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Indian Polity
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वित्तीय आपातकाल किस अनुच्छेद में है?

Detailed Explanation

अनुच्छेद 360 वित्तीय आपातकाल है।
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→ भारत में 'आपातकाल' (Emergency) की घोषणा करने का अधिकार किसे प्राप्त है? → भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 356' के अंतर्गत 'राज्य में राष्ट्रपति शासन' (President's Rule) की उद्घोषणा और उसके प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा इसके जारी होने की तारीख से दो महीने के भीतर साधारण बहुमत (Simple Majority) द्वारा अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है। 2. राष्ट्रपति शासन लागू होने पर राष्ट्रपति राज्य सरकार की सभी या कोई भी कृत्य और राज्यपाल या राज्य के किसी निकाय या प्राधिकरण में निहित शक्तियों को अपने हाथ में ले सकता है। 3. 'एस.आर. बोम्मई मामला (1994)' में उच्चतम न्यायालय ने यह निर्णय दिया था कि राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के दायरे से पूरी तरह बाहर है और अदालतें राष्ट्रपति के इस subjective satisfaction की जाँच नहीं कर सकतीं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान के अंतर्गत उपराष्ट्रपति की शक्तियों, प्रधानमंत्री की नियुक्ति तथा मंत्रिपरिषद के उत्तरदायित्व और कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 63 के अनुसार भारत का एक उपराष्ट्रपति होगा, जो पदेन सभापति के रूप में राज्यसभा की बैठकों की अध्यक्षता करता है, किंतु जब वह राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है या उसके कृत्यों का निर्वहन करता है, तब वह राज्यसभा के सभापति के रूप में किसी भी वेतन या भत्ते का हकदार नहीं होता है और न ही उस अवधि में राज्यसभा के सभापति के कर्तव्यों का पालन करता है। 2. अनुच्छेद 75(1) के अंतर्गत प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की सलाह पर की जाती है, तथा संविधान में यह स्पष्ट रूप से उपबंधित है कि प्रधानमंत्री सहित मंत्रिपरिषद के सदस्यों की कुल संख्या लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी, जिसे 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा जोड़ा गया था। 3. अनुच्छेद 78 के अनुसार प्रधानमंत्री का यह संवैधानिक कर्तव्य है कि वह संघ के प्रशासन से संबंधित और विधानविषयक प्रस्तावों से संबंधित मंत्रिपरिषद के सभी विनिश्चय राष्ट्रपति को संसूचित करे तथा राष्ट्रपति द्वारा माँगे जाने पर ऐसी सूचना प्रदान करे, और यदि कोई मंत्री किसी विषय पर अकेले निर्णय ले लेता है जिसे मंत्रिपरिषद ने अनुमोदित नहीं किया है, तो राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर उसे तुरंत बर्खास्त कर सकते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्य विधानमंडल की विधायी शक्तियों, धन विधेयकों (Money Bills) और वित्तीय प्रक्रियाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 198 के अनुसार धन विधेयक केवल विधानसभा में ही प्रस्थापित किया जा सकता है, विधान परिषद में नहीं, और जब विधानसभा द्वारा कोई धन विधेयक पारित कर विधान परिषद को भेजा जाता है, तो विधान परिषद के पास यह शक्ति होती है कि वह उस विधेयक को अधिकतम 30 दिनों की अवधि के लिए रोक सकती है अथवा उसमें आवश्यक संशोधन करने के लिए अपनी सिफारिशों सहित विधानसभा को वापस भेज सकती है। 2. संविधान के अनुच्छेद 202 के तहत राज्यपाल द्वारा प्रत्येक वित्तीय वर्ष के संबंध में राज्य के उस वर्ष के लिए अनुमानित प्राप्तियों और व्यय का विवरण (वार्षिक वित्तीय विवरण या बजट) राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों के समक्ष रखवाया जाता है, तथा राज्य की संचित निधि से व्यय होने वाले भारित व्यय (Charged Expenditure) को राज्य विधानसभा में मतदान के लिए रखा जाता है, जबकि अन्य व्यय अनुमानों को केवल सदन में चर्चा के लिए प्रस्तुत किया जाता है। 3. राज्य विधानमंडल द्वारा किसी कर को आरोपित करने, समाप्त करने, छूट देने, विनियमित करने या राज्य की संचित निधि से धन निकालने से संबंधित कोई भी वित्तीय विधेयक या कर-प्रस्तावित विधेयक राज्यपाल की पूर्व संस्तुति के बिना विधानसभा में पुरःस्थापित नहीं किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के शासनकाल में भारतीय संविधान के ऐतिहासिक विकास और नियंत्रण की दिशा में पारित विभिन्न अधिनियमों (Regulating Acts) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. रेगुलेटिंग एक्ट, 1773 के माध्यम से बंगाल के गवर्नर के पद को 'बंगाल के गवर्नर-जनरल' में परिवर्तित किया गया और उसकी सहायता के लिए चार सदस्यीय कार्यकारी परिषद का गठन किया गया, तथा इसी अधिनियम के तहत कलकत्ता में एक उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की स्थापना की गई थी जिसके प्रथम मुख्य न्यायाधीश सर एलिजा इम्पे थे। 2. पिट्स इंडिया एक्ट, 1784 द्वारा कंपनी के राजनीतिक और वाणिज्यिक कार्यों को पृथक कर दिया गया, जिसके तहत व्यापारिक मामलों के प्रबंधन के लिए 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' (Board of Control) और राजनीतिक मामलों (बोर्ड के नियंत्रण) के लिए 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स' (Court of Directors) की स्थापना की गई। 3. चार्टर अधिनियम, 1813 के द्वारा भारत में कंपनी के चाय के व्यापार और चीन के साथ व्यापार को छोड़कर, उसके सभी एकाधिकार (Monopoly) को समाप्त कर दिया गया, तथा साथ ही भारत में ईसाई मिशनरियों को आकर धर्म प्रचार करने की अनुमति प्रदान की गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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