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भारतीय अर्थव्यवस्था और सतत विकास के संदर्भ में, 'मृदा स्वास्थ्य कार्ड' (Soil Health Card - SHC) योजना और मृदा प्रबंधन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना को भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा वर्ष 2015 में लॉन्च किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के सभी किसानों को उनकी कृषि योग्य भूमि की पोषक तत्व स्थिति का मूल्यांकन करके प्रत्येक दो वर्ष में एक बार कार्ड उपलब्ध कराना है।
  2. 2. इस कार्ड के माध्यम से किसानों को उनकी मिट्टी में 12 प्रमुख मापदंडों (जिनमें मैक्रोन्यूट्रिएंट्स, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, पीएच मान, विद्युत चालकता और जैविक कार्बन शामिल हैं) की स्थिति की जानकारी दी जाती है, तथा इसके आधार पर उर्वरकों और सूक्ष्म पोषक तत्वों के विवेकपूर्ण उपयोग की संस्तुति की जाती है।
  3. 3. मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के द्वितीय चरण (Phase II) के अंतर्गत, सरकार ने देश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना के साथ-साथ 'मॉडल ग्राम' (Model Village) स्तर पर मृदा नमون संग्रह और प्रदर्शन (Demonstration) कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रावधान किया है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: मृदा स्वास्थ्य कार्ड (SHC) योजना को भारत सरकार द्वारा फरवरी 2015 में सूरतगढ़, राजस्थान में लॉन्च किया गया था। इस योजना का उद्देश्य देश के सभी किसानों को उनकी मिट्टी के पोषक तत्वों की स्थिति से अवगत कराना है और यह चक्र प्रत्येक 2 वर्ष में एक बार दोहराया जाता है ताकि मिट्टी के स्वास्थ्य में होने वाले बदलावों पर नजर रखी जा सके। कथन 2 सही है: मृदा स्वास्थ्य कार्ड में मिट्टी के 12 महत्वपूर्ण मापदंडों का परीक्षण किया जाता है, जिनमें नाइट्रोजन (N), फास्फोरस (P), पोटेशियम (K) (मैक्रोन्यूट्रिएंट्स); सल्फर (S) (गौण पोषक तत्व); जस्ता (Zn), लोहा (Fe), तांबा (Cu), मैंगनीज (Mn), बोरॉन (B) (माइक्रोन्यूट्रिएंट्स); तथा मिट्टी के भौतिक गुण जैसे pH, विद्युत चालकता (EC) और कार्बनिक कार्बन (OC) शामिल हैं। इसी के आधार पर उर्वरक की मात्रा की संस्तुति की जाती है। कथन 3 सही है: योजना के दूसरे चरण (2018-20 से आगे) में जिला और राज्य स्तर के साथ-साथ ग्राम स्तर पर मृदा परीक्षण के विस्तार और 'मॉडल ग्राम' के माध्यम से किसानों को जागरूक करने व परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक प्रावधान किए गए हैं। अतः तीनों कथन सही हैं।
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