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BPSC TRE 4.0
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प्रकाश के व्यतिकरण (Interference of Light) और विवर्तन (Diffraction) की परिघटनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. यंग के द्वि-झिरी प्रयोग (Young's Double-Slit Experiment) में प्राप्त होने वाली व्यतिकरण फ्रिंजों (Fringes) की चौड़ाई समान होती है, जबकि एकल-झिरी विवर्तन पैटर्न में केंद्रीय उच्चिष्ठ (Central Maximum) को छोड़कर अन्य सभी उच्चिष्ठों की चौड़ाई असमान होती है।
  2. 2. व्यतिकरण पैटर्न में सभी दीप्त फ्रिंजों (Bright Fringes) की तीव्रता एकसमान होती है, जबकि विवर्तन पैटर्न में उच्चिष्ठों की तीव्रता केंद्रीय उच्चिष्ठ से दूर जाने पर लगातार घटती जाती है।
  3. 3. प्रकाश का विवर्तन तरंगों के प्रकाशिक मार्ग में किसी तीक्ष्ण अवरोध या द्वारक के किनारों से मुड़ने की परिघटना है, जो केवल तभी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है जब अवरोध या द्वारक का आकार प्रकाश की तरंगदैर्ध्य (Wavelength) की तुलना में बहुत बड़ा हो।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 और 2 पूर्णतः सत्य हैं। यंग के द्वि-झिरी प्रयोग में व्यतिकरण फ्रिंजों की चौड़ाई समान होती है और सभी दीप्त फ्रिंजों की तीव्रता लगभग एकसमान होती है। इसके विपरीत, एकल-झिरी विवर्तन में केंद्रीय उच्चिष्ठ की चौड़ाई अन्य उच्चिष्ठों से दोगुनी होती है और तीव्रता किनारों की ओर घटती जाती है। कथन 3 असत्य है क्योंकि विवर्तन की परिघटना तभी स्पष्ट होती है जब अवरोध या द्वारक का आकार प्रकाश की तरंगदैर्ध्य की कोटि (Order of Wavelength) का या उससे छोटा हो, न कि बहुत बड़ा। अधिक अभ्यास के लिए हमारी बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों, अधीनस्थ न्यायालयों और संघ राज्य क्षेत्रों (Union Territories) की प्रशासनिक एवं न्यायिक व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 227 के अनुसार प्रत्येक उच्च न्यायालय को अपने राज्य के प्रादेशिक क्षेत्राधिकार के भीतर आने वाले सभी न्यायालयों और अधिकरणों (Tribunals) के अधीक्षण की व्यापक शक्ति प्राप्त है, जिसमें प्रशासनिक अधीक्षण भी शामिल है, किंतु इसके अंतर्गत सैन्य न्यायालयों या सेना अधिनियम के तहत गठित अधिकरणों पर उच्च न्यायालय का अधीक्षण क्षेत्राधिकार लागू नहीं होता है। 2. संघ राज्य क्षेत्र (UTs) के लिए उच्च न्यायालय के गठन या उसके क्षेत्राधिकार के विस्तार की शक्ति संसद को अनुच्छेद 241 के तहत प्राप्त है, जिसके अंतर्गत संसद विधि द्वारा किसी संघ राज्य क्षेत्र के लिए एक पृथक उच्च न्यायालय स्थापित कर सकती है या उसे किसी पड़ोसी राज्य के उच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार के अधीन कर सकती है (जैसे दिल्ली का अपना उच्च न्यायालय है, जबकि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह कलकत्ता उच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आता है)। 3. अधीनस्थ न्यायालयों में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करके अनुच्छेद 233 के प्रावधानों के तहत की जाती है, जबकि जिला न्यायाधीशों से भिन्न न्यायिक सेवा के अन्य सदस्यों की नियुक्तियाँ राज्यपाल द्वारा राज्य लोक सेवा आयोग और उच्च न्यायालय से परामर्श के पश्चात विधि के अनुसार की जाती हैं। 