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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, महासागरीय निक्षेपों (Oceanic Deposits) और उनके वर्गीकरण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. महासागरीय निक्षेपों को उनके स्रोत के आधार पर मुख्य रूप से दो श्रेणियों में विभाजित किया जाता है—स्थलीय निक्षेप (Terrigenous Deposits), जो महाद्वीपों से लाई गई सामग्रियों के अपरदन और अवसादन से बनते हैं, तथा पेलैजिक निक्षेप (Pelagic Deposits), जो महासागरों के गहरे बेसिन में पाए जाने वाले अत्यधिक सूक्ष्म जैविक और अजैविक अवशेष होते हैं।
- 2. 'डाइएटम ऊज' (Diatom Ooze) और 'रेडियोलियन ऊज' (Radiolarian Ooze) पेलैजिक निक्षेपों के जैविक (Biotic) प्रकार हैं, जो सिलिका-युक्त सूक्ष्म जीवों के कंकाल अवशेषों से बनते हैं, और ये मुख्य रूप से ठंडे ध्रुवीय तथा समशीतोष्ण कटिबंधीय महासागरीय क्षेत्रों में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
- 3. लाल मटमैली मिट्टी या 'रेड क्ले' (Red Clay) एक प्रकार का अकार्बनिक (Inorganic) पेलैजिक निक्षेप है, जो महासागरीय पटल पर ज्वालामुखीय राख, अंतरिक्षीय धूल और हवा द्वारा उड़ाई गई बारीक धूल के अत्यंत मंद गति से जमा होने के कारण बनता है, और यह प्रशांत महासागर के गहरे बेसिनों में सबसे व्यापक रूप से फैला हुआ निक्षेप है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: महासागरीय तली पर मिलने वाले अवसादों को मुख्य रूप से स्थलीय (Terrigenous) और पेलैजिक (Pelagic) निक्षेपों में वर्गीकृत किया जाता है। स्थलीय निक्षेप महाद्वीपीय ढलानों और तटों के पास पाए जाते हैं, जबकि पेलैजिक निक्षेप गहरे महासागरीय बेसिनों में मिलते हैं।
कथन 2 सही है: पेलैजिक ऊज (Ooze) को जैविक स्रोतों के आधार पर सिलिसियस और कैल्केरियस में बांटा जाता है। डायीटम और रेडियोलियन ऊज सिलिका-युक्त जैविक निक्षेप हैं जो ठंडे पानी (विशेषकर उच्च अक्षांशों और ध्रुवीय क्षेत्रों) में अधिक पाए जाते हैं।
कथन 3 सही है: 'रेड क्ले' (Red Clay) एक अकार्बनिक पेलैजिक निक्षेप है जो मुख्य रूप से ज्वालामुखीय गतिविधियों, अंतरिक्षीय उल्कापिंडों की धूल और वायुजनित खनिजों के संचय से बनती है। यह प्रशांत महासागर के सबसे गहरे और विशाल हिस्सों में बहुतायत में पाई जाती है। अतः तीनों कथन सही हैं।
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भारतीय अर्थव्यवस्था और सतत विकास के संदर्भ में, 'वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक' (Global Multidimensional Poverty Index - MPI) और भारत में गरीबी आकलन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और ऑक्सफोर्ड पावर्टी एंड ह्यूमन डेवलपमेंट इनिशिएटिव (OPHI) द्वारा संयुक्त रूप से जारी किए जाने वाले वैश्विक MPI में स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के तीन समान भारांश वाले आयामों के अंतर्गत कुल दस संकेतकों का उपयोग किया जाता है।
2. नीति आयोग द्वारा जारी राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक, वैश्विक MPI के तीन आयामों और दस संकेतकों के साथ-साथ दो नए संकेतकों - 'मातृ स्वास्थ्य' (Maternal Health) और 'बैंक खाता' (Bank Account) को जोड़कर कुल बारह संकेतकों के आधार पर राज्यों की गरीबी का आकलन करता है।
