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BPSC TRE 4.0
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मानव शरीर में होने वाले विभिन्न आनुवंशिक विकारों (Genetic Disorders) और संक्रामक रोगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. 'डाउन सिंड्रोम' (Down Syndrome) एक गुणसूत्र संबंधी विकार है जो 21वें गुणसूत्र की त्रिसूत्रता (Trisomy 21) के कारण होता है, जिससे ग्रसित व्यक्ति में मानसिक मंदता, शारीरिक विकास में बाधा और विशिष्ट शारीरिक लक्षण उत्पन्न होते हैं।
- 2. 'फिनाइलकेटोन्यूरिया' (Phenylketonuria) एक ऑटोसोमल अप्रभावी (Autosomal Recessive) आनुवंशिक विकार है, जिसमें शरीर में 'फिनाइलएलैनिन हाइड्रॉक्सिलेज़' एंजाइम की कमी के कारण फिनाइलएलैनिन का टायरोसिन में परिवर्तन नहीं हो पाता है, जिससे यह मानसिक विकलांगता का कारण बनता है।
- 3. 'रक्तल्पता' (Anemia) के संदर्भ में, 'सिकल सेल एनीमिया' (Sickle Cell Anemia) एक लिंग-सहग्न (Sex-linked) प्रभावी आनुवंशिक बीमारी है, जिसमें हीमोग्लोबिन की बीटा-ग्लोबिन श्रृंखला में ग्लूटामिक एसिड के स्थान पर वेलीन के प्रतिस्थापन के कारण लाल रक्त कणिकाएँ हँसिए के आकार की हो जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है: डाउन सिंड्रोम (Mongolism) 21वें गुणसूत्र की ट्राइसोमी (Trisomy 21) के कारण उत्पन्न होने वाला एक प्रमुख आनुवंशिक विकार है। कथन 2 सत्य है: फिनाइलकेटोन्यूरिया (PKU) एक ऑटोसोमल रिसेसिव जेनेटिक डिसऑर्डर है जिसमें फिनाइलएलैनिन एमिनो एसिड का चयापचय बाधित होता है, जिससे केंद्रीय तंत्रिका तंत्र प्रभावित होता है। कथन 3 असत्य है: सिकल सेल एनीमिया कोई लिंग-सहग्न (Sex-linked) रोग नहीं है, बल्कि यह एक ऑटोसोमल रिसेसिव (Autosomal Recessive) आनुवंशिक विकार है जो गुणसूत्र 11 पर स्थित जीन के उत्परिवर्तन के कारण होता है। इस प्रकार के महत्वपूर्ण प्रश्नों और संपूर्ण तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
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बिहार राज्य में आपदा प्रबंधन और शमन रणनीतियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अनुसार बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) का गठन किया गया है, जिसके पदेन अध्यक्ष राज्य के मुख्यमंत्री होते हैं और यह राज्य में बाढ़, सूखा, भूकंप और वज्रपात (Lightning) जैसी आपदाओं के लिए समुदाय-आधारित आपदा प्रबंधन (CBDM) पर विशेष बल देता है।
2. भारत में वज्रपात (Lightning) से होने वाली मौतों को रोकने के लिए 'दामोदर' और 'इन्द्र वज्र' (Indra Vajra) जैसी मोबाइल ऐप्स का उपयोग किया जाता है, जिन्हें विशेष रूप से मौसम की पूर्व चेतावनी और किसानों को समय पर सतर्क करने के लिए विकसित किया गया है।
3. सेंडाई फ्रेमवर्क (2015-2030) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, बिहार सरकार ने कृषि और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सहनशील (Resilient) बनाने के लिए 'मुख्यमंत्री तीव्र कृषि शमन नीति' के तहत सभी जिलों में एक समान बाढ़ नियंत्रण चैनल अनिवार्य कर दिए हैं।
4. बिहार के उत्तर-पश्चिमी और उत्तरी मैदानी जिले (जैसे पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी और मधुबनी) भूकम्पीय जोन-V के अंतर्गत आते हैं, जो राज्य में सबसे अधिक भूकंपीय संवेदनशीलता और जोखिम वाले क्षेत्र माने जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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रसायन विज्ञान की विविध अवधारणाओं और तत्वों के यौगिकों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'भारी जल' (Deuterium Oxide - $D_2O$), जो कि सामान्य जल का ही एक समस्थानिक यौगिक है, का उपयोग मुख्य रूप से नाभिकीय रिएक्टरों में न्यूट्रॉनों की गति को मंद करने वाले मंदक (Moderator) के रूप में किया जाता है, तथा इसकी खोज एच. सी. यूरे और जी. बी. बालग्रैंड ने की थी।
2. 'सफेद कसीस' (White Vitriol) का रासायनिक नाम जिंक सल्फेट हेप्टाहाइड्रेट ($ZnSO_4 \cdot 7H_2O$) है, जबकि 'नीला कसीस' (Blue Vitriol) कॉपर सल्फेट पेंटाहाइड्रेट ($CuSO_4 \cdot 5H_2O$) कहलाता है, जिसका उपयोग कवकनाशी (Fungicide) और रंजक उद्योग में बहुतायत से किया जाता है।
3. अक्रिय गैसों में 'जीनॉन' (Xenon) को 'स्ट्रेंजर गैस' (Stranger Gas) भी कहा जाता है, क्योंकि यह रासायनिक रूप से पूर्णतः अक्रिय होने के कारण किसी भी परिस्थिति में फ्लोरीन या ऑक्सीजन के साथ सहसंयोजक यौगिकों का निर्माण करने में पूरी तरह असमर्थ होती है।
