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भारतीय अर्थव्यवस्था एवं सतत विकास के संदर्भ में, 'संधारणीय विकास लक्ष्य' (Sustainable Development Goals - SDGs) और 'बहुआयामी गरीबी सूचकांक' (Multidimensional Poverty Index - MPI) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संयुक्त राष्ट्र द्वारा अपनाए गए 2030 एजेंडा के 17 संधारणीय विकास लक्ष्यों (SDGs) में लक्ष्य 1 (Goal 1) सभी रूपों में गरीबी के अंत से संबंधित है, जबकि लक्ष्य 2 (Goal 2) 'शून्य भूख' (Zero Hunger) को प्राप्त करने, खाद्य सुरक्षा में सुधार करने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने का लक्ष्य निर्धारित करता है।
  2. 2. भारत में राष्ट्रीय स्तर पर 'बहुआयामी गरीबी सूचकांक' (MPI) का संकलन और प्रकाशन नीति आयोग (NITI Aayog) द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के तीन समान भारांक वाले आयामों के अंतर्गत आने वाले 12 संकेतकों के आधार पर किया जाता है।
  3. 3. नीति आयोग द्वारा जारी हालिया MPI रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2015-16 और 2019-21 के बीच भारत में बहुआयामी गरीबी के संदर्भ में सबसे अधिक तीव्र गिरावट उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में दर्ज की गई है, जहाँ सबसे बड़ी संख्या में लोग गरीबी से बाहर आए हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: संयुक्त राष्ट्र के 2030 एजेंडा के तहत 17 SDGs में 'SDG 1' का उद्देश्य 'सभी जगहों पर हर रूप में गरीबी का अंत करना' है, और 'SDG 2' का उद्देश्य 'भूख को समाप्त करना, खाद्य सुरक्षा और बेहतर पोषण प्राप्त करना तथा टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना' है। कथन 2 सही है: भारत में राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक (National MPI) नीति आयोग द्वारा जारी किया जाता है। यह सूचकांक तीन समान रूप से भारित आयामों (स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर) को मापता है, जो 12 संकेतकों के माध्यम से मूल्यांकित किए जाते हैं (ऑक्सफोर्ड पॉverty and Human Development Initiative - OPHI और UNDP की वैश्विक पद्धति के अनुरूप)। कथन 3 सही है: नीति आयोग की राष्ट्रीय MPI रिपोर्टों (जैसे राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण - NFHS डेटा पर आधारित) के अनुसार, 2015-16 से 2019-21 की अवधि के दौरान भारत में करोड़ों लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं, और उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में सबसे अधिक संख्या में लोग गरीबी से मुक्त हुए हैं।
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