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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता के संदर्भ में, 'जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना' (National Action Plan on Climate Change - NAPCC) और इसके अंतर्गत शामिल मिशनों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. प्रधानमंत्री की जलवायु परिवर्तन पर परिषद (Prime Minister's Council on Climate Change) द्वारा वर्ष 2008 में लॉन्च की गई NAPCC में शुरुआत में कुल आठ राष्ट्रीय मिशन शामिल थे, जो जलवायु परिवर्तन के शमन (Mitigation) और अनुकूलन (Adaptation) दोनों पहलुओं को संबोधित करते हैं।
  2. 2. इन आठ मिशनों में 'राष्ट्रीय सौर मिशन' (National Solar Mission), 'राष्ट्रीय संवर्धित ऊर्जा दक्षता मिशन' (National Mission on Enhanced Energy Efficiency), और 'राष्ट्रीय जल मिशन' (National Water Mission) शामिल हैं, किंतु इसमें कृषि और हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण से संबंधित किसी भी प्रकार के पृथक मिशन को शामिल नहीं किया गया है।
  3. 3. भारत सरकार द्वारा बाद में इस कार्य योजना का विस्तार करते हुए इसमें 'राष्ट्रीय हरित भारत मिशन' (Green India Mission) को जोड़ा गया, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत के घटते वन आवरण को पुनर्स्थापित करना और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति उसकी आनुवंशिक लचीलापन (Resilience) को बढ़ाना है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: प्रधानमंत्री की जलवायु परिवर्तन पर परिषद द्वारा 30 जून 2008 को 'जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना' (NAPCC) की शुरुआत की गई थी। इसमें शुरुआत में 8 राष्ट्रीय मिशन शामिल थे जो शमन और अनुकूलन दोनों पर केंद्रित हैं। कथन 2 गलत है: NAPCC के मूल आठ मिशनों में न केवल सौर ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता और जल मिशन शामिल हैं, बल्कि इसमें 'राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन' (National Mission for Sustainable Agriculture) और 'हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय मिशन' (National Mission for Sustaining the Himalayan Ecosystem) जैसे महत्वपूर्ण मिशन भी शामिल हैं। कथन 3 सही है: NAPCC के मूल आठ मिशनों के अतिरिक्त, भारत सरकार ने बाद में इसमें 'राष्ट्रीय हरित भारत मिशन' (Green India Mission) को जोड़ा, जिसका उद्देश्य वनों के घनत्व और आवरण को बढ़ाना तथा वन पारिस्थितिकी तंत्र की गुणवत्ता में सुधार करना है।
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