3. बहुआयामी गरीबी सूचकांक के अंतर्गत उस व्यक्ति को 'बहुआयामी रूप से गरीब' माना जाता है, जो स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के तीनों आयामों के सभी दस संकेतकों में एक साथ वंचित (Deprived) पाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारत में सिविल सेवाओं और प्रशासनिक सुधारों के इतिहास के संदर्भ में, 'हचिसन समिति' (Hutchison Committee) या अन्य समितियों से इतर, 'मैकॉले समिति' (Macaulay Committee, 1854) की निम्नलिखित संस्तुतियों पर विचार कीजिए:
1. इस समिति ने भारत में सिविल सेवा परीक्षा प्रणाली को समाप्त कर सीधे नामजदगी (Patronage) की पुरानी व्यवस्था को पुनः लागू करने की जोरदार सिफारिश की थी।
2. समिति ने संस्तुति की थी कि सिविल सेवा के लिए चयन केवल ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों में पढ़ चुके यूरोपीय उम्मीदवारों तक ही सीमित रहना चाहिए, भारतीयों का प्रवेश वर्जित हो।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 263' के अंतर्गत 'अंतर-राज्य परिषद' (Inter-State Council) की स्थापना, उसकी संरचना और कार्यों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 263 के अनुसार, अंतर-राज्य परिषद की स्थापना करने की शक्ति राष्ट्रपति के पास निहित है, यदि राष्ट्रपति को यह प्रतीत होता है कि ऐसा करने से सार्वजनिक हितों की प्राप्ति होगी।
2. इस परिषद की अध्यक्षता प्रधानमंत्री द्वारा की जाती है, और इसके सदस्यों में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, संघ राज्य क्षेत्रों (जिनकी विधानसभाएं हैं) के मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति शासन के अधीन राज्यों के राज्यपाल तथा प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय मंत्रिपरिषद के कैबिनेट स्तर के मंत्री शामिल होते हैं।
3. अंतर-राज्य परिषद एक स्थायी संवैधानिक निकाय (Permanent Constitutional Body) है जिसका मुख्य कार्य राज्यों के बीच विवादों की जांच करना और उन पर निर्णय देना है, और इस परिषद का निर्णय सभी संबंधित राज्यों और केंद्र सरकार पर पूर्णतः बाध्यकारी (Binding) होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता के संदर्भ में, 'पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986' (Environment (Protection) Act, 1986) और इसके अंतर्गत विहित शक्तियों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 को वर्ष 1984 की भोपाल गैस त्रासदी के तुरंत बाद और संयुक्त राष्ट्र की स्टॉकहोम मानव पर्यावरण संगोष्ठी (1972) के निर्णयों को कार्यान्वित करने के लिए भारत के संविधान के अनुच्छेद 253 के तहत संसद द्वारा अधिनियमित किया गया था।
2. इस अधिनियम के तहत केंद्र सरकार को देश में पर्यावरण की गुणवत्ता की रक्षा और सुधार करने तथा प्रदूषण को रोकने, नियंत्रित करने और कम करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने की व्यापक शक्तियाँ प्राप्त हैं, जिसमें किसी भी उद्योग, संचालन या प्रक्रिया को विनियमित या प्रतिबंधित करना भी शामिल है।
3. इस अधिनियम की धारा 3 के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा स्थापित 'राष्ट्रीय तटीय जोन प्रबंधन प्राधिकरण' (NCZMA) और इसके अधीन राज्य प्राधिकरणों को देश के तटीय क्षेत्रों में तटीय विनियमन जोन (CRZ) अधिसूचना के उल्लंघन से संबंधित मामलों में स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेने या आपराधिक अभियोजन शुरू करने की शक्ति प्राप्त है, और इसके आदेशों के विरुद्ध किसी भी सिविल न्यायालय में वाद दायर किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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“सब पर राम तपस्वी राजा” नामक पुस्तक किसने लिखी है?
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