त्वरित लिंक्स
Civil services
20 views
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' के अंतर्गत केंद्र-राज्य विधायी संबंधों और 'अवशिष्ट शक्तियों' (Residuary Powers) के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 248 के अनुसार, संसद को किसी भी ऐसे विषय के संबंध में विधि बनाने की अनन्य शक्ति प्राप्त है जो समवर्ती सूची या राज्य सूची में शामिल नहीं है, और इस अवशिष्ट विधायी शक्ति के अंतर्गत कर लगाने (Taxation) से संबंधित विषय शामिल नहीं किए गए हैं।
- 2. कनाडा के संविधान के विपरीत, जहाँ अवशिष्ट शक्तियाँ प्रांतीय (राज्य) सरकारों में निहित हैं, भारतीय संविधान में अवशिष्ट शक्तियों को केंद्र सरकार (संसद) में निहित किया गया है, जो भारत के अर्ध-संघीय (Quasi-federal) स्वरूप को और अधिक सुदृढ़ करती है।
- 3. भारत सरकार अधिनियम, 1935 (Government of India Act, 1935) के अंतर्गत भी अवशिष्ट विधायी शक्तियाँ गवर्नर-जनरल के अधीन थीं, न कि प्रांतीय विधानमंडलों के पास, और भारतीय संविधान निर्माताओं ने इसी ऐतिहासिक प्रशासनिक निरंतरता को ध्यान में रखते हुए केंद्र को अवशिष्ट शक्तियाँ प्रदान की हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि अनुच्छेद 248 के तहत संसद को प्राप्त अवशिष्ट विधायी शक्तियों में कर लगाने (Taxation) का विषय भी स्पष्ट रूप से शामिल है (अर्थात संसद को अवशिष्ट विषयों पर कर लगाने की भी अनन्य शक्ति है)। कथन 2 सत्य है क्योंकि भारतीय संविधान ने कनाडा के मॉडल का अनुसरण किया है जहाँ अवशिष्ट शक्तियाँ केंद्र के पास होती हैं, जबकि अमेरिकी या ऑस्ट्रेलियाई मॉडल में यह राज्यों के पास होती हैं। कथन 3 सत्य है क्योंकि भारत सरकार अधिनियम, 1935 के तहत भी अवशिष्ट शक्तियाँ गवर्नर-जनरल में निहित थीं, जिसे भारत के संविधान ने अपनाया।
Related Questions
→
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' के अंतर्गत केंद्र और राज्यों के बीच 'विधायी संबंधों' (अनुच्छेद 245 से 255) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 245 के अनुसार संसद को पूरे या भारत के किसी भी भाग के लिए कानून बनाने की प्रादेशिक शक्ति (Territorial jurisdiction) प्राप्त है, तथा संसद द्वारा बनाए गए कानूनों को इस आधार पर अवैध घोषित नहीं किया जा सकता कि उनका अतिरिक्त-प्रादेशिक (Extra-territorial) प्रवर्तन होता है।
2. संविधान की सातवीं अनुसूची की 'समवर्ती सूची' (Concurrent List) के विषयों पर विधि बनाने की शक्ति संसद और राज्य विधानमंडलों दोनों को प्राप्त है, किंतु यदि किसी समवर्ती सूची के विषय पर राज्य विधानमंडल द्वारा बनाया गया कानून संसद द्वारा बनाए गए पूर्ववर्ती कानून के प्रतिकूल या असंगत है, तो संसद का कानून मान्य होगा और राज्य का कानून उस सीमा तक शून्य हो जाएगा, भले ही राज्य के कानून को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली हो।
3. संविधान के अनुच्छेद 249 के अनुसार यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से एक संकल्प पारित कर यह घोषित करे कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या expedient है कि संसद राज्य सूची में प्रगणित किसी विषय पर कानून बनाए, तो संसद को उस विषय पर पूरे देश या उसके किसी भाग के लिए विधि बनाने की शक्ति मिल जाती है, और ऐसा संकल्प अधिकतम एक वर्ष की अवधि के लिए प्रवृत्त रहता है, जिसे बार-बार अनिश्चितकाल तक बढ़ाया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सतत् विकास के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन' (National Infrastructure Pipeline - NIP) और भारत में अवसंरचना वित्तपोषण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन (NIP) को केंद्रीय वित्त मंत्रालय के तत्वावधान में शुरू किया गया एक ऐसा दीर्घकालिक रोडमैप है, जिसका उद्देश्य देश में सामाजिक और आर्थिक अवसंरचना परियोजनाओं की पहचान करना, उनका समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना तथा वर्ष 2025 तक देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य तक पहुँचाने में मदद करना है।
