BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Civil services
16 views

भारतीय इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन के संदर्भ में, वर्ष 1928 में प्रस्तुत 'नेहरू रिपोर्ट' (Nehru Report) और उससे जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. पंडित मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में गठित सर्वदलीय समिति द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट में भारत के लिए एक नए डोमिनियन स्टेटस (Dominion Status) के संविधान की रूपरेखा प्रस्तुत की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत को ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर स्वशासन प्रदान करना था।
  2. 2. इस रिपोर्ट में अन्य बातों के अलावा केंद्र और प्रांतों में शक्ति के विभाजन, भाषाई आधार पर प्रांतों के गठन, सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार (Universal Adult Suffrage), और अल्पसंख्यकों के लिए पृथक निर्वाचक मंडलों (Separate Electorates) की व्यवस्था को स्वीकार करते हुए इसकी जोरदार सिफारिश की गई थी।
  3. 3. रिपोर्ट में औपनिवेशिक स्वराज्य (Dominion Status) की मांग किए जाने के कारण कांग्रेस के भीतर युवा नेताओं, विशेषकर जवाहरलाल नेहरू और सुभाष चंद्र बोस ने इसका कड़ा विरोध किया, जिसके परिणामस्वरूप 'इंडिपेंडेंस लीग' (Independence League) की स्थापना हुई और पूर्ण स्वराज्य (Complete Independence) का लक्ष्य सामने आया।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: वर्ष 1928 में साइमन कमीशन के बहिष्कार और उसके प्रत्युत्तर में ब्रिटिश सचिव लॉर्ड बड़केहन की चुनौती को स्वीकार करते हुए ऑल पार्टी कॉन्फ्रेंस द्वारा मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था। इस 'नेहरू रिपोर्ट' ने भारत के लिए 'डोमिनियन स्टेटस' (औपनिवेशिक स्वराज्य) की मांग की थी। कथन 2 गलत है: नेहरू रिपोर्ट ने अल्पसंख्यकों के लिए 'पृथक निर्वाचक मंडलों' (Separate Electorates) की व्यवस्था को **अस्वीकार** कर दिया था, क्योंकि इसे सांप्रदायिक राजनीति को बढ़ावा देने वाला माना गया था। इसके स्थान पर रिपोर्ट में संयुक्त निर्वाचन क्षेत्रों (Joint Electorates) के साथ केवल मुसलमानों और अन्य अल्पसंख्या बहुल क्षेत्रों में जनसंख्या के अनुपात में सीटों के आरक्षण की बात कही गई थी। कथन 3 सही है: नेहरू रिपोर्ट में डोमिनियन स्टेटस की मांग किए जाने के कारण कांग्रेस के भीतर युवा और उग्रवादी नेताओं (जैसे जवाहरलाल नेहरू और सुभाष चंद्र बोस) को निराशा हुई, क्योंकि वे पूर्ण स्वतंत्रता (Complete Independence) से कम कुछ भी स्वीकार करने को तैयार नहीं थे। इसके विरोधस्वरूप इन युवा नेताओं ने 'इंडेपेंडेंस फॉर इंडिया लीग' (Independence for India League) की स्थापना की।
Share:

