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Indian Polity
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राज्यपाल की नियुक्ति कौन करता है?

Detailed Explanation

राज्यपाल राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किए जाते हैं।
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राज्यसभा का अध्यक्ष कौन होता है? राज्य विधानमंडल के संदर्भ में, विधानसभा और विधान परिषद की विधाई शक्तियों, उनकी संरचना तथा आपसी गतिरोध निवारण की प्रक्रिया से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 169 के अंतर्गत किसी राज्य में विधान परिषद के सृजन या उत्सादन के लिए संसद विधि बना सकती है, बशर्ते संबंधित राज्य की विधानसभा ने इस आशय का संकल्प अपनी कुल सदस्य संख्या के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से पारित कर दिया हो, और इस प्रकार पारित संकल्प के संबंध में राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति या संस्तुति अनिवार्य होती है। 2. साधारण विधेयक (Ordinary Bill) के पारित होने के संबंध में यदि विधान परिषद किसी विधेयक को अस्वीकार कर देती है या ऐसे संशोधन प्रस्तुत करती है जिससे विधानसभा असहमत है, या विधान परिषद द्वारा विधेयक को बिना किसी कार्रवाई के तीन महीने तक रोक लिया जाता है, तो ऐसी स्थिति में संविधान के अनुच्छेद 197 के तहत दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting) बुलाए जाने का स्पष्ट संवैधानिक प्रावधान किया गया है। 3. धन विधेयक (Money Bill) को केवल विधानसभा में ही पुनः स्थापित किया जा सकता है, और विधान परिषद को धन विधेयक को अस्वीकार करने का कोई अधिकार नहीं है; विधान परिषद को धन विधेयक प्राप्ति की तिथि से अधिकतम चौदह दिनों की अवधि के भीतर अपनी सिफारिशों के साथ या बिना सिफारिशों के विधानसभा को वापस लौटाना होता है, अन्यथा उस अवधि की समाप्ति पर वह विधेयक दोनों सदनों द्वारा उसी रूप में पारित समझा जाता है जिस रूप में वह विधानसभा द्वारा पारित किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत मूल कर्तव्यों (Fundamental Duties) के प्रावधानों, उनकी प्रकृति तथा स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मूल संविधान में एक भी मूल कर्तव्य का प्रावधान नहीं था, किंतु सरदार स्वर्ण सिंह समिति की संस्तुति के आधार पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान के भाग IV-क के अनुच्छेद 51-क के अंतर्गत मूल कर्तव्यों को समाविष्ट किया गया, जिसमें प्रारंभ में कुल 10 मूल कर्तव्य जोड़े गए थे। 2. 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 के माध्यम से संविधान में एक नया मूल कर्तव्य जोड़ा गया, जिसके तहत छह से चौदह वर्ष की आयु के अपने बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करने का कर्तव्य माता-पिता या संरक्षक का होगा, और इस प्रकार वर्तमान में कुल मूल कर्तव्यों की संख्या 11 हो गई है। 3. नीति निर्देशक तत्वों की भांति मूल कर्तव्य भी प्रकृति से न्यायोचित (Justiciable) हैं, जिसका अर्थ है कि यदि कोई नागरिक अपने मूल कर्तव्यों का पालन नहीं करता है, तो संसद के पास उन्हें दंडित करने या उनके विरुद्ध न्यायालय में प्रत्यक्ष रूप से प्रवर्तनीय विधियाँ बनाने की पूर्ण शक्ति प्राप्त है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत नागरिकता के प्रावधानों और 'भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 9 के अनुसार, यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी विदेशी राज्य की नागरिकता प्राप्त कर लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त (Termination) हो जाएगी, और यह नियम युद्ध काल या शांति काल दोनों ही परिस्थितियों में समान रूप से लागू होता है। 2. भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत 'देशीयकरण' (Naturalization) द्वारा नागरिकता प्राप्त करने के लिए यह एक अनिवार्य शर्त है कि आवेदक किसी ऐसे देश का नागरिक न हो जहाँ भारतीय नागरिकों को देशीयकरण द्वारा नागरिकता प्राप्त करने से प्रतिबंधित किया गया हो। 3. संसद को संविधान के अनुच्छेद 11 के तहत यह अनन्य शक्ति प्राप्त है कि वह नागरिकता के अर्جين और समाप्ति तथा नागरिकता से संबंधित अन्य सभी विषयों के संबंध में विधि का विनियमन कर सकती है, किंतु इस शक्ति के प्रयोग के माध्यम से संसद किसी भी व्यक्ति को मौलिक अधिकारों की तरह भू-तक्षी (Retrospective) प्रभाव से नागरिकता से वंचित नहीं कर सकती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत राजभाषा के प्रावधानों, अनुसूचियों और राजनीतिक दलों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के भाग XVII के अनुच्छेद 348 के अनुसार उच्चतम न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय में सभी कार्रवाइयाँ अंग्रेजी भाषा में होंगी, जब तक कि संसद विधि द्वारा अन्य प्रावधान न करे, और किसी राज्य का राज्यपाल, राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से, राज्य के उच्च न्यायालय की कार्रवाइयों में हिंदी भाषा या राज्य के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयुक्त किसी अन्य भाषा के प्रयोग को प्राधिकृत कर सकता है। 2. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं, जिन्हें बाद में विभिन्न संशोधनों के माध्यम से जोड़ा गया; जैसे कि सिंधी भाषा को 21वें संविधान संशोधन द्वारा, कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली को 71वें संशोधन द्वारा, तथा बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली को 92वें संविधान संशोधन द्वारा शामिल किया गया, जिससे वर्तमान में इस अनुसूची में कुल 22 भाषाएँ हैं। 3. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत निर्वाचन आयोग द्वारा राजनीतिक दलों का पंजीकरण किया जाता है, किंतु निर्वाचन आयोग के पास किसी राजनीतिक दल को दिए गए पंजीकरण या उसकी मान्यता को वापस लेने या रद्द करने की कोई संविधित (statutory) शक्ति प्राप्त नहीं है, और इसके लिए केवल सिविल न्यायालय में वाद दायर किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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