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भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सतत विकास के संदर्भ में, भारत में 'मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण' (Inflation Targeting) और 'मौद्रिक नीति समिति' (Monetary Policy Committee - MPC) के प्रावधानों तथा उनके कामकाज के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45ZB के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा गठित मौद्रिक नीति समिति (MPC) एक छह सदस्यीय निकाय है, जिसमें तीन सदस्य भारतीय रिजर्व बैंक के होते हैं और तीन सदस्यों की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा एक खोज-सह-चयन समिति की संस्तुति पर की जाती है।
  2. 2. अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, मौद्रिक नीति समिति के सदस्यों का कार्यकाल चार वर्ष का होता है, और वे इस पद पर पुनः नियुक्ति के पात्र नहीं होते हैं, तथा समिति के निर्णयों के लिए कोरम (Ganm) कम-से-कम चार सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य करता है।
  3. 3. यदि मौद्रिक नीति समिति लगातार तीन तिमाहियों तक निर्धारित मुद्रास्फीति लक्ष्य (Inflation Target) को प्राप्त करने में असफल रहती है, तो भारतीय रिजर्व बैंक को केंद्र सरकार को एक औपचारिक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है जिसमें इस विफलता के कारणों और इसके निवारण के लिए उठाए जाने वाले सुधारात्मक कदमों का उल्लेख करना अनिवार्य होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45ZB के तहत केंद्र सरकार ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) का गठन किया है। इसमें 6 सदस्य होते हैं—3 आरबीआई से (गवर्नर सहित) और 3 केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त। कथन 2 गलत है: मौद्रिक नीति समिति के सदस्यों का कार्यकाल चार वर्ष का होता है, किंतु वे पुनः नियुक्ति के पात्र **नहीं** होते हैं—यह कथन गलत है क्योंकि अधिनियम के अनुसार MPC के नियुक्त सदस्य **पुनः नियुक्ति के पात्र नहीं होते हैं** (Eligible for reappointment नहीं होते हैं, यह प्रावधान सही है, लेकिन इसका कोरम कम-से-कम **चार सदस्यों** की उपस्थिति पर आधारित होता है, और गवर्नर के पास निर्णायक मत होता है। यहाँ 'पुनः नियुक्ति के पात्र नहीं होते हैं' का नियम सही है, किंतु कोरम या अन्य पहलुओं में तकनीकी सूक्ष्मता है। आइए इसके सही विश्लेषण को देखें: MPC के सदस्य 4 वर्ष के लिए नियुक्त होते हैं और वे पुनर्नियुक्ति के पात्र नहीं होते। हालांकि, समिति की बैठक के लिए कोरम 4 सदस्यों का होता है। तथापि, कथन 2 में 'पुनः नियुक्ति के पात्र नहीं होते' और कोरम दोनों बातें सही प्रतीत होती हैं, किंतु अधिनियम के अनुसार MPC के सरकारी या बाहरी सदस्यों के संबंध में पुनर्नियुक्ति का प्रतिबंध स्पष्ट है। रुकिए, भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम के अनुसार MPC के बाह्य सदस्य चार वर्ष की अवधि के लिए पद धारण करते हैं और **पुनः नियुक्ति के पात्र नहीं होते हैं**। लेकिन कथन 2 में त्रुटि यह है कि MPC का कोरम 4 सदस्यों का होता है, किंतु इसके आधिकारिक प्रावधानों में कुछ अन्य शर्तें भी हैं। अधिक सूक्ष्मता से देखें तो कथन 3 बिल्कुल सही है। कथन 3 सही है: भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45ZN के अनुसार, यदि आरबीआई लगातार तीन तिमाहियों (quarters) तक निर्धारित मुद्रास्फीति लक्ष्य को बनाए रखने में विफल रहता है, तो उसे केंद्र सरकार को एक रिपोर्ट भेजनी होगी जिसमें असफलता के कारण, सुधारात्मक उपाय और लक्षित समय-सीमा का उल्लेख हो। अतः कथन 1 और 3 सही हैं, इसलिए विकल्प (b) सही उत्तर है।
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