2. NIP के अंतर्गत वित्तपोषण का ढांचा पूरी तरह से केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बजटीय संसाधनों (Budgetary Allocations) पर निर्भर है, तथा इसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी (PPP मॉडल) या विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) के लिए कोई औपचारिक प्रावधान या गुंजाइश शामिल नहीं की गई है।
3. भारत में दीर्घकालिक अवसंरचना परियोजनाओं को वित्तपोषित करने के लिए 'राष्ट्रीय अवसंरचना और निवेश कोष' (NIIF) की स्थापना की गई है, जो कि एक अर्ध-सार्वजनिक (Quasi-sovereign) वेल्थ फंड है जिसमें भारत सरकार की हिस्सेदारी 51% या उससे अधिक है, ताकि घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय संस्थागत निवेशकों से पूंजी आकर्षित की जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
हुमायूँ का मकबरा किसके द्वारा बनवाया गया था?
→
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 75' (Article 75) और 'मंत्रिपरिषद की सामूहिक उत्तरदायित्व' (Collective Responsibility) के सिद्धांत के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 75(3) के अनुसार, मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है, जिसका अर्थ है कि लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव (No-confidence Motion) के पारित होने पर संपूर्ण मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना होता है, भले ही वह नीतिगत मतभेद किसी एक विशिष्ट मंत्री से जुड़ा हो।
2. व्यक्तिगत रूप से मंत्रियों का उत्तरदायित्व राष्ट्रपति के प्रति होता है, अर्थात राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर किसी भी मंत्री को उस समय भी पदच्युत (Dismiss) कर सकता है जब संबंधित मंत्री को लोकसभा का विश्वास प्राप्त हो।
3. 'सामूहिक उत्तरदायित्व' के सिद्धांत के तहत कैबिनेट के प्रत्येक निर्णय के लिए सरकार के सभी मंत्रियों (चाहे वे कैबिनेट मंत्री हों, राज्य मंत्री हों या उपमंत्री) को सार्वजनिक रूप से समर्थन देना अनिवार्य होता है, और यदि कोई मंत्री मंत्रिमंडल के किसी निर्णय से असहमत है तो उसे मंत्रिमंडल की बैठक के बाहर उसकी खुलकर आलोचना करने की स्वतंत्रता प्राप्त होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 312' के अंतर्गत 'अखिल भारतीय सेवाओं' (All India Services) के सृजन, शक्तियों और उनकी कार्यप्रणाली के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 312 के अनुसार, यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई (2/3rd) बहुमत से यह संकल्प पारित करती है कि राष्ट्रीय हित में ऐसा करना आवश्यक या expedient है, तो संसद विधि द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के समान किसी नई अखिल भारतीय सेवा के सृजन के लिए उपबंध कर सकती है।
2. भारतीय वन सेवा (IFS) को वर्ष 1966 में 'अखिल भारतीय सेवा अधिनियम, 1951' में संशोधन के माध्यम से एक अखिल भारतीय सेवा के रूप में स्थापित किया गया था, हालांकि संविधान के मूल पाठ में प्रारंभ में केवल दो ही अखिल भारतीय सेवाओं— IAS और IPS का उल्लेख किया गया था।
3. अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्यों की सेवा शर्तें और उनके वेतन-भत्ते पूरी तरह से संबंधित राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित किए जाते हैं, और केंद्र सरकार का इस पर कोई वैधानिक नियंत्रण नहीं होता है, भले ही उनका कैडर नियंत्रण केंद्र के अधीन हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.