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Civil services
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' (संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं - अनुच्छेद 308 से 323) के अंतर्गत 'संघ लोक सेवा आयोग' (UPSC) और 'राज्य लोक सेवा आयोगों' (SPSC) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 316 के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या अन्य सदस्य की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, और किसी राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है, तथा आयोग के प्रत्येक सदस्य को अपने पद ग्रहण करने की तारीख से छह वर्ष की अवधि के लिए या 65 वर्ष की आयु प्राप्त कर लेने तक (इनमें से जो भी पहले हो) अपने पद पर बने रहने का अधिकार होता है।
- 2. संविधान के अनुच्छेद 317 के प्रावधानों के तहत संघ लोक सेवा आयोग या किसी राज्य लोक सेवा आयोग के किसी भी सदस्य को उसके पद से केवल राष्ट्रपति के आदेश द्वारा ही हटाया जा सकता है, भले ही वह सदस्य राज्य लोक सेवा आयोग का ही क्यों न हो, और राष्ट्रपति द्वारा ऐसा हटाया जाना उच्चतम न्यायालय के प्रतिवेदन के आधार पर किया जाता है।
- 3. संविधान के अनुच्छेद 319 के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के पद पर समाप्त होने वाले कार्यकाल के बाद वह व्यक्ति भारत सरकार या किसी राज्य की सरकार के अधीन किसी अन्य रोजगार के लिए पात्र नहीं होता है, जबकि किसी राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होने पर वह संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य के रूप में अथवा किसी अन्य राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति का पात्र होता है, किंतु भारत सरकार या किसी राज्य की सरकार के अधीन किसी अन्य रोजगार के लिए पात्र नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है: संविधान के अनुच्छेद 316 के अनुसार, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) होता है, किंतु राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) होता है, 65 वर्ष नहीं।
कथन 2 सत्य है: अनुच्छेद 317 के अनुसार, UPSC या SPSC किसी भी आयोग के अध्यक्ष या सदस्य को उसके पद से हटाने की शक्ति केवल राष्ट्रपति के पास है (राज्यपाल के पास नहीं)। राज्यपाल SPSC के सदस्य को निलंबित कर सकते हैं या जांच के दौरान कार्यमुक्त कर सकते हैं, किंतु अंतिम निष्कासन राष्ट्रपति द्वारा सुप्रीम कोर्ट की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही किया जाता है।
कथन 3 सत्य है: अनुच्छेद 319 के अनुसार, UPSC के अध्यक्ष अपने कार्यकाल के बाद केंद्र या राज्य सरकार के अधीन किसी अन्य रोजगार के पात्र नहीं होते हैं। वहीं SPSC के अध्यक्ष अपने कार्यकाल की समाप्ति पर UPSC के अध्यक्ष/सदस्य या किसी अन्य SPSC के अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति के पात्र होते हैं, लेकिन वे भी अन्य सरकारी रोजगार के पात्र नहीं होते हैं।
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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन' (National Mission for Clean Ganga - NMCG) और 'नमामि गंगे कार्यक्रम' से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) को राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण (NGCBA) के पंजीकरण के तहत वर्ष 2011 में एक सोसायटी के रूप में पंजीकृत किया गया था, जिसे बाद में पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के अंतर्गत एक सांविधिक प्राधिकरण (Statutory Authority) में पुनर्गठित किया गया।
2. 'नमामि गंगे कार्यक्रम' एक एकीकृत संरक्षण मिशन है जिसे जल शक्ति मंत्रालय के तहत वित्त वर्ष 2014-15 से शुरू किया गया था, और इस कार्यक्रम के तहत केंद्र सरकार द्वारा शत-प्रतिशत (100%) केंद्रीय वित्त पोषण के साथ गंगा नदी प्रदूषण उपशमन, संरक्षण और कायाकल्प के प्रोजेक्ट्स को क्रियान्वित किया जाता है।
3. अर्थ गंगा (Arth Ganga) की अवधारणा, जिसे नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत बढ़ावा दिया जा रहा है, का मुख्य उद्देश्य गंगा नदी के किनारे की आर्थिक गतिविधियों को सुदृढ़ करना है, जिसमें प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना, ग्रामीण स्तर पर आजीविका के अवसरों का सृजन करना और जन-भागीदारी के माध्यम से 'गंगोत्सव' जैसे आयोजनों को प्रोत्साहित करना शामिल है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'महासागरीय धाराओं' (Ocean Currents) और उन्हें प्रभावित करने वाले कारकों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय धाराओं की दिशा और गति को प्रभावित करने वाले प्राथमिक कारकों में प्रचलित वायु (Prevailing winds), कोरियोलिस बल (Coriolis force), तापमान एवं लवणता में भिन्नता (Density differences) शामिल हैं, जबकि तटरेखा का आकार (Shape of the coastlines) केवल द्वितीयक या स्थानीय प्रभाव डालता है।
2. उत्तरी गोलार्ध में कोरियोलिस बल के प्रभाव के कारण महासागरीय धाराएँ अपनी मूल दिशा से दाईं ओर (Clockwise/दक्षिणावर्त) तथा दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर (Anticlockwise/वामावर्त) विक्षेपित हो जाती हैं, जो कि फेरेल के नियम (Ferrel's Law) पर आधारित है।
3. अटलांटिक महासागर में प्रवाहित होने वाली 'गल्फ स्ट्रीम' (Gulf Stream - एक ठंडी धारा) और 'लैब्राडोर' (Labrador - एक गर्म धारा) का मिलन स्थल न्यूफाउंडलैंड के तट के पास दुनिया के सबसे समृद्ध मतस्यन क्षेत्रों (Fishing grounds) में से एक का निर्माण करता है, जहाँ घना कोहरा और प्लवक (Plankton) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सतत विकास के संदर्भ में, भारत में 'विदेशी मुद्रा भंडार' (Foreign Exchange Reserves) और 'पूंजी खाता परिवर्तनीयता' (Capital Account Convertibility) के प्रावधानों तथा उनके प्रबंधन के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत के विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 'भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934' के प्रावधानों के अंतर्गत किया जाता है, और इस भंडार में विदेशी मुद्रा संपत्तियाँ (FCAs), स्वर्ण (Gold), विशेष आहरण अधिकार (SDRs), और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास आरक्षित स्थिति (Reserve Tranche) शामिल होती हैं।
2. 'तारापोरे समिति' (Tarapore Committee), जिसने भारत में पूंजी खाता परिवर्तनीयता पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, ने यह संस्तुति की थी कि पूंजी खाता परिवर्तनीयता को पूरी तरह लागू करने से पहले केंद्र सरकार के राजकोषीय घाटे को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाना चाहिए और मुद्रास्फीति को एक निश्चित लक्ष्य सीमा के भीतर नियंत्रित किया जाना चाहिए।
3. यद्यपि वर्तमान में भारत में कॉर्पोरेट क्षेत्र और अधिकृत डीलरों के माध्यम से पूंजी खाते पर अनेक प्रकार के लेन-देन (जैसे बाहरी वाणिज्यिक उधार या प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) के लिए उच्च स्तर की परिवर्तनीयता उपलब्ध है, किंतु घरेलू व्यक्तियों (Resident Individuals) के लिए पूंजी खाते के लेन-देन पर 'उदारीकृत प्रेषण योजना' (Liberalised Remittance Scheme - LRS) के तहत कोई मौद्रिक या मात्रात्मक सीमा लागू नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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दिल्ली सल्तनत में 'इक्ता व्यवस्था' को किसने सुदृढ़ और व्यवस्थित किया?
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गांधी-इरविन समझौते को किस अन्य नाम से जाना जाता है?
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