त्वरित लिंक्स
Civil services
1 views
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग III' के अंतर्गत 'मूल अधिकार' (अनुच्छेद 12 से 35) तथा 'संवैधानिक उपचारों के अधिकार' (अनुच्छेद 32) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सर्वोच्च न्यायालय को मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए रिट (Writs) जारी करने की शक्ति प्राप्त है, और यह अधिकार स्वयं में एक मौलिक अधिकार है, जिसके कारण सर्वोच्च न्यायालय इस आधार पर अपनी अधिकारिता से इनकार नहीं कर सकता कि मामले में कोई वैकल्पिक प्रभावी उपचार उपलब्ध है।
- 2. 'उत्प्रेषण' (Certiorari) रिट केवल न्यायिक और अर्द्ध-न्यायसंगत (Quasi-judicial) निकायों के विरुद्ध ही जारी की जा सकती है, तथा यह किसी प्रशासनिक प्राधिकारी (Administrative authority) या निजी व्यक्ति के विरुद्ध जारी नहीं की जा सकती, भले ही उनका कोई कार्य किसी व्यक्ति के अधिकारों को प्रभावित करता हो।
- 3. सशस्त्र बलों, अर्ध-सैनिक बलों, पुलिस बलों, खुफिया एजेंसियों के सदस्यों या लोक व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियोजित किसी अन्य बल के सदस्यों के संबंध में मूल अधिकारों के अनुप्रयोग को प्रतिबंधित या निराकृत करने की अनन्य शक्ति केवल संसद के पास है, और राज्य के विधानमंडलों को ऐसी कोई विधायी शक्ति प्राप्त नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सर्वोच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता स्वयं एक मौलिक अधिकार है (डॉ. अंबेडकर ने इसे संविधान का 'हृदय और आत्मा' कहा था)। सर्वोच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के उल्लंघन पर उपचार देने के लिए बाध्य है और इस आधार पर याचिका खारिज नहीं कर सकता कि कोई अन्य वैकल्पिक उपचार मौजूद है।
कथन 2 गलत है: ऐतिहासिक रूप से 'उत्प्रेषण' (Certiorari) केवल न्यायिक और अर्द्ध-न्यायसंगत निकायों के विरुद्ध जारी की जाती थी, किंतु उच्चतम न्यायालय के बाद के निर्णयों के अनुसार अब यह प्रशासनिक प्राधिकारियों के विरुद्ध भी जारी की जा सकती है यदि वे व्यक्तियों के अधिकारों को प्रभावित करते हैं और उनके पास न्यायिक कार्य करने का दायित्व हो (हालांकि पूरी तरह से निजी व्यक्तियों के विरुद्ध यह सीधे लागू नहीं होती, लेकिन प्रशासनिक निकायों के संदर्भ में यह कथन सीमित होने के कारण अशुद्ध माना जाता है)।
कथन 3 सही है: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 33 के अनुसार, सशस्त्र बलों, अर्ध-सैनिक बलों, पुलिस बलों और खुफिया एजेंसियों के सदस्यों के मूल अधिकारों के अनुप्रयोग को प्रतिबंधित या निरस्त करने की विधि बनाने की अनन्य शक्ति केवल 'संसद' (Parliament) के पास है, राज्य के विधानमंडलों के पास नहीं।
Related Questions
→
भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय हरित अधिकरण' (National Green Tribunal - NGT) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की स्थापना राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण, वनों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से संबंधित कानूनी अधिकारों के प्रवर्तन और मामलों के त्वरित निपटान के लिए की गई थी, और यह सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के अंतर्गत निर्धारित पारंपरिक न्यायिक प्रक्रियाओं और साक्ष्य नियमों का कड़ाई से पालन करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है।
2. अधिकरण की पीठ (Bench) के समक्ष पर्यावरण से संबंधित किसी भी मामले या वाद को दायर करने के लिए वैधानिक समय-सीमा उस तिथि से छह महीने निर्धारित की गई है जिस दिन से पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाला कारण या विवाद पहली बार उत्पन्न हुआ था, हालांकि अधिकरण पर्याप्त कारणों से संतुष्ट होने पर इस अवधि को अधिकतम अतिरिक्त साठ दिन (कुल आठ महीने) तक बढ़ा सकता है।
3. NGT द्वारा पर्यावरण संबंधी मामलों में दिए गए आदेशों, निर्णयों या पुरस्कारों के विरुद्ध अपील सीधे सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में ही दाखिल की जा सकती है, और अधिकरण के निर्णयों को उच्च न्यायालयों (High Courts) की रिट अधिकार क्षेत्र (Writ Jurisdiction) के अधीन चुनौती नहीं दी जा सकती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय अर्थव्यवस्था एवं राष्ट्रीय आय के समष्टि आर्थिक (Macroeconomic) संकेतकों के संदर्भ में, 'सकल मूल्य वर्धन' (Gross Value Added - GVA) और 'सकल घरेलू उत्पाद' (Gross Domestic Product - GDP) के मध्य संबंधों तथा उनकी गणना पद्धतियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी अर्थव्यवस्था में उत्पादक क्षेत्रों द्वारा सृजित 'सकल मूल्य वर्धन' (GVA) का आकलन करने के लिए कुल उत्पादन (Output) के मूल्य में से मध्यवर्ती उपभोग (Intermediate Consumption) के मूल्य को घटाया जाता है, और यह माप अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों (जैसे कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र) की आपूर्ति पक्ष की स्थिति को स्पष्ट करता है।
2. बाजार मूल्यों पर सकल घरेलू उत्पाद (GDP at Market Prices) प्राप्त करने के लिए बुनियादी मूल्यों पर सकल मूल्य वर्धन (GVA at Basic Prices) में उत्पादों पर लगने वाले करों (Taxes on Products) को जोड़ा जाता है तथा उत्पादों पर दी जाने वाली सब्सिडी (Subsidies on Products) को घटाया जाता है।
3. भारत में केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (CSO), जो अब राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) का हिस्सा है, द्वारा वर्तमान में आर्थिक विकास की वृद्धि दरों को मापने के लिए मुख्य रूप से कारक लागत पर सकल घरेलू उत्पाद (GDP at Factor Cost) को ही आधिकारिक बेंचमार्क संकेतक के रूप में उपयोग किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
निर्वाचन आयोग (Election Commission) किस अनुच्छेद के अंतर्गत आता है?
→
रॉलेट एक्ट के विरोध में राष्ट्रव्यापी सत्याग्रह किसने शुरू किया था?
→
वायुमंडल की किस परत में ऊंचाई के साथ तापमान बढ़ता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.