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भारतीय इतिहास के संदर्भ में, 'विजयनगर साम्राज्य' की प्रशासनिक व्यवस्था, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और राजस्व प्रणाली के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. विजयनगर साम्राज्य की प्रांतीय प्रशासन व्यवस्था में 'नायक' (Nayakas) नामक सैन्य कमांडर प्रमुख भूमिका निभाते थे, जिन्हें राजा द्वारा भूमि अनुदान (अमरम) दिया जाता था और इसके बदले उन्हें सेना रखनी पड़ती थी तथा शाही दरबार में कर व सैन्य सहायता प्रदान करनी पड़ती थी।
  2. 2. साम्राज्य की आय का मुख्य स्रोत कृषि उत्पादन पर लगने वाला भू-राजस्व था, जो सामान्यतः उपज का छठा हिस्सा होता था, किंतु विजयनगर शासकों ने कृषि भूमि के विस्तार के लिए सिंचाई नेटवर्क (जैसे तालाबों और नहरों) के निर्माण में भारी निवेश किया था, जिसका विवरण निकोल कोंटी और अब्दुर रज्जाक जैसे विदेशी यात्रियों के यात्रा वृत्तांतों में मिलता है।
  3. 3. विजयनगर साम्राज्य में महिलाओं की स्थिति अत्यंत उच्च कोटि की थी, और वे केवल घरेलू कार्यों तक ही सीमित थीं, राजशाही या प्रशासन में उन्हें किसी भी प्रकार की प्रशासनिक, साहित्यिक या कुश्ती जैसी शारीरिक गतिविधियों में भाग लेने की अनुमति नहीं दी गई थी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: विजयनगर साम्राज्य की प्रशासनिक संरचना में 'नायक' (Nayakas) व्यवस्था केंद्रीय स्तंभ थी। ये सैन्य कमांडर होते थे जिन्हें 'अमरम' नामक भू-अनुदान दिए जाते थे, जिसके बदले में वे राजा को सैन्य सहायता और राजस्व प्रदान करते थे। कथन 2 सही है: साम्राज्य की आय का प्रमुख स्रोत भू-राजस्व (सामान्यतः उपज का छठा भाग) था। शासकों ने कृषि को बढ़ावा देने के लिए तुंगभद्रा और अन्य नदियों से नहरों व विशाल कृत्रिम जलाशयों का निर्माण कराया था। पुर्तगाली, फारसी और इतालवी यात्रियों (जैसे निकोल कोंटी, अब्दुर रज्जाक, डोमिनगो पेइस) ने इसकी अर्थव्यवस्था और सिंचाई व्यवस्था का विस्तृत वर्णन किया है। कथन 3 गलत है: विजयनगर साम्राज्य में महिलाओं की स्थिति की यह तस्वीर भ्रामक है। समकालीन विदेशी यात्रियों (जैसे नूनिज़) के अनुसार, महिलाओं को न केवल महलों में बल्कि प्रशासन, ज्योतिष, लेखा, संगीत, साहित्य और यहाँ तक कि कुश्ती और अंगरक्षक (Bodyguard) के रूप में भी उच्च स्थान प्राप्त था। अतः कथन 3 गलत है।
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