त्वरित लिंक्स
Civil services
13 views
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' तथा विधायी शक्तियों के वितरण से संबंधित प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 249 के अनुसार, यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से यह संकल्प पारित कर देती है कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक है कि संसद राज्य सूची में शामिल किसी विषय पर कानून बनाए, तो संसद संपूर्ण भारत या उसके किसी भाग के लिए उस विषय पर विधि बना सकती है, और ऐसा संकल्प अधिकतम दो वर्ष की अवधि के लिए प्रवृत्त रहता है।
- 2. अनुच्छेद 250 के तहत, यदि देश में राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) की उद्घोषणा प्रवर्तन में है, तो संसद को राज्य सूची में शामिल किसी भी विषय पर पूरे देश या उसके किसी भाग के लिए विधि बनाने की शक्ति प्राप्त हो जाती है, और ऐसे बनाए गए कानून आपातकाल की समाप्ति के पश्चात ठीक छह महीने की अवधि समाप्त होने पर निष्प्रभावी हो जाते हैं।
- 3. अनुच्छेद 253 के अनुसार, संसद को भारत के संपूर्ण क्षेत्र या उसके किसी भाग के लिए कोई भी कानून बनाने की अनन्य शक्ति प्राप्त है, जो किसी अंतरराष्ट्रीय संधि (International Treaty), करार या अभिसमय (Convention) के कार्यान्वयन के लिए आवश्यक हो, भले ही वह विषय राज्य सूची के अंतर्गत ही क्यों न आता हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है: अनुच्छेद 249 के अनुसार, राज्य सभा द्वारा दो-तिहाई बहुमत से पारित संकल्प के आधार पर संसद को राज्य सूची के विषय पर कानून बनाने की शक्ति मिलती है, तथा ऐसा संकल्प अधिकतम **एक वर्ष** (One year) की अवधि के लिए प्रवृत्त रहता है, न कि दो वर्ष के लिए। इसे आवश्यकतानुसार बार-बार एक-एक वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है।
कथन 2 सही है: अनुच्छेद 250 के अनुसार, राष्ट्रीय आपातकाल के प्रवर्तन में रहने के दौरान संसद को राज्य सूची के विषयों पर विधि बनाने की शक्ति प्राप्त होती है। इस प्रकार बनाए गए कानून आपातकाल की समाप्ति के पश्चात **छह महीने** की अवधि समाप्त होने पर उन विषयों के संबंध में निष्प्रभावी हो जाते हैं जिन तक संसद की शक्ति का विस्तार आपातकाल के कारण होता है।
कथन 3 सही है: अनुच्छेद 253 संसद को यह शक्ति देता है कि वह किसी भी अंतरराष्ट्रीय संधि, समझौते या सम्मेलन (Treaty, Agreement, or Convention) को लागू करने के लिए भारत के संपूर्ण क्षेत्र या उसके किसी हिस्से के वास्ते कोई भी कानून बना सकती है, भले ही वह विषय राज्य सूची (State List) में ही क्यों न सूचिबद्घ हो।
Related Questions
→
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?
→
सती प्रथा का अंत किस गवर्नर जनरल के कार्यकाल में हुआ था?
→
महाद्वीपों के पश्चिमी तटों पर ठंडी जलधाराओं के बहने का क्या परिणाम होता है?
→
सुमेलित कीजिए: 315-संघ लोक सेवा आयोग, 320-लोक सेवा आयोग के कार्य, 323A-प्रशासनिक अधिकरण, 323B-अन्य अधिकरण।
→
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग V' (संघ - अनुच्छेद 52 से 151) के अंतर्गत भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 148 के अनुसार भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा अपने हस्ताक्षर और मुद्रा सहित अधिपत्र द्वारा की जाती है, और उसे उसके पद से केवल उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति से और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है।
2. नियंत्रक-महालेखापरीक्षक अपने पद पर छह वर्ष की अवधि के लिए या 65 वर्ष की आयु प्राप्त कर लेने तक (इनमें से जो भी पहले हो) बने रहने का अधिकार रखता है, और पद पर न रह जाने के बाद वह भारत सरकार या किसी राज्य की सरकार के अधीन किसी अन्य कार्यालय का पात्र होता है।
3. अनुच्छेद 149 के तहत सीएजी संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि के उपबंधों के अधीन रहते हुए संघ और राज्यों के खातों के संबंध में अपने कर्तव्यों का पालन करता है और अपनी रिपोर्टें राष्ट्रपति को (जो उन्हें संसद के प्रत्येक सदन के पटल पर रखवाते हैं) तथा राज्यपाल को (जो उन्हें राज्य के विधानमंडल के पटल पर रखवाते हैं) प्रस्तुत करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.