क्षेत्र घोषित करने या उसकी सीमा में परिवर्तन करने की शक्ति राष्ट्रपति को प्राप्त है।
2. छठी अनुसूची असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों के जनजाति क्षेत्रों के प्रशासन के लिए विशेष प्रावधान करती है, जिसके तहत इन राज्यों में 'स्वायत्त जिला परिषदों' (Autonomous District Councils - ADCs) के गठन का प्रावधान है, जिन्हें भूमि, वनों, कृषि और सामाजिक रीति-रिवाजों से संबंधित मामलों पर कानून बनाने की विधायी शक्तियाँ प्राप्त होती हैं।
3. छठी अनुसूची के अंतर्गत गठित किसी भी स्वायत्त जिला परिषद को अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर अनुसूचित जनजातियों के पारंपरिक मुकदमों और विवादों के निस्तारण के लिए ग्राम परिषदों या न्यायालयों के गठन का अधिकार होता है, किंतु इन परिषदों द्वारा बनाए गए किसी भी कानून के प्रवर्तन के लिए संबंधित राज्य के राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त करना अनिवार्य नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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1. न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) की स्थापना ब्रिक्स (BRICS) देशों द्वारा की गई थी, और इसके आलेख (Articles of Agreement) के अनुसार इस बैंक की सदस्यता संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों के लिए खुली है, जिससे यह पारंपरिक पश्चिमी नेतृत्व वाले वित्तीय संस्थानों से भिन्न है।
2. NDB के प्रत्येक संस्थापक सदस्य देश के पास समान मतदान अधिकार (Equal Voting Power) हैं, जो अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की तर्ज पर सदस्य देशों के वित्तीय कोटे (Quotas) या शेयर पूंजी के अनुपात पर आधारित नहीं है।
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उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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