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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'भूमध्यरेखीय जलवायु' (Equatorial Climate) और 'सवाना जलवायु' (Savanna Climate) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भूमध्यरेखीय जलवायु क्षेत्र वर्षभर उच्च तापमान और उच्च वर्षा का अनुभव करता है, जिसका मुख्य कारण सूर्य की किरणों का लंबवत चमकना और अंतઃउष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) की स्थिति है, तथा यहाँ वर्षा का मुख्य प्रकार संवहनी वर्षा (Convectional Rainfall) है जो प्रायः प्रतिदिन दोपहर के बाद गरज और चमक के साथ होती है।
  2. 2. सवाना जलवायु (सودान तुल्य जलवायु), जो भूमध्यरेखीय और उष्णकटिबंधीय मरुस्थलीय जलवायु के बीच पाई जाती है, की मुख्य विशेषता स्पष्ट रूप से चिह्नित गीली और सूखी ऋत्विक विविधता है, जिसमें ग्रीष्मकाल में व्यापारिक हवाओं (Trade Winds) के प्रभाव से भारी वर्षा होती है और शीतकाल में अंतर-उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) के खिसकने के कारण अत्यधिक शुष्क परिस्थितियाँ उत्पन्न होती हैं।
  3. 3. भूमध्यरेखीय वनों की तुलना में सवाना प्रदेशों में जैव विविधता कम होती है और यहाँ की प्राकृतिक वनस्पति में ऊंचे घास के मैदानों के साथ-साथ छिटपुट पेड़ (जैसे बआबाब और बबूल) पाए जाते हैं, जिन्हें 'पार्कैंड वनस्पति' (Parkland Vegetation) भी कहा जाता है, जो आग और मौसमी सूखे के अनुकूलित होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: भूमध्यरेखीय जलवायु क्षेत्र में वर्षभर उच्च तापमान और उच्च आर्द्रता रहती है। सूर्य की किरणों के लंबवत होने के कारण यहाँ तीव्र वाष्पीकरण होता है और प्रतिदिन दोपहर के बाद संवहनी धाराएं उठती हैं, जिससे रोजाना लगभग 4 बजे (4 o'clock shower) भारी संवहनी वर्षा होती है। कथन 2 गलत है: सवाना जलवायु में ग्रीष्मकाल (Wet Season) में ITCZ के उत्तर या दक्षिण की ओर खिसकने के कारण वर्षा होती है (क्योंकि इस क्षेत्र में भूमध्यरेखीय निम्न दाब की पेटियाँ विस्तारित होती हैं), जबकि शीतकाल (Dry Season) में व्यापारिक हवाओं (Trade Winds - जो इस क्षेत्र में अपतटीय यानी offshore होती हैं) के प्रभाव से मौसम अत्यधिक शुष्क रहता है। इसके विपरीत कथन में व्यापारिक हवाओं से वर्षा और ITCZ के खिसकने से शुष्कता का उल्टा उल्लेख किया गया है। कथन 3 सही है: सवाना प्रदेशों में वर्षा की मौसमी अनिश्चितता और शुष्क काल के कारण भूमध्यरेखीय वर्षावनों की तुलना में जैव विविधता कम होती है। यहाँ लंबी घास (जैसे एलिफेंट ग्रास) और छिटपुट रूप से खड़े पर्णपाती पेड़ तथा झाड़ियाँ पाई जाती हैं, जिन्हें 'पार्कैंड' या सवाना लैंडस्केप कहा जाता है, और ये पौधे सूखे तथा प्राकृतिक दावानल (अग्नि) को सहन करने में सक्षम होते हैं।
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