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BPSC TRE 4.0
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बिहार के किसान विद्रोह, आंदोलनों और उनसे जुड़े प्रमुख नेतृत्वकर्त्याओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. स्वामी सहजानंद सरस्वती ने वर्ष 1929 में 'बिहार प्रांतीय किसान सभा' (Bihar Provincial Kisan Sabha) की स्थापना की थी, जिसका प्रमुख उद्देश्य जमींदारों द्वारा किसानों पर किए जा रहे अवैध उत्पीड़न, बेदखली और बकाश्त भूमि पर उनके अधिकारों की रक्षा करना था।
- 2. वर्ष 1936 में लखनऊ में आयोजित 'अखिल भारतीय किसान सभा' (All India Kisan Sabha) के पहले सत्र की अध्यक्षता स्वामी सहजानंद सरस्वती द्वारा की गई थी, जबकि एन.जी. रंगा को इस प्रथम अखिल भारतीय संगठन का महासचिव (General Secretary) चुना गया था।
- 3. वर्ष 1937-38 के दौरान मोकामा के निकट 'बड़हिया टाल' (Barhiya Tal) संग्राम का नेतृत्व कार्यानंद शर्मा ने किया था, जो मुख्य रूप से टाल क्षेत्र की उपजाऊ भूमि पर काश्तकारी अधिकारों की रक्षा और फसल के बँटवारे को लेकर जमींदारों के विरुद्ध एक अत्यंत तीव्र किसान आंदोलन था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। स्वामी सहजानंद सरस्वती ने बिहार में कृषक असंतोष को संगठित रूप देने के लिए 1929 में 'बिहार प्रांतीय किसान सभा' की स्थापना की थी। आगे चलकर 1936 में लखनऊ में अखिल भारतीय किसान सभा का गठन हुआ, जिसके पहले अध्यक्ष स्वामी सहजानंद सरस्वती और महासचिव एन.जी. रंगा बने थे। इसके अतिरिक्त, कार्यानंद शर्मा के नेतृत्व में बड़हिया टाल का किसान आंदोलन बिहार के सबसे सफल और प्रमुख संघर्षों में गिना जाता है। इस तरह के अन्य उच्च-स्तरीय प्रश्नों का अभ्यास करने और अपनी तैयारी को मजबूत करने के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।
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तृतीयक गतिविधियों के व्यापार और वाणिज्य क्षेत्र के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही हैं?
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भौतिकी के विविध नियमों, प्रभावों तथा उनके अनुप्रयोगों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'कमटन प्रभाव' (Compton Effect) इस बात को स्पष्ट करता है कि जब एक्स-किरणें या गामा-किरणें इलेक्ट्रॉनों जैसे हल्के कणों से प्रकीर्णित होती हैं, तो प्रकीर्णित विकिरण की तरंगदैर्ध्य आपतित विकिरण की तरंगदैर्ध्य से अधिक हो जाती है, जो प्रकाश के कण (क्वांटम) स्वरूप और ऊर्जा-संवेग संरक्षण को प्रमाणित करता है।
2. 'कासिमर प्रभाव' (Casimir Effect) क्वांटम क्षेत्र सिद्धांत का एक परिणाम है, जिसके अनुसार निर्वात में रखे हुए दो अतिनिकट अनावेशित संवाहक प्लेटों के बीच एक आकर्षक क्वांटम बल कार्य करता है, जो प्लेटों के बाहर और भीतर शून्य-बिन्दु ऊर्जा (Zero-point Energy) के अंतर के कारण उत्पन्न होता है।
3. 'सीबेक प्रभाव' (Seebeck Effect) का उपयोग 'थर्मोकपल' (Thermocouple) बनाने में किया जाता है, जबकि इसके विपरीत 'पेलटियर प्रभाव' (Peltier Effect) के अंतर्गत जब दो भिन्न धातुओं के जंक्शन से विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो जंक्शन पर ऊष्मा का अवशोषण या उत्सर्जन होता है, जिसका उपयोग सॉलिड-स्टेट कूलिंग या रेफ्रिजरेशन में किया जाता है।
4. 'एवंलूश प्रभाव' (Avalanche Breakdown) अर्धचालक डायोडों में उच्च रिवर्स वोल्टेज के कारण उत्पन्न होता है, जिसमें प्रबल विद्युत क्षेत्र के प्रभाव से अल्पसंख्यक आवेश वाहक इतनी गतिज ऊर्जा प्राप्त कर लेते हैं कि वे सहसंयोजक बंधों को तोड़कर नए इलेक्ट्रॉन-होल युग्मों का एक विशाल हिमपात (Avalanche) उत्पन्न करते हैं, जिससे धारा अचानक तीव्र गति से बढ़ जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना (1885) से पूर्व स्थापित विभिन्न राजनीतिक एवं राष्ट्रवादी संस्थाओं तथा उनके संस्थापकों/संबंधित व्यक्तियों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. लैंडहोल्डर्स सोसाइटी (Landholders' Society) — द्वारकानाथ टैगोर
2. ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन (British Indian Association) — राधाकांत देव
3. ईस्ट इंडिया एसोसिएशन (East India Association) — दादाभाई नौरोजी
4. इंडियन लीग (Indian League) — शिशिर कुमार घोष
5. इंडियन एसोसिएशन (Indian Association) — आनंद मोहन बोस और सुरेंद्रनाथ बनर्जी
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
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कोल्ड ड्रिंक्स में कौन सी गैस भरी जाती है?
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मानव प्रजातियों (Human Races) के वर्गीकरण और उनके शारीरिक तथा भौगोलिक लक्षणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रिफ़िथ टैलर (Griffith Taylor) और जॉन बर्नेट डिक्सन (Roland Dixon) जैसे मानवशास्त्रियों ने मानव प्रजातियों के विकास और प्रवास के आधार पर वर्गीकरण प्रस्तुत किया था, जिसमें टैलर का 'प्रवासन-वलय सिद्धांत' (Migration-Zone Theory) यह बताता है कि केंद्रीय एशिया से सबसे पहले विकसित होने वाली प्रजातियाँ महाद्वीपों के सीमांत या दूरस्थ क्षेत्रों की ओर विस्थापित हो गईं।
2. 'कॉकीशॉइड' (Caucasoid) प्रजाति के मुख्य शारीरिक लक्षणों में तीखी एवं संकीर्ण नाक, लहराते या सीधे बाल, हल्की या गोरी त्वचा और मध्यम से लेकर लंबे कद का होना शामिल है, तथा इस प्रजाति का मूल निवास स्थान मुख्यतः यूरोप, मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका माना जाता है।
3. 'मंगोलॉइड' (Mongoloid) प्रजाति की प्रमुख शारीरिक विशेषताओं में पीली से भूरी त्वचा, चपटा चेहरा, उभरी हुई गाल की हड्डियाँ और आँख के कोने पर एक विशेष त्वचा की तह (Epicanthic fold) का पाया जाना है, जो मुख्य रूप से एशिया के पूर्वी और आग्नेय क्षेत्रों में पाई जाती है।
4. नियेंडरथल (Neanderthal) और क्रो-मैग्नन (Cro-Magnon) मानव जीवाश्म आधुनिक होमो सेपियन्स (Homo sapiens) की ही विलुप्त उप-प्रजातियाँ या पूर्ववर्ती शाखाएँ थीं, जिन्हें शारीरिक नृविज्ञान के अंतर्गत आधुनिक मानव के विकास क्रम का मुख्य हिस्सा माना जाता है, तथा क्रो-मैग्नन मानव शारीरिक रूप से आधुनिक मानव के सर्वाधिक निकट था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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