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भारतीय इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन के संदर्भ में, वर्ष 1916 के 'लखनऊ अधिवेशन' और 'होम रूल लीग आंदोलन' के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. कांग्रेस के 1916 के लखनऊ अधिवेशन की अध्यक्षता अम्बिका चरण मजूमदार ने की थी, तथा इसी अधिवेशन में गरम दल और नरम दल के बीच नौ वर्षों के अंतराल के बाद पुनः एकता स्थापित हुई, जिसके पीछे मुख्य रूप से बालगंगाधर तिलक और एनी बेसेंट के प्रयास शामिल थे।
  2. 2. लखनऊ अधिवेशन में ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और मुस्लिम लीग के मध्य 'लखनऊ पैक्ट' संपन्न हुआ, जिसके तहत कांग्रेस ने पहली बार मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल (Separate Electorates) की मांग को औपचारिक रूप से स्वीकार किया।
  3. 3. वर्ष 1916 में स्थापित 'अखिल भारतीय होम रूल लीग' (All India Home Rule League) के तहत एनी बेसेंट ने सितंबर 1916 में मद्रास (अडyar) में अपनी लीग की स्थापना की, जिसके मुख्य संगठनकर्ता जॉर्ज अरुंडेल थे, जबकि बालगंगाधर तिलक की लीग का कार्यक्षेत्र महाराष्ट्र, मध्य प्रांत और कर्नाटक तक सीमित था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: दिसंबर 1916 में कांग्रेस का लखनऊ अधिवेशन हुआ, जिसकी अध्यक्षता अम्बिका चरण मजूमदार ने की। इस अधिवेशन में तिलक और एनी बेसेंट के प्रयासों से 1907 के सूरत अधिवेशन में अलग हुए गरम दल और नरम दल पुनः एक हो गए। कथन 2 सही है: लखनऊ अधिवेशन में ही कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच 'लखनऊ पैक्ट' (Lucknow Pact) हुआ। इसमें कांग्रेस ने सांप आधार पर मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन मंडलों की मांग को स्वीकार कर लिया, जिसे बाद में राष्ट्रवादी राजनीति के लिए एक बड़ी भूल माना गया। कथन 3 सही है: वर्ष 1916 में दो होम रूल लीग बनीं- तिलक की लीग (अप्रैल 1916) जिसका कार्यक्षेत्र महाराष्ट्र (बॉम्बे को छोड़कर), कर्नाटक, मध्य प्रांत और बरार था; तथा एनी बेसेंट की लीग (सितंबर 1916) जिसका मुख्यालय अडयार (मद्रास) में था और इसके सचिव जॉर्ज अरुंडेल थे। अतः तीनों कथन सही हैं।
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