Related Questions

→ भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत' (Plate Tectonics Theory) तथा महाद्वीपीय बहाव और समुद्री तल विस्तार के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अल्फ्रेड वेगनर द्वारा प्रतिपादित 'महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत' (Continental Drift Theory) के अनुसार, पंजिया (Pangaea) नामक महाद्वीप का विभाजन कार्बोनिफेरस काल में हुआ था, और वेगनर ने महाद्वीपों के इस प्रवाह के लिए 'ध्रुवीय फलन बल' (Pole-fleeing force) तथा ज्वारीय बलों को मुख्य कारण माना था। 2. समुद्री तल विस्तार (Sea Floor Spreading) की अवधारणा को हैरी हेस द्वारा प्रतिपादित किया गया था, जिसके अनुसार मध्य-महासागरीय कटकों (Mid-Oceanic Ridges) पर लगातार नए महासागरीय क्रस्ट का निर्माण होता है और मैग्मा के ठंडा होने पर चट्टानों में मौजूद चुंबकीय खनिज पृथ्वी के वर्तमान चुंबकीय क्षेत्र की दिशा में संरेखित हो जाते हैं, जो समुद्री तल के विस्तार का अकाट्य प्रमाण प्रस्तुत करते हैं। 3. अभिसारी प्लेट सीमा (Convergent Plate Boundary) के संदर्भ में, जब महासागरीय प्लेट और महाद्वीपीय प्लेट आपस में टकराती हैं, तो अधिक घनत्व वाली महासागरीय प्लेट भारी होने के कारण कम घनत्व वाली महाद्वीपीय प्लेट के नीचे धंस जाती है (Subduction Zone), जिसके परिणामस्वरूप गहरी महासागरीय खाइयाँ (Trenches) और वलित पर्वतों (Fold Mountains) का निर्माण होता है, किंतु इस प्रक्रिया में भूकंपीय गतिविधियाँ उत्पन्न नहीं होती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 76' के अंतर्गत भारत के महान्यायवादी (Attorney General for India) और 'अनुच्छेद 165' के अंतर्गत महाधिवक्ता (Advocate General) के पदों एवं उनके अधिकारों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. महान्यायवादी भारत सरकार का मुख्य कानूनी सलाहकार होता है, जिसकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा ऐसे व्यक्ति की जाती है जो उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए अर्हित (Qualified) हो, और वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (During the pleasure of the President) अपने पद पर बना रहता है। 2. भारत के महान्यायवादी को देश के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार प्राप्त है, तथा उसे संसद के दोनों सदनों या उनकी संयुक्त बैठकों में बोलने और भाग लेने का अधिकार तो है, किंतु उसे संसद की किसी भी समिति की कार्यवाही में मतदान देने का अधिकार प्राप्त नहीं है। 3. राज्य के महाधिवक्ता की नियुक्ति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है, और इसके लिए यह आवश्यक है कि वह उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने की योग्यता रखता हो, तथा अपने पद पर रहते हुए वह निजी वकालत (Private practice) से पूरी तरह वंचित होता है और किसी भी आपराधिक मामले में राज्य सरकार के विरुद्ध पैरवी नहीं कर सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → किस रिपोर्ट ने पहली बार वैश्विक स्तर पर संसाधनों की सीमा को उजागर किया था? → भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सतत् विकास के संदर्भ में, 'वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक' (Global Multidimensional Poverty Index - MPI) और भारत में गरीबी आकलन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वैश्विक MPI को संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और ऑक्सफोर्ड गरीबी एवं मानव विकास पहल (OPHI) द्वारा संयुक्त रूप से जारी किया जाता है, तथा यह सूचकांक स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर — इन तीन समान रूप से भारित आयामों के अंतर्गत कुल 10 संकेतकों का उपयोग करता है। 2. भारत में नीति आयोग (NITI Aayog) द्वारा जारी राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक (National MPI) का आधार वैश्विक MPI की कार्यप्रणाली पर आधारित है, परंतु इसमें राष्ट्रीय संदर्भ के अनुरूप दो अतिरिक्त संकेतक — 'मातृ स्वास्थ्य' (Maternal Health) और 'बैंक खाता' (Bank Account) — जोड़े गए हैं, जिससे कुल संकेतकों की संख्या 12 हो जाती है। 3. नीति आयोग की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, भारत में पिछले कुछ वर्षों में बहुआयामी गरीबी में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, तथा इस सुधार में सबसे बड़ा योगदान पोषण और स्कूली शिक्षा के संकेतकों में सुधार का रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में गरीबों की संख्या में सबसे अधिक कमी आई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता के संदर्भ में, 'रामसर अभीसमय' (Ramsar Convention) और भारत में आर्द्रभूमि (Wetlands) संरक्षण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. रामसर अभीसमय (Ramsar Convention) अंतर-सरकारी संधियों का एक वैश्विक फ्रेमवर्क है, जिसे वर्ष 1971 में ईरान के रामसर शहर में अपनाया गया था, तथा इसका मुख्य उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों और उनके संसाधनों के संरक्षण एवं विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देना है। 2. इस अभीसमय के तहत 'मोंट्रेक्स रिकॉर्ड' (Montreux Record) उन आर्द्रभूमियों की एक रजिस्टर सूची है जो अंतर्राष्ट्रीय महत्व की रामसर सूची में शामिल हैं, और जहाँ मानवीय हस्तक्षेप, तकनीकी विकास या प्रदूषण के कारण पारिस्थितिक स्वरूप में परिवर्तन हुआ है, हो रहा है या होने की संभावना है। 3. क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से भारत में वर्तमान में कुल रामसर स्थलों में से सर्वाधिक संख्या और सबसे बड़ा भौगोलिक क्षेत्रफल क्रमशः उत्तर प्रदेश और सुंदरबन (पश्चिम बंगाल) राज्य में स्थित है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.