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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XVIII' के अंतर्गत 'आपात उपबंध' (Emergency Provisions - Articles 352-360) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा संपूर्ण भारत या उसके किसी भाग के लिए युद्ध, बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के आधार पर की जा सकती है, तथा मूल संविधान में 'सश सशस्त्र विद्रोह' शब्द के स्थान पर 'आंतरिक अशांति' (Internal Disturbance) शब्द का प्रयोग किया गया था जिसे 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा बदला गया था।
- 2. अनुच्छेद 356 के अंतर्गत राष्ट्रपति शासन (President's Rule) की उद्घोषणा किसी राज्य में इस आधार पर की जा सकती है कि उस राज्य की सरकार संविधान के उपबंधों के अनुसार नहीं चल रही है, और ऐसी उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा इसके जारी होने की तारीख से दो महीने के भीतर अनुमोदित किया जाना अनिवार्य होता है, जिसे विशेष बहुमत (Special Majority) द्वारा ही पारित किया जाना आवश्यक है।
- 3. अनुच्छेद 360 के अधीन वित्तीय आपातकाल (Financial Emergency) की घोषणा राष्ट्रपति द्वारा तब की जा सकती है जब उन्हें यह संतुष्टि हो जाए कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिससे भारत या उसके किसी क्षेत्र की वित्तीय स्थिरता या साख को खतरा है, और वित्तीय आपातकाल की यह उद्घोषणा संसद के अनुमोदन के बिना एक बार लागू होने के बाद अनिश्चितकाल तक स्वतः प्रवृत्त रहती है जब तक कि राष्ट्रपति इसे वापस न ले लें।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 352 के अनुसार राष्ट्रपति राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा युद्ध, बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के आधार पर कर सकते हैं। मूल संविधान में 'सशस्त्र विद्रोह' के स्थान पर 'आंतरिक अशांति' शब्द था, जिसे मोरारजी देसाई सरकार के दौरान 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा प्रतिस्थापित किया गया था।
कथन 2 गलत है: अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा इसके जारी होने की तारीख से **दो महीने** के भीतर अनुमोदित किया जाना आवश्यक है, किंतु इसके लिए संसद के **साधारण बहुमत (Simple Majority)** की आवश्यकता होती है, न कि विशेष बहुमत की।
कथन 3 गलत है: अनुच्छेद 360 के अधीन वित्तीय आपातकाल की उद्घोषणा को भी संसद के दोनों सदनों द्वारा **दो महीने** के भीतर अनुमोदित किया जाना अनिवार्य होता है। यह उद्घोषणा संसद के अनुमोदन के बिना स्वतः अनिश्चितकाल तक लागू नहीं रह सकती; यदि इसे संसद द्वारा अनुमोदित नहीं किया जाता है, तो यह दो महीने की समाप्ति पर निष्प्रभावी हो जाती है।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 352' के अंतर्गत 'राष्ट्रीय आपातकाल' (National Emergency) की उद्घोषणा और उससे संबंधित संवैधानिक प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा संपूर्ण भारत या उसके किसी भाग पर युद्ध, बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह (Armed Rebellion) के आधार पर की जा सकती है, और मूल संविधान में 'सशस्त्र विद्रोह' शब्द का ही प्रयोग किया गया था जिसे 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा जोड़ा गया था।
2. राष्ट्रपति राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा तभी कर सकता है जब संघ के मंत्रिमंडल (Cabinet) द्वारा—जिसमें प्रधानमंत्री और कैबिनेट मंत्री शामिल हैं—लिखित रूप में ऐसा निर्णय राष्ट्रपति को संसूचित किया जाए, और यह संवैधानिक आवश्यकता मूल संविधान में स्वतः विद्यमान थी।
3. राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा उसकी जारी होने की तारीख से एक महीने के भीतर विशेष बहुमत द्वारा अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है, और एक बार अनुमोदित होने के बाद यह आपातकाल अधिकतम छह महीने तक प्रवर्तन में रहता है, जिसे संसद की स्वीकृति से अनिश्चित काल तक बढ़ाया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 32' और 'अनुच्छेद 226' के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों की रिट अधिकारिता (Writ Jurisdiction) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अनुच्छेद 32 के तहत सर्वोच्च न्यायालय केवल मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए ही रिट जारी कर सकता है, जबकि अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालयों की रिट अधिकारिता का दायरा व्यापक है क्योंकि वे मूल अधिकारों के प्रवर्तन के साथ-साथ किसी अन्य विधिक या सामान्य उद्देश्य के लिए भी रिट जारी कर सकते हैं।
2. सर्वोच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता का प्रादेशिक क्षेत्र (Territorial Jurisdiction) पूरे भारत पर विस्तृत है, जबकि किसी उच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता का क्षेत्र सामान्यतः केवल उसी राज्य तक सीमित होता है जिसके अधिकार क्षेत्र के भीतर वह उच्च न्यायालय स्थित है, सिવાય इसके कि वह विवादित प्राधिकारी उस उच्च न्यायालय के प्रादेशिक क्षेत्र के बाहर स्थित हो।
3. अनुच्छेद 32 स्वयं में एक मूल अधिकार है (जिसके अंतर्गत संवैधानिक उपचारों का अधिकार प्राप्त है), इसलिए सर्वोच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के मामले में रिट जारी करने से अपनी अधिकारिता का अभाव (Want of jurisdiction) बताकर इंकार नहीं कर सकता, जबकि उच्च न्यायालय के समक्ष अनुच्छेद 226 के तहत रिट याचिका दाखिल करना एक विवेकाधीन (Discretionary) उपाय है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) किस अनुच्छेद में वर्णित है?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 20' के अंतर्गत 'अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण' (Protection in respect of conviction for offences) के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अनुच्छेद के तहत किसी भी व्यक्ति को ऐसे किसी अपराध के लिए दोषी नहीं ठहराया जाएगा जो उस कार्य के किए जाने के समय जो किसी प्रवृत्त विधि (Enforced Law) के अधीन अपराध नहीं था, और न ही उसे उससे अधिक पेनल्टी (Penalty) दी जाएगी जो उस अपराध के किए जाने के समय प्रवृत्त विधि के अधीन दी जा सकती थी।
2. किसी भी व्यक्ति को एक ही अपराध के लिए एक से अधिक बार अभियोजित और दंडित (Double Jeopardy) नहीं किया जा सकता है, और यह संरक्षण केवल न्यायालयों या न्यायिक न्यायाधिकरणों (Judicial Tribunals) के समक्ष की गईवाहियों तक सीमित है, न कि विभागीय या प्रशासनिक प्राधिकरणों के समक्ष।
3. किसी भी अपराध के लिए अभियुक्त किसी भी व्यक्ति को अपने ही विरुद्ध साक्ष्य देने के लिए बाध्य (Self-incrimination) नहीं किया जा सकता है, और यह सुरक्षा मौखिक साक्ष्यों के साथ-साथ भौतिक साक्ष्यों जैसे अंगुलियों की छाप (Fingerprints), रक्त के नमूने या हस्ताक्षर के अनिवार्य नमूने देने पर भी समान रूप से लागू होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ZSI) द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत के जीव डेटाबेस में कितनी नई पशु प्रजाति जोड़ी गई हैं?
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