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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' (केंद्र-राज्य विधायी संबंध - अनुच्छेद 245-255) और 'अवशिष्ट शक्तियों' (Residuary Powers) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 245 के अनुसार, संसद को संपूर्ण भारत या उसके किसी भाग के लिए कानून बनाने की अनन्य शक्ति प्राप्त है, और संसद द्वारा बनाए गए किसी कानून को इस आधार पर 'अतिरिक्त-क्षेत्रीय प्रभाव' (Extra-territorial operation) के लिए अमान्य नहीं ठहराया जा सकता है कि उसका प्रभाव भारत के भू-क्षेत्र से बाहर भी पड़ता है।
- 2. सातवीं अनुसूची की संघ सूची (List I), राज्य सूची (List II) और समवर्ती सूची (List III) में उल्लिखित विषयों के अतिरिक्त, वे सभी विषय जो किसी भी सूची में स्पष्ट रूप से शामिल नहीं हैं, 'अवशिष्ट शक्तियाँ' (Residuary Powers) कहलाती हैं, और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 248 के तहत इन अवशिष्ट विषयों पर कानून बनाने की अनन्य शक्ति केवल राज्य legislatures (राज्य विधानमंडलों) में निहित की गई है, न कि संसद में।
- 3. राज्यपाल के पास यह शक्ति होती है कि वह राज्य विधानमंडल द्वारा पारित किसी ऐसे विधेयक को राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित रख सकता है जो उच्च न्यायालय की शक्तियों को इस प्रकार से कम करता हो कि वह संविधान द्वारा उच्च न्यायालय को प्रदत्त स्थिति को खतरे में डालता हो, तथा ऐसा करना संवैधानिक रूप से अनिवार्य किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: संविधान के अनुच्छेद 245 के तहत संसद को भारत के संपूर्ण क्षेत्र या उसके किसी हिस्से के लिए कानून बनाने की शक्ति प्राप्त है। इसके साथ ही, अनुच्छेद 245(2) स्पष्ट रूप से यह प्रावधान करता है कि संसद का कोई भी कानून इस आधार पर अवैध या असंवैधानिक नहीं घोषित किया जाएगा कि उसका अतिरिक्त-क्षेत्रीय प्रभाव (Extra-territorial operation) है।
कथन 2 गलत है: अमेरिकी या ऑस्ट्रेलियाई संविधान के विपरीत, भारतीय संविधान ने 'अवशिष्ट शक्तियाँ' (Residuary Powers - अनुच्छेद 248) राज्यों को न देकर 'संसद' (केंद्र सरकार) को प्रदान की हैं। इस प्रकार, किसी भी ऐसी मद पर कानून बनाने की अनन्य शक्ति संसद के पास है जो तीनों सूचियों में शामिल नहीं है।
कथन 3 सही है: अनुच्छेद 200 के तहत राज्यपाल के पास कुछेक मामलों में राज्य विधानमंडल द्वारा पारित विधेयक को राष्ट्रपति के विचारार्थ आरक्षित रखने की शक्ति होती है। इसके अतिरिक्त, अनुच्छेद 200 के अनुसार राज्यपाल के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वह किसी ऐसे विधेयक को राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित रखे जो राज्य के उच्च न्यायालय की शक्तियों को इस हद तक कम करता हो कि उससे उच्च न्यायालय की संवैधानिक स्थिति या उसकी कार्यप्रणाली खतरे में पड़ती हो।
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भारतीय इतिहास और मध्यकालीन प्रशासन के संदर्भ में, दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक सुधारों और 'दीवान-ए-कोही' (Diwan-i-Kohi) विभाग के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'दीवान-ए-कोही' की स्थापना तुगलक वंश के सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सुधार करना और बंजर भूमि को उपजाऊ बनाकर खेती के अंतर्गत लाना था।
2. इस विभाग के अंतर्गत सरकार द्वारा किसानों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता (तकावी ऋण या सौंदड़) प्रदान की जाती थी ताकि वे बीज, बैल और कृषि उपकरण खरीद सकें।
3. यह कृषि योजना अपने शुरुआती दौर में पूरी तरह सफल रही और इससे राज्य के राजस्व में भारी वृद्धि हुई, जिससे मुहम्मद बिन तुगलक ने अपनी राजधानी दिल्ली से दौलतगढ़ स्थानांतरित करने का निर्णय वापस ले लिया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IX-क' (भाग 9ए) के अंतर्गत 'नगरपालिकाओं' (Municipalities - Articles 243P-243ZG) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 243W के अंतर्गत राज्य के विधानमंडल को विधि द्वारा नगरपालिकाओं को ऐसी शक्तियाँ और प्राधिकार प्रदान करने का अधिकार दिया गया है जो उन्हें स्वशासन की इकाइयों के रूप में कार्य करने योग्य बनाने के लिए आवश्यक हों, तथा बारहवीं अनुसूची में कुल 18 विषयों का उल्लेख किया गया है जिनके संबंध में नगरपालिकाओं को योजनाएँ तैयार करने की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
2. अनुच्छेद 243Y के प्रावधानों के तहत प्रत्येक राज्य में पंचायतों के लिए गठित 'राज्य वित्त आयोग' ही नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति की भी समीक्षा करता है और राज्यपाल को अपनी संस्तुतियाँ सौंपता है, क्योंकि संविधान में नगरपालिकाओं के लिए किसी पृथक् या स्वतंत्र वित्त आयोग के गठन का कोई प्रावधान नहीं किया गया है।
3. अनुच्छेद 243Q के अनुसार प्रत्येक राज्य में संक्रमणकालीन क्षेत्र (urban area से rural area में परिवर्तित होने वाले क्षेत्र) के लिए नगर पंचायत, लघुतर नगरीय क्षेत्र के लिए नगरपालिका परिषद, और वृहत्तर नगरीय क्षेत्र के लिए नगर निगम का गठन किया जाना अनिवार्य है, किंतु राज्यपाल को यह शक्ति प्राप्त है कि वह औद्योगिक रूप से विकसित क्षेत्रों को इस प्रकार की नगरपालिका के गठन से छूट दे सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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सुमेलित कीजिए: A-2 (जामा मस्जिद-शाहजहाँ), B-1 (सासाराम मकबरा-शेरशाह सूरी), C-3 (आगरा किला-अकबर), D-4 (पुराना किला-हुमायूँ/शेरशाह सूरी)।
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बुद्ध द्वारा प्रथम उपदेश देने की घटना को क्या कहा जाता है?
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भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सतत् विकास के संदर्भ में, 'वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक' (Global Multidimensional Poverty Index - MPI) और भारत में गरीबी आकलन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वैश्विक MPI को संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और ऑक्सफोर्ड गरीबी एवं मानव विकास पहल (OPHI) द्वारा संयुक्त रूप से जारी किया जाता है, तथा यह सूचकांक स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर — इन तीन समान रूप से भारित आयामों के अंतर्गत कुल 10 संकेतकों का उपयोग करता है।
2. भारत में नीति आयोग (NITI Aayog) द्वारा जारी राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक (National MPI) का आधार वैश्विक MPI की कार्यप्रणाली पर आधारित है, परंतु इसमें राष्ट्रीय संदर्भ के अनुरूप दो अतिरिक्त संकेतक — 'मातृ स्वास्थ्य' (Maternal Health) और 'बैंक खाता' (Bank Account) — जोड़े गए हैं, जिससे कुल संकेतकों की संख्या 12 हो जाती है।
3. नीति आयोग की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, भारत में पिछले कुछ वर्षों में बहुआयामी गरीबी में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, तथा इस सुधार में सबसे बड़ा योगदान पोषण और स्कूली शिक्षा के संकेतकों में सुधार का रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में गरीबों की संख्या में सबसे अधिक कमी आई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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