4. सोडियम थायसल्फेट पेंटाहाइड्रेट ($Na_2S_2O_3 \cdot 5H_2O$), जिसे सामान्य बोलचाल में 'हाइपो' (Hypo) कहा जाता है, का उपयोग फोटोग्राफी में अनअभिकृत सिल्वर ब्रोमाइड को घोलकर हटाने (Fixing agent के रूप में) के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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अर्धचालक (Semiconductors) भौतिकी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नैज अर्धचालक (Intrinsic Semiconductor) में सहसंयोजक बंधों के टूटने से जितने इलेक्ट्रॉन चालन बैंड में पहुँचते हैं, उतने ही धनात्मक छिद्र (Holes) संयोजकता बैंड में निर्मित होते हैं, जिससे इलेक्ट्रॉनों और छिद्रों की सांद्रता समान होती है।
2. जब एक शुद्ध सिलिकॉन या जर्मेनियम क्रिस्टल में त्रिसंयोजक अशुद्धि (जैसे बोरॉन, इंडियम या गैलियम) को डोप किया जाता है, तो 'n-टाइप' अर्धचालक का निर्माण होता है, जिसमें बहुसंख्यक आवेश वाहक (Majority Charge Carriers) मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं।
3. 'p-n जंक्शन डायोड' में अवक्षय परत (Depletion Region) के निर्माण का मुख्य कारण बहुसंख्यक आवेश वाहकों का जंक्शन की एक तरफ से दूसरी तरफ विसरण (Diffusion) और उसके बाद उत्पन्न हुआ पुनर्संयोजन (Recombination) होता है, जिससे जंक्शन के दोनों ओर अचल आयन परत बन जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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सविनय अवज्ञा आंदोलन, गांधी-इरविन समझौते और गोलमेज सम्मेलनों के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1930 में प्रारंभ हुए प्रथम सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान दांडी मार्च के पश्चात महात्मा गांधी ने नमक कानून तोड़ा, जिसके कारण पूरे देश में कर-बहिष्कार और विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार का व्यापक प्रसार हुआ, किंतु इस आंदोलन में महिलाओं, व्यापारियों और औद्योगिक श्रमिकों की भागीदारी नगण्य रही।
2. 5 मार्च 1931 को हस्ताक्षरित 'गांधी-इरविन समझौते' के तहत ब्रिटिश सरकार ने उन सभी राजनीतिक कैदियों को तुरंत रिहा करना स्वीकार कर लिया जिन पर हिंसा के गंभीर आरोप (हत्या या घातक चोट) सिद्ध हो चुके थे, और साथ ही समुद्र तटीय क्षेत्रों में लोगों को अपने घरेलू उपभोग के लिए नमक बनाने का अधिकार भी दे दिया गया।
3. लंदन में आयोजित द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (सितंबर-दिसंबर 1931) में कांग्रेस के एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में महात्मा गांधी ने भाग लिया, किंतु यह सम्मेलन अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधित्व और 'साम्प्रदायिक अधिनियर्ण' (Communal Award) के विवाद के कारण बिना किसी ठोस निर्णय के असफल समाप्त हुआ।
4. डॉ. भीमराव अंबेडकर ने तीनों गोलमेज सम्मेलनों (प्रथम, द्वितीय और तृतीय) में भाग लिया था, और उन्होंने दलितों (अछूतों) के लिए पृथक निर्वाचक मंडल (Separate Electorates) की मांग पुरजोर तरीके से उठाई थी, जिसे महात्मा गांधी ने दलित वर्गों के सामाजिक विखंडन का कारण मानकर इसका कड़ा विरोध किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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यांत्रिकी (Mechanics) के अंतर्गत घूर्णी गति (Rotational Motion) और न्यूटन के गति नियमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी दृढ़ पिंड पर कार्य करने वाला बाह्य बल आघूर्ण (Torque) उस पिंड के कोणीय संवेग (Angular Momentum) में परिवर्तन की दर के अनुक्रमानुपाती होता है, जो रेखीय गति में न्यूटन के द्वितीय नियम के पूर्णतः समरूप है।
2. यदि किसी घूर्णी गति करती हुई विलगित (Isolated) वस्तु पर आरोपित बाह्य बल आघूर्ण का मान शून्य (τ = 0) हो, तो उस वस्तु का कुल कोणीय संवेग संरक्षित रहता है, जिसे कोणीय संवेग संरक्षण का नियम कहा जाता है।
3. जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia) एक सदिश (Vector) राशि है जिसका एसआई मात्रक किग्रा-मीटर प्रति सेकंड (kg·m/s) होता है, और यह वस्तु के द्रव्यमान तथा उसके घूर्णन अक्ष से दूरी के वर्ग पर निर्भर करता है।
4. जब कोई बर्फ पर नृत्य करने वाली स्केटिंग खिलाड़ी (Ice Skater) अपने हाथों और पैरों को अपने शरीर के करीब सिकोड़ लेती है, तो उसका जड़त्व आघूर्ण घट जाता है, जिससे उसकी कोणीय चाल (Angular Speed) बढ़ जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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