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BPSC TRE 4.0
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बिहार की प्रमुख कला, संस्कृति और लोक पर्वों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मधुबनी चित्रकला (मिथिला पेंटिंग) के अंतर्गत मुख्य रूप से दो प्रमुख शैलियाँ पाई जाती हैं - 'कछनी' और 'भरनी', जिनमें 'कछनी' शैली में रेखाओं के माध्यम से एकरंगी (Monochrome) या हल्के रंगों का प्रयोग किया जाता है, जबकि 'भरनी' शैली में प्राकृतिक रंगों से सघन और चटकीले रंगों द्वारा चित्रों को भरा जाता है।
- 2. बिहार का प्रसिद्ध लोक पर्व 'छठ पूजा' कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाने वाला एक सूर्योपासना का महापर्व है, जिसकी विशिष्ट परंपरा के अंतर्गत ढलते सूर्य (संध्या अर्घ्य) के साथ-साथ उगते सूर्य (उषा अर्घ्य) को भी जल अर्पित किया जाता है, और यह प्रकृति तथा पर्यावरण संरक्षण का अनूठा प्रतीक है।
- 3. बिहार की पारंपरिक 'मंजुषा कला' (Manjusha Art) को मुख्य रूप से 'अंग क्षेत्र' (भागलपुर) से संबंधित माना जाता है, जिसमें सर्प कथा (विहुला-विषहर की गाथा) का अंकन मुख्य रूप से जूट के बक्से, कागज और पटचित्रों पर किया जाता है, और इसे 'सेंक कला' (Snake Art) के नाम से भी जाना जाता है।
- 4. बिहू नृत्य बिहार का एक अत्यंत लोकप्रिय लोक नृत्य है, जो राज्य के दक्षिणी पठारी क्षेत्रों में फसल कटाई के अवसर पर मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा किया जाता है और इसमें शास्त्रीय संगीत के नियमों का पूर्ण पालन किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न के अंतर्गत कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। मधुबनी चित्रकला में 'कछनी' और 'भरनी' दो प्रमुख शैलियाँ हैं। छठ पूजा सूर्योपासना का महापर्व है जिसमें संध्या और उषा दोनों अर्घ्य दिए जाते हैं। मंजुषा कला अंग (भागलपुर) क्षेत्र की प्रसिद्ध सर्प कथा आधारित लोक कला है। वहीं, कथन 4 असत्य है क्योंकि 'बिहू' नृत्य बिहार का नहीं बल्कि असम राज्य का प्रसिद्ध लोक नृत्य है। बिहार की ऐसी ही उच्च स्तरीय शिक्षण सामग्रियों और अधिक अभ्यासों के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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सूची-I (बंदरगाह का प्रकार) को सूची-II (विवरण) से सुमेलित कीजिए?
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना से पूर्व स्थापित विभिन्न राजनीतिक एवं राष्ट्रवादी संगठनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1838 में द्वारकानाथ टैगोर और अन्य सहयोगियों द्वारा स्थापित 'लैंडहोल्डर्स सोसाइटी' (जमींदारी एसोसिएशन) भारत की पहली राजनीतिक संस्था थी, जिसे मुख्य रूप से जमींदारों और भू-स्वामियों के वर्गीय हितों की रक्षा के लिए गठित किया गया था।
2. दादाभाई नौरोजी द्वारा 1866 में लंदन में स्थापित 'ईस्ट इंडिया एसोसिएशन' का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश जनता और संसद को भारत की वास्तविक और दयनीय स्थिति से अवगत कराना तथा भारतीयों के कल्याण के लिए जनमत तैयार करना था।
3. सुरेन्द्रनाथ बनर्जी और आनंद मोहन बोस द्वारा 1876 में स्थापित 'इंडियन एसोसिएशन' (भारत संघ) ने ब्रिटिश सरकार की दमनकारी नीतियों (जैसे वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट और आर्म्स एक्ट) के खिलाफ मुखर विरोध प्रदर्शन किया और सिविल सेवा परीक्षा की आयु सीमा घटाए जाने के निर्णय के विरुद्ध अखिल भारतीय स्तर पर आंदोलन चलाया।
4. जस्टिस महादेव गोविंद राणे और गणेश वासुदेव जोशी द्वारा 1870 में स्थापित 'पूना सार्वजनिक सभा' ने ब्रिटिश सरकार और स्थानीय किसानों के बीच मध्यस्थता करते हुए लगान दरों में कमी और राहत कार्यों के लिए प्रभावी मंच प्रदान किया, तथा इसकी स्थापना का उद्देश्य कभी भी प्रशासनिक सुधारों की माँग करना नहीं था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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मानव प्रजातियों (Human Races) के वर्गीकरण, उनके भौगोलिक वितरण तथा शारीरिक लक्षणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रिफ़िथ टेलर (Griffith Taylor) के 'प्रवास-कटीबंध सिद्धांत' (Migration-Zone Theory) के अनुसार, मानव प्रजातियों का उद्गम मध्य एशिया क्षेत्र में हुआ था, और जलवायु परिवर्तनों के कारण जो प्रजातियाँ सबसे पहले उत्पन्न हुईं, वे विस्थापन के कारण सबसे बाहरी और सीमांत क्षेत्रों (जैसे ऑस्ट्रेलिया के आदिवासियों या टसमानियाई लोगों) में धकेल दी गईं।
2. 'काकेशॉइड' (Caucasoid) प्रजाति के शारीरिक लक्षणों में आमतौर पर तीक्ष्ण और पतली नाक, सीधी या लहरदार बाल संरचना, और हल्के से मध्यम रंग की त्वचा शामिल होती है, तथा इस प्रजाति का प्राचीन विस्तार मुख्य रूप से यूरोप, मध्य पूर्व, उत्तर अफ्रीका और भारतीय उपमहाद्वीप तक पाया जाता है।
3. 'मंगोलॉइड' (Mongoloid) प्रजाति के लोगों की एक प्रमुख शारीरिक पहचान उनकी आँखों पर 'एपिकैंथिक फोल्ड' (Epicanthic fold) का पाया जाना है, जिसके कारण उनकी आँखें तिरछी या मुड़ी हुई प्रतीत होती हैं, और यह विशेषता अत्यधिक ठंडी जलवायु और बर्फीले क्षेत्रों में सुरक्षात्मक अनुकूलन के रूप में विकसित हुई है।
4. मानव प्रजातियों के वैज्ञानिक वर्गीकरण में त्वचा का रंग (Skin Color) और बालों की बनावट को सबसे स्थिर और अपरिवर्तनीय आनुवंशिक आधार माना जाता है, क्योंकि ये पर्यावरणीय दशाओं या जलवायु से कभी भी प्रभावित नहीं होते हैं तथा पीढ़ी-दर-पीढ़ी पूर्णतः एकसमान बने रहते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार के भूगर्भिक इतिहास और शैलतंत्र (Rock System) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार का दक्षिण-पूर्वी पठारी और पहाड़ी क्षेत्र (जैसे जमुई, बांका, नवादा और मुंगेर) प्राचीनतम आर्कियन युग की 'धारवाड़ क्रम' की चट्टानों से आच्छादित है, जिनमें नीस, सिस्ट और क्वाज्र्टाइट की प्रधानता पाई जाती है और यहीं देश के कुल स्वर्ण भंडार का एक बड़ा हिस्सा आरक्षित है।
2. कैमूर और रोहतास जिलों में पाई जाने वाली 'विंध्यन क्रम' की परतदार चट्टानें अत्यधिक प्राचीन हैं और ये मुख्यतः जीवाश्म-विहीन (Fossil-free) बलुआ पत्थर, चूना पत्थर और डोलोमाइट के विशाल भंडारों के लिए जानी जाती हैं।
3. उत्तर-बिहार के मैदान का निर्माण टर्शरी और क्वाटरनरी (नूतन) कल्प के जिक्षीय निक्षेपों (Alluvial Deposits) से हुआ है, जिसमें हिमालयी नदियों द्वारा लाए गए अवसादों का निरंतर जमाव होता रहा है।
4. दक्षिण-बिहार के टाल (Tal) क्षेत्र में पाई जाने वाली बलसुंदरी मृदा में फास्फोरस और ह्यूमस की अधिकता तथा चूने के कंकड़ की पूर्ण अनुपस्थिति होती है, जिसके कारण यह क्षेत्र केवल धान की खेती के लिए ही उपयुक्त माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारत के महान्यायवादी (Attorney General for India) और संसद (लोकसभा एवं राज्य सभा) की विधाई प्रक्रियाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 76 के तहत नियुक्त भारत का महान्यायवादी देश का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है, जिसे संसद के दोनों सदनों या उनकी संयुक्त बैठकों में बोलने और भाग लेने का अधिकार तो प्राप्त है, किंतु उसे संसद में किसी भी प्रस्ताव पर मतदान (Voting) करने का अधिकार नहीं होता है।
2. लोकसभा के स्थगन (Adjournment) और सत्रावसान (Prorogation) में यह अंतर है कि स्थगन पीठासीन अधिकारी द्वारा सदन की बैठक को कुछ समय या अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करता है, जबकि सत्रावसान राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है जिससे सदन का सत्र समाप्त हो जाता है और सत्रावसान होने पर लोकसभा में लंबित सभी विधेयक (Bills) स्वतः समाप्त हो जाते हैं।
3. राज्य सभा एक स्थायी सदन है जिसका विघटन नहीं होता है, और इसके एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष की समाप्ति पर सेवानिवृत्त होते हैं, तथा संविधान में राज्य सभा के सदस्यों का कार्यकाल निश्चित नहीं किया गया है बल्कि यह संसद द्वारा विधि बनाकर तय किया जाता है।
4. धन विधेयक (Money Bill) केवल लोकसभा में ही पुनः स्थापित किया जा सकता है, और यदि राज्य सभा इस पर अपनी सिफारिशें देने में 14 दिन की समयावधि से अधिक का विलंब करती है, तो उस विधेयक को दोनों सदनों द्वारा उसी रूप में पारित मान लिया जाता है जिस रूप में उसे लोकसभा ने पारित किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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