4. संविधान के अनुच्छेद 235 में यह स्पष्ट किया गया है कि जिला न्यायालयों और उनके अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण (जिसमें पोस्टिंग, प्रमोशन और छुट्टी का अनुदान शामिल है) पूरी तरह से संबंधित राज्य सरकार के विधि विभाग के पास निहित होता है, और इसमें उच्च न्यायालय की कोई संवैधानिक भूमिका नहीं होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? मुस्लिम लीग की स्थापना (1906) तथा होमरोल लीग आंदोलन (1916) के उद्देश्यों, वैचारिक विकास और राजनीतिक प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ढाका के नवाब सलीमुल्लाह खान के नेतृत्व में वर्ष 1906 में स्थापित 'ऑल इंडिया मुस्लिम लीग' के संस्थापकों का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश सरकार के प्रति मुसलमानों में निष्ठा बढ़ाना और उनके राजनीतिक अधिकारों की रक्षा करना था, तथा इसके लाहौर अधिवेशन (1907) में पहली बार पृथक निर्वाचन मंडल (Separate Electorates) की मांग को औपचारिक रूप से स्वीकार किया गया था। 2. भारत में होमरोल लीग आंदोलन की शुरुआत दो अलग-अलग संगठनों के माध्यम से हुई थी; सर्वप्रथम अप्रैल 1916 में तिलक ने बेलगाम में 'इंडियन होम रूल लीग' की स्थापना की, जिसका कार्यक्षेत्र महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रांत और बरार तक सीमित था, जबकि सितंबर 1916 में एनी बेसेंट ने मद्रास में अपनी लीग की स्थापना की जिसका प्रभाव क्षेत्र शेष भारत में था। 3. होमरोल लीग आंदोलन के दौरान एनी बेसेंट ने अपने दो प्रसिद्ध समाचार पत्रों 'न्यू इंडिया' (New India) और 'कॉमनवील' (Commonweal) के माध्यम से स्वशासन के विचार को जन-जन तक पहुँचाया, तथा उनके इस आंदोलन में बी.पी. वाडिया और जॉर्ज अरुंडेल जैसे प्रमुख सहयोगियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 4. वर्ष 1916 के लखनऊ अधिवेशन में कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच हुए ऐतिहासिक समझौते (लखनऊ पैक्ट) में कांग्रेस ने मुस्लिम लीग की पृथक निर्वाचन मंडल की मांग को स्वीकार कर लिया था, जिसे भविष्य में भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की सांप्रदायिक राजनीति के एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? 19वीं शताब्दी के दौरान भारत में हुए सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित 'आत्मीय सभा' (1815) और 'ब्रह्म समाज' (1828) ने मूर्तिपूजा, बहुदेववाद, जातिगत कठोरताओं और सती प्रथा का कड़ा विरोध किया, तथा पाश्चात्य शिक्षा एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रचार-प्रसार पर बल दिया। 2. वर्ष 1867 में मुंबई में आत्माराम पांडुरंग द्वारा स्थापित 'प्रार्थना समाज' का मुख्य उद्देश्य जाति व्यवस्था का उन्मूलन, विधवा पुनर्विवाह को बढ़ावा देना और महिला शिक्षा का प्रसार था, जिसमें महादेव गोविंद रानाडे और आर. जी. भंडारकर जैसे विद्वानों का सक्रिय योगदान रहा। 3. स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा 1875 में स्थापित 'आर्य समाज' ने 'वेदों की ओर लौटो' का नारा दिया और वेदों को अपौरुषेय एवं अचूक माना, तथा इन्होंने शुद्धि आंदोलन के माध्यम से उन हिंदुओं को पुनः हिंदू धर्म में वापस लाने का प्रयास किया जिन्होंने किसी अन्य धर्म को अपना लिया था। 4. यंग बंगाल आंदोलन का नेतृत्व करने वाले हेनरी विवियन डेरोज़ियो ने सामाजिक सुधारों के साथ-साथ रूढ़िवादी हिंदू परंपराओं की खुलकर आलोचना की, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें कलकत्ता के हिंदू कॉलेज के प्राध्यापक पद से बर्खास्त कर दिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? कार्बोक्सिलिक एसिड और अल्कोहल की अभिक्रिया क्या कहलाती है? हृदय का मुख्य कार्य क्